कुमाऊं के स्कूलों का हाल: 569 इंटर कॉलेज में से 100 में ही प्रधानाचार्य, कैसे दुरुस्त होगी व्यवस्था
कुमाऊं के पांच पर्वतीय जिलों के 569 इंटर कॉलेजों में से मात्र 100 में ही प्रधानाचार्य हैं, शेष 469 इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य विहीन हैं।
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शिक्षा व्यवस्था किस ढर्रे पर चल रही होगी इसका अंदाजा यहां के राजकीय विद्यालयों में मुखियाओं की कमी से लगाया जा सकता है। कुमाऊं के पांच पर्वतीय जिलों के 569 इंटर कॉलेजों में से मात्र 100 में ही प्रधानाचार्य हैं, शेष 469 इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य विहीन हैं।
कमोवेश ऐसी ही स्थिति राजकीय हाईस्कूलों की है। पांचों पर्वतीय जिलों में कुल 356 हाईस्कूल हैं। इनमें मात्र 93 में ही स्थायी प्रधानाचार्य हैं। शेष 273 हाईस्कूल प्रधानाचार्य विहीन हैं। इन विद्यालयों में प्रभारियों के भरोसे स्कूल की व्यवस्थाएं चल रहीं हैं। अमर उजाला की पड़ताल में यह हकीकत सामने आई है। जिन स्कलों में प्रधानाचार्य नहीं हैं, वहां के किसी विषय के प्रवक्ता को दोहरी जिम्मेदारी दी गई है। इससे संबंधित विषय की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
अल्मोड़ा
- अल्मोड़ा के 145 इंटर कॉलेज में से 132 मुखियाविहीन, सिर्फ 13 में तैनाती
- भैंसियाछाना और धौलादेवी ब्लॉक के किसी भी इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल नहीं
बागेश्वर
- बागेश्वर के 61 राजकीय इंटर कॉलेज में से 58 प्रधानाचार्य विहीन
- मात्र तीन में प्रधानाचार्य, शेष प्रभारी के भरोसे
पिथौरागढ़
- जिले में 128 इंटर कॉलेज इनमें मात्र 10 पर ही स्थायी प्रधानाचार्य
- 118 इंटर कॉलेज प्रभारियों के सहारे
चंपावत
- 105 राजकीय इंटर कालेज में से सिर्फ 14 में प्रिंसिपल
- चंपावत जीजीआईसी में प्रधानााचार्या नहीं
नैनीताल
- 130 जीआईसी में मात्र 60 में प्रधानाचार्य, शेष 70 प्रभारियों के भरोसे
कई विद्यालयों में प्रधानाचार्य नहीं है। नियुक्ति के लिए विभाग से पत्राचार किया गया है। जल्द प्रधानाचार्यों की कमी दूर हो जाएगी। -लीलाधर व्यास, अपर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा नैनीताल।