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आओ दो बूंद खून देकर बचा लें किसी की जिंदगी
ब्यूरो/ हल्द्वानी
Updated Mon, 07 Mar 2016 12:34 AM IST
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सुशीला तिवारी और बेस अस्पताल के ब्लड बैंक खाली हो गए हैं। खून नहीं मिलने से दुर्घटनाओं में घायल दम तोड़ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में खून की कमी से आपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। बैंकों में रेयर तो दूर अब कॉमन ग्रुप का ब्लड नहीं है। ब्लड डोनेशन कैंप नहीं लगने से यह समस्या खड़ी हो गई है।
हल्द्वानी मंडल का चिकित्सा हब है। सुशीला तिवारी सबसे बड़ा अस्पताल भी है। कुमाऊं भर से रेफर मरीज सुशीला तिवारी अस्पताल ही पहुंचते हैं। नामी निजी अस्पताल होने से सामान्य आपरेशन से लेकर डिलीवरी के अधिकांश केस भी हल्द्वानी से आते हैं। हल्द्वानी में सुशीला तिवारी और बेस अस्पताल में ब्लड बैंक हैं।
दोनों ही बैंक डोनरों की मदद से संचालित होते हैं। इसके अलावा अस्पताल एवं सामाजिक संगठनों के ब्लड डोनेशन कैंप आयोजन से बैंकों में ब्लड एकत्र किया जाता है।
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पिछले एक महीने से दोनों ही ब्लड बैंकों में खून नहीं मिल रहा है।
रेयर ग्रुप के बाद अब कॉमन ग्रुप भी नहीं मिल रहा है। प्रसूता महिलाओं और दुर्घटना में घायलों के लिए खून की व्यवस्था करने के लिए तीमारदारों को दर दर भटकना पड़ रहा है।
संस्था ब्लड डोनेेशन के लिए लोगों को जागरूक करती है। पिछले कई सालों से अपने प्रयासों से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजन भी करते आई है। दोनों ही अस्पताल के ब्लड बैंकों में ब्लड नहीं है। कैंप आयोजन के लिए हल्द्वानी में कई संस्थाओं, स्कूलों और सिडकुल की फैक्ट्रियों में संपर्क किया जा रहा है, ताकि ब्लड की कमी दूर की जा सके।
- कौस्तुभानंद जोशी, संयोजक अभिनव भारत
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हल्द्वानी मंडल का चिकित्सा हब है। सुशीला तिवारी सबसे बड़ा अस्पताल भी है। कुमाऊं भर से रेफर मरीज सुशीला तिवारी अस्पताल ही पहुंचते हैं। नामी निजी अस्पताल होने से सामान्य आपरेशन से लेकर डिलीवरी के अधिकांश केस भी हल्द्वानी से आते हैं। हल्द्वानी में सुशीला तिवारी और बेस अस्पताल में ब्लड बैंक हैं।
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दोनों ही बैंक डोनरों की मदद से संचालित होते हैं। इसके अलावा अस्पताल एवं सामाजिक संगठनों के ब्लड डोनेशन कैंप आयोजन से बैंकों में ब्लड एकत्र किया जाता है।
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पिछले एक महीने से दोनों ही ब्लड बैंकों में खून नहीं मिल रहा है।
रेयर ग्रुप के बाद अब कॉमन ग्रुप भी नहीं मिल रहा है। प्रसूता महिलाओं और दुर्घटना में घायलों के लिए खून की व्यवस्था करने के लिए तीमारदारों को दर दर भटकना पड़ रहा है।
संस्था ब्लड डोनेेशन के लिए लोगों को जागरूक करती है। पिछले कई सालों से अपने प्रयासों से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजन भी करते आई है। दोनों ही अस्पताल के ब्लड बैंकों में ब्लड नहीं है। कैंप आयोजन के लिए हल्द्वानी में कई संस्थाओं, स्कूलों और सिडकुल की फैक्ट्रियों में संपर्क किया जा रहा है, ताकि ब्लड की कमी दूर की जा सके।
- कौस्तुभानंद जोशी, संयोजक अभिनव भारत