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उत्तराखंड: ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण मामले में हाईकोर्ट सख्त, याचिकाकर्ता को प्रति-शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश
Wed, 02 Sep 2026 10:15 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Wed, 02 Sep 2026 10:15 PM IST
सार
नैनीताल हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने याचिकाकर्ता को प्रति-शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता को प्रति-शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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मामले के अनुसार अल्मोड़ा निवासी जितेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने मॉडिफाइड साइलेंसर और वाहनों में तेज आवाज वाले एम्पलीफायर पर लगे प्रतिबंध को पूरी तरह लागू करने का दावा किया गया था लेकिन कोर्ट के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है, जिससे आम जनता और विशेषकर हृदय रोगियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार ने साइलेंस और रेजिडेंशियल जोन की अधिसूचना तो जारी कर दी है, लेकिन इन क्षेत्रों का उचित सीमांकन और वर्गीकरण नहीं किया गया है। जिन इलाकों को शांत क्षेत्र घोषित होना चाहिए था, वहां भी तेज शोर की समस्या लगातार बनी हुई है।
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