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युवक ने फांसी लगाकर जान दी
Updated Mon, 18 Sep 2017 02:03 AM IST
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हल्द्वानी। पत्नी के मायके जाने से परेशान युवक ने फांसी का फंदा लगाकर घर में ही खुदकुशी कर ली। उसकी छह महीने पहले ही शादी हुई थी। पत्नी तीन दिन पहले मायके गई थी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। पता चला है कि युवक नशे की गोलियां खाता था।
घटना कुमाऊं कालोनी दमुवाढूंगा की है। दीवान राम का 25 साल का बेटा महेश राम नैनीताल रोड पर प्लाईवुड की दुकान पर काम करता था। रविवार सुबह महेश के कमरे का दरवाजा देर तक नहीं खुलने पर घर वाले परेशान हो गए। उन्होंने आवाज दी मगर अंदर से कोई जवाब नहीं आया। पिता ने काठगोदाम पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो महेश की गर्दन पंखे से लटक रही थी। उसने चादर का फंदा बनाया था। उसके मुंह से झाग भी निकल रहा था। पिता दीवान राम ने बताया कि महेश की शादी 18 अप्रैल को अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा निवासी दीपा के साथ हुई थी। शनिवार की रात उसने खाना नहीं खाया था। सुबह कपड़े धोने के बाद उसने दरवाजा बंद कर लिया था। पिता के अनुसार वह नशे की गोलियों का भी सेवन करता था। महेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
पिता भी सुबह नशे में धुत था
हल्द्वानी। थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि जब पुलिस दीवान राम के घर पहुंची तो वह शराब पी रहा था। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।
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छह महीने में ही बिखर गए सपने
हल्द्वानी। महेश की मौत की सूचना मिलने के बाद पत्नी दीपा हल्द्वानी पहुंच गई। उसका रो रोकर बुरा हाल था। बदहवास होकर कह रही थी कि छह महीने में ही सब कुछ बर्बाद हो गया। गृहस्थी बसने से पहले ही उजड़ गई। जीवनसाथी मझधार में साथ छोड़कर चला गया। अब वह किसके सहारे रहेगी।
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घटना कुमाऊं कालोनी दमुवाढूंगा की है। दीवान राम का 25 साल का बेटा महेश राम नैनीताल रोड पर प्लाईवुड की दुकान पर काम करता था। रविवार सुबह महेश के कमरे का दरवाजा देर तक नहीं खुलने पर घर वाले परेशान हो गए। उन्होंने आवाज दी मगर अंदर से कोई जवाब नहीं आया। पिता ने काठगोदाम पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो महेश की गर्दन पंखे से लटक रही थी। उसने चादर का फंदा बनाया था। उसके मुंह से झाग भी निकल रहा था। पिता दीवान राम ने बताया कि महेश की शादी 18 अप्रैल को अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा निवासी दीपा के साथ हुई थी। शनिवार की रात उसने खाना नहीं खाया था। सुबह कपड़े धोने के बाद उसने दरवाजा बंद कर लिया था। पिता के अनुसार वह नशे की गोलियों का भी सेवन करता था। महेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
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पिता भी सुबह नशे में धुत था
हल्द्वानी। थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि जब पुलिस दीवान राम के घर पहुंची तो वह शराब पी रहा था। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।
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छह महीने में ही बिखर गए सपने
हल्द्वानी। महेश की मौत की सूचना मिलने के बाद पत्नी दीपा हल्द्वानी पहुंच गई। उसका रो रोकर बुरा हाल था। बदहवास होकर कह रही थी कि छह महीने में ही सब कुछ बर्बाद हो गया। गृहस्थी बसने से पहले ही उजड़ गई। जीवनसाथी मझधार में साथ छोड़कर चला गया। अब वह किसके सहारे रहेगी।