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चार माह में पूरा करें हाईवे चौड़ीकरण का काम : हाईकोर्ट
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प्रतीकात्मक फोटो।
नैनीताल। नेशनल हाईवे 58 के अंतर्गत देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और मुजफ्फरनगर में सड़क चौड़ीकरण का काम समय पर पूरा नहीं करने पर हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी को चार माह के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
हरिद्वार निवासी अख्तर मलिक ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2012-13 में नेशनल हाईवे संख्या 58 हरिद्वार, देहरादून, रुड़की और मुजफ्फरनगर का चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया गया था लेकिन यह कार्य तय समय में पूरा नहीं किया गया। इस वजह से राहगीरों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे हाईवे में बड़ी दुर्घटनाएं भी हो सकतीं हैं। इसलिए कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करवाया जाए।
हाईवे अथॉरिटी की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर कर कहा गया कि कार्य पूरा करने के लिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने कार्य पूरा करने के लिए चार माह का समय दिया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि पूर्व में कोर्ट की ओर से एनएच का कार्य पूरा करने के लिए ठेकेदार व हाईवे अथॉरिटी को 20 सितंबर 2019 तक का समय दिया गया लेकिन अब तक कार्य पूरा नहीं किया जा सका।
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कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि यदि ठेकेदार तय समय सीमा में कार्य पूरा नहीं करता है तो उसे नोटिस जारी कर ठेका निरस्त किया जाए। इसके बाद ठेकेदार का ठेका निरस्त कर उसे हटा दिया गया और नई टेंडर प्रक्रिया भी की गई। इसके बाद भी कार्य तय सीमा में नहीं किया जा सका। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हाईवे अथॉरिटी को चार माह के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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हरिद्वार निवासी अख्तर मलिक ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2012-13 में नेशनल हाईवे संख्या 58 हरिद्वार, देहरादून, रुड़की और मुजफ्फरनगर का चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया गया था लेकिन यह कार्य तय समय में पूरा नहीं किया गया। इस वजह से राहगीरों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे हाईवे में बड़ी दुर्घटनाएं भी हो सकतीं हैं। इसलिए कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करवाया जाए।
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हाईवे अथॉरिटी की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर कर कहा गया कि कार्य पूरा करने के लिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने कार्य पूरा करने के लिए चार माह का समय दिया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि पूर्व में कोर्ट की ओर से एनएच का कार्य पूरा करने के लिए ठेकेदार व हाईवे अथॉरिटी को 20 सितंबर 2019 तक का समय दिया गया लेकिन अब तक कार्य पूरा नहीं किया जा सका।
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कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि यदि ठेकेदार तय समय सीमा में कार्य पूरा नहीं करता है तो उसे नोटिस जारी कर ठेका निरस्त किया जाए। इसके बाद ठेकेदार का ठेका निरस्त कर उसे हटा दिया गया और नई टेंडर प्रक्रिया भी की गई। इसके बाद भी कार्य तय सीमा में नहीं किया जा सका। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हाईवे अथॉरिटी को चार माह के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।