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सड़क हादसों को रोकने के लिए बैठक कर बनाएंगे सांझी रणनीति: डीआईजी
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नैनीताल। सोमवार की देर रात चंपावत जिले में हुए सड़क हादसे के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आया है। डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने कहा है कि शीघ्र ही मंडल भर के लोनिवि, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और ऊर्जा निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर हादसों के लिहाज से खतरनाक सड़कों को चिह्नित कराते हुए हादसों की रोकथाम के उपायों पर अमल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस भी अपने क्षेत्रों में खतरनाक सड़कों की सूचना लोनिवि को उपलब्ध कराएगी।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में भरणे ने कहा कि कुमाऊं मंडल में अधिकांश क्षेत्रों में सड़कों के किनारे लगाए गए पैरापिट जगह-जगह क्षतिग्रस्त हैं। दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील सड़कों में कई जगह पैरापिट नहीं लगे हैं और सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं हैं। सड़कों में जगह जगह गड्ढे होने से भी हादसों का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की सड़कों में विद्युत व्यवस्था भी नहीं है। इन तमाम कारणों की वजह से भी पहाड़ पर सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। भरणे ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए शीघ्र ही संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। प्रत्येक थानाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील सड़कों और स्थानों की जानकारी लोनिवि को उपलब्ध कराएं ताकि लोनिवि वहां क्रेस बैरियर बनवा सके।
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मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में भरणे ने कहा कि कुमाऊं मंडल में अधिकांश क्षेत्रों में सड़कों के किनारे लगाए गए पैरापिट जगह-जगह क्षतिग्रस्त हैं। दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील सड़कों में कई जगह पैरापिट नहीं लगे हैं और सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं हैं। सड़कों में जगह जगह गड्ढे होने से भी हादसों का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की सड़कों में विद्युत व्यवस्था भी नहीं है। इन तमाम कारणों की वजह से भी पहाड़ पर सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। भरणे ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए शीघ्र ही संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। प्रत्येक थानाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील सड़कों और स्थानों की जानकारी लोनिवि को उपलब्ध कराएं ताकि लोनिवि वहां क्रेस बैरियर बनवा सके।
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