फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Cloud - forest farm become nectar lashed

अमृत बन कर खेत-जंगल पर बरसे मेघ

Fri, 22 Jul 2016 11:57 PM IST
विजेंद्र श्रीवास्तव
विजेंद्र श्रीवास्तव Updated Fri, 22 Jul 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
मेघ खेत और जंगल पर अमृत बन कर बरसे हैं। कृषि अधिकारियों को उम्मीद है कि इसी तरह बारिश होती रही तो इससे हजारों टन का धान का उत्पादन बढ़ सकता है। बारिश से जंगल भी लकदक होने की आस जंगलात को है। खासकर पिछले सालों में अर्द्ध भाबर, भाबर के इलाके में प्लांटेशन प्रभावित हो रहा था, वहां नया जंगल तैयार होगा। 
विज्ञापन


नैनीताल जिले में 27 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ की फसल बोयी गई है। इसमें भी 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में केवल धान ही लगाया गया है। इन काश्तकारों के साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों के बरसात ने चेहरेे खिला दिए हैं। पहले अनुमान था कि धान का 32 हजार टन तक उत्पादन होगा, लेकिन फिलहाल बारिश के ट्रेंड से अब उत्पादन 34 हजार टन तक बढ़ने का अनुमान है।
विज्ञापन


मुख्य कृषि अधिकारी डी. कुमार कहते हैं कि जिले में 40 प्रतिशत भूमि असिंचित है, इस बारिश से इस क्षेत्र को खासकर फायदा हुआ है। धान ही नहीं अन्य फसलों को भी लाभ होने की संभावना है, लेकिन 4500 हेक्टेयर में बोयी गई दलहन फसल (उड़द, सोयाबीन, अरहर आदि) को लेकर काश्तकारों को थोड़ा सचेत होने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर बारिश का पानी खेत में रुका तो नुकसान हो सकता है। इस बार पूरे सीजन में कुल 1400 मिलीमीटर बरसात होने की संभावना थी, लेकिन जिस तरह से इस बार बारिश हो रही है यह पैमाना और बढ़ सकता है। 

तीन साल बाद अर्द्ध भाबर और भाबर के इलाकों में भरपूर बारिश हो रही है। पश्चिम वृत्त वन संरक्षक सुरेंद्र मेहरा कहते हैं कि तराई केंद्रीय, तराई पूर्वी आदि वन प्रभागों में बीज बुआन विधि से मिश्रित वनों को तैयार करने की योजना पर काम किया जा रहा है, लेकिन पिछले सालों में बरसात कम होने से अपेक्षानुसार परिणाम नहीं आ रहे थे।


इस बार बरसात से भाखड़ा, बरहैनी, गदगदिया जैसे इलाकों में बीजों के बेहतर ढंग से अंकुरण और फिर पौधे तैयार होने की संभावना है। इस बार करीब 2000 हेक्टेयर में प्लांटेशन का लक्ष्य है, जिसमें बीज बुआन के अलावा पौधे रोपण कर प्लांटेशन का काम किया जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed