फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Corbett patrol and security questions

सवालों में कार्बेट पार्क की गश्त और सुरक्षा 

Mon, 21 Mar 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Mon, 21 Mar 2016 12:40 AM IST
विज्ञापन

हल्द्वानी। कार्बेट पार्क में हाथी कुंड में दो बाघों के शिकार की बात कही जा रही है। अगर यह बात अधिकारिक तौर पर प्रमाणित होती है, तो एक बार फिर से कार्बेट पार्क की सुरक्षा और गश्त सवालों में है। 

विज्ञापन


दिसंबर-2014 में कार्बेट पार्क  के झिरना जोन में कपार्टमेंट संख्या-3 में दस दिसंबर को हाथी का शव मिला था। इसकी उम्र आठ साल थी। कार्बेट प्रबंधन की टीम ने उसके अंग सुरक्षित मानते हुए राहत की सांस भले ली हो  लेकिन, उसकी गश्त और चौकसी पर अंगुली उठी थी।
विज्ञापन


जो हाथी का शव मिला था, वह  एक-दो नहीं बल्कि करीब 30 दिन तक पुराना बताया जा रहा था। शव का करीब कंकाल ही बच पाया था। हाथी जैसे वन्यजीव का शव जब कंकाल में तब्दील हो गया, तो बाकी अन्य वन्यजीवों का क्या होता होगा। जबकि हाथी के मरने के बाद चील मंडराने के साथ बदबू फैलती है, जिससे गश्ती टीम अगर सक्रिय है, तो उसे अंदाजा आ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस समय भी गश्त और सुरक्षा के हाल को लेकर बात सामने आयी थी। अब शिकारी के दो बाघों को हाथी कुंड में मारने की बात कही जा रही है, हालांकि जिसकी पुष्टि करने से कार्बेट प्रबंधन जल्दबाजी का तर्क दे रहा है। इससे भी कार्बेट पार्क की सुरक्षा, गश्त पर सवालों में है।

 कार्बेट पार्क में तैनात वन महकमे को केवल सुरक्षा से जुड़े कार्य करने होते हैं। जबकि दूसरी जगह पर वन विभाग को वन भूमि हस्तांतरण, प्लांटेशन से लेकर तस्कर, शिकारियों से भी निपटना होता है। कार्बेट पार्क को आपरेशन लार्ड, टाइगर प्रोजेक्ट आदि से भी पैसा मिलता है।

3 मई 2014 कार्बेट पार्क के कालागढ़ डिविजन के जमरिया ब्लाक में बाघ मरा मिला था। फिर 30 जून को कार्बेट पार्क कालागढ़ के ही सोनानदी क्षेत्र में बाघिन का शव मिलने से खलबली मच गई थी। यह वही, क्षेत्र हैं जहां पर सबसे ज्यादा शिकारियों के बाघ (वर्तमान में) के मारने का संदेह किया जा रहा था।


चार सितंबर 2014 को फिर कार्बेट पार्क में बाघ मरा मिला। मारे गए वन्यजीवों में कई स्वस्थ, तगड़े दिख रहे थे। ऐसे में मरे वन्यजीवों में कैनाइन डिस्टेपेंर वायरस(सीडीवी) का खतरा, वन्यजीवों को जहर आदि की आशंका उठी थी। जो बिसरा भेजा गया था, उसकी क्या रिपोर्ट है। उसको लेकर कार्बेट प्रबंधन की एक तरह से चुप्पी साधे रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed