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कपाट बंद, हाईवे से ही किए बाबा के दर्शन
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भवाली (नैनीताल)। कैंची धाम के स्थापना दिवस पर कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार मंदिर के कपाट नहीं खुले तो लोगों ने हाईवे पर खड़े होकर नीब करौली बाबा के दर्शन किए। शाम तक करीब पांच हजार लोगों ने सड़क से ही बाबा को शीश नवाया। बाबा की आरती की गई। पुलिस की टीमें मुख्य मंदिर गेट पर मुस्तैद रहीं। एलआईयू टीम की चप्पे-चप्पे पर नजर रही।
पुलिस श्रद्धालुओं को सड़क और गेट से ही प्रार्थना कर आगे बढ़ने को कहती रही। नैनीताल सहित अन्य जिलों से पहुंचे श्रद्धालु सड़क से ही फोटो खींचते नजर आए। मंदिर समिति अध्यक्ष विनोद जोशी ने कहा कि इस साल कार्यक्रम सूक्ष्म रूप में किया गया। मंत्रोच्चारण के साथ बाबा को भोग लगाने के बाद पुजारियों ने देश दुनिया में शांति रखने के लिए बाबा से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि हर वर्ष स्थापना दिवस भव्य रूप लेता गया लेकिन वर्तमान में कोरोना महामारी ने सब स्तब्ध कर दिया।
ब्रह्म मुहुर्त में लगा महाभोग
मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद जोशी ने बताया कि ब्रह्म मुहुर्त में बाबा नीम करौली महाराज को मालपुए का महाभोग लगाया गया। दोपहर 12:27 बजे आम-केले का भोग लगाया गया। इसके बाद मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कोरोना महामारी को समाप्त करने और जनजीवन फिर से सामान्य होने की प्रार्थना की।
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घर में ही बाबा के चित्र पर लगाया गया भोग
भवाली (नैनीताल)। हजारों लोगों की मौजूदगी, दर्शन के लिए कई किमी लंबी लाइन, जय बाबा के नारे और दर्शन के बाद खास प्रसाद के रूप में माल-पुवे का भोग...।
भवाली से लेकर कैंची धाम और कैंची से आगे भी गरमपानी तक लोगों का यह हुजूम हर बार 15 जून को उमड़ता था। मौका होता था बाबा नीब करौली महाराज के कैंची मंदिर में वार्षिक भंडारे का। कई भक्त तो दो महीने पहले ही यहां पहुंचकर व्यवस्थाओं में लग जाते थे। मंदिर के मेले की शुरुआत होती थी बाबा को भोग लगाकर। मगर इस बार बाबा का भोग उनके भक्तों में अपने घरों में लगाया। भक्तों ने बाबा के चित्र पर भोग लगाकर उन्हें नमन किया। 15 जून को मंदिर का आलम यह होता था कि यहां एक लाख से ज्यादा लोग उमड़ते थे। भवाली से ट्रैफिक अल्मोड़ा के लिए वाया रामगढ़ डायवर्ट कर दिया जाता था ताकि कैंची में जाम नहीं लगे। इसके बावजूद भवाली से कैंची मंदिर तक भक्तों का रेला उमड़ता था। मगर इस बार यहां बिलकुल सादगी थी। कुछ स्थानीय लोगों को छोड़कर इस बार न तो यहां कतार थी, न ही मेले जैसा कोई माहौल। कैंची बिलकुल बदला हुआ।
दुनिया में फैले हैं भक्त
बाबा के भक्त पूरी दुनिया में फैले हैं। देश ही नहीं विदेश से भी 15 जून को यहां उनके भक्त पहुंचते थे। फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग सहित तमाम अन्य हस्तियां भी उनकी भक्त हैं।
सोशल मीडिया पर शेयरिंग
भक्तों ने सोशल मीडिया पर पिछले सालों के वीडियो, फोटो शेयर कर बाबा को नमन किया। उन्होंने लिखा है कि वे 15 जून को कैंची पहुंचना चाहते थे, मगर कोरोना के चलते ऐसा नहीं हो सका।
ऑनलाइन भेजी प्रार्थना
नैनीताल। मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप साह (भय्यू साह) ने बताया कि मंदिर के कपाट बंद है लेकिन भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई। इन दिनों सैकड़ों कॉल आ रही हैं। लोग ऑनलाइन प्रार्थना कर रहे हैं।
घर-घर पहुंचाया मालपुए का प्रसाद
हल्द्वानी। नवाबी रोड में बाबा के भक्तों ने मालपुए और सब्जी तैयार कर बाबा को भोग लगाया। बाद में आसपास के लोगों के घरों में प्रसाद पहुंचाया गया। सेवा करने वालों में डॉ. मयंक भट्ट, सागर साह, हेम जोशी, विनोद दानी, गोविंद बगड्वाल, राजीव जायसवाल, जगमोहन चिलवाल, दिनेश लोसाली, कमल जोशी आदि मौजूद थे।
शिप्रा कल्याण समिति ने रोपे पौधे
भवाली (नैनीताल)। सोमवार को कैंची धाम के पास शिप्रा नदी में शिप्रा कल्याण समिति अध्यक्ष जगदीश नेगी के नेतृत्व में सफाई अभियान चलाया गया। नदी के पास उतीस, बांज, चिनार, देवदार के 50 पौधे लगाए। सफाई कर 30 कट्टे कूड़ा एकत्र कर निस्तारण को भेजा गया। इस दौरान खष्टी बिष्ट, एलडी पालीवाल, त्रिवेंद्र साह, कंचन साह, प्रकाश आर्या, दीपा दानू, पारस दानू रहे।
खैरना-गरमपानी बाजार में श्रृद्धालुओं को बांटा प्रसाद
गरमपानी (नैनीताल)। फ्रॉग प्वाइंट होटल से जुड़े रोहित साह ने 500 पैकेट मालपुए का प्रसाद बनाकर खैरना, गरमपानी में लोगों को बांटा। इस दौरान योगेश त्रिपाठी, रमेश तिवारी, गगन त्रिपाठी मौजूद रहे।
श्रृद्धालुओं को बाबा की स्थापना दिवस पर पिलाया ठंडा पानी
भवाली (नैनीताल)। रानीखेत रोड स्थित दीप्ति फीलिंग स्टेशन के स्वामियों ने बाबा नीम करौली महाराज के स्थापना दिवस पर श्रृद्धालुओं को पानी पिलाने की परंपरा नहीं छोड़ी। उन्होंने इस बार भी जो भक्त भवाली से गुजर रहे थे उनके पीने के लिये पानी की बोतल की व्यवस्था कराई। इस मोहन जोशी, हेम जोशी,सुरेश जोशी,गोरव जोशी मौजूद रहे। वहीं कैंची मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारी के अलावा भोग लगाने में एमपी सिंह, राजेंद्र कांडपाल,भुवन बिष्ट, सुरेश फुलारा, ज्ञानी बिष्ट, नवनीत बिनवाल, अनिल शाह, गिरीश चंद्र तिवारी, पंकज निगल्टिया आदि ने सहयोग दिया।
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पुलिस श्रद्धालुओं को सड़क और गेट से ही प्रार्थना कर आगे बढ़ने को कहती रही। नैनीताल सहित अन्य जिलों से पहुंचे श्रद्धालु सड़क से ही फोटो खींचते नजर आए। मंदिर समिति अध्यक्ष विनोद जोशी ने कहा कि इस साल कार्यक्रम सूक्ष्म रूप में किया गया। मंत्रोच्चारण के साथ बाबा को भोग लगाने के बाद पुजारियों ने देश दुनिया में शांति रखने के लिए बाबा से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि हर वर्ष स्थापना दिवस भव्य रूप लेता गया लेकिन वर्तमान में कोरोना महामारी ने सब स्तब्ध कर दिया।
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ब्रह्म मुहुर्त में लगा महाभोग
मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद जोशी ने बताया कि ब्रह्म मुहुर्त में बाबा नीम करौली महाराज को मालपुए का महाभोग लगाया गया। दोपहर 12:27 बजे आम-केले का भोग लगाया गया। इसके बाद मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कोरोना महामारी को समाप्त करने और जनजीवन फिर से सामान्य होने की प्रार्थना की।
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घर में ही बाबा के चित्र पर लगाया गया भोग
भवाली (नैनीताल)। हजारों लोगों की मौजूदगी, दर्शन के लिए कई किमी लंबी लाइन, जय बाबा के नारे और दर्शन के बाद खास प्रसाद के रूप में माल-पुवे का भोग...।
भवाली से लेकर कैंची धाम और कैंची से आगे भी गरमपानी तक लोगों का यह हुजूम हर बार 15 जून को उमड़ता था। मौका होता था बाबा नीब करौली महाराज के कैंची मंदिर में वार्षिक भंडारे का। कई भक्त तो दो महीने पहले ही यहां पहुंचकर व्यवस्थाओं में लग जाते थे। मंदिर के मेले की शुरुआत होती थी बाबा को भोग लगाकर। मगर इस बार बाबा का भोग उनके भक्तों में अपने घरों में लगाया। भक्तों ने बाबा के चित्र पर भोग लगाकर उन्हें नमन किया। 15 जून को मंदिर का आलम यह होता था कि यहां एक लाख से ज्यादा लोग उमड़ते थे। भवाली से ट्रैफिक अल्मोड़ा के लिए वाया रामगढ़ डायवर्ट कर दिया जाता था ताकि कैंची में जाम नहीं लगे। इसके बावजूद भवाली से कैंची मंदिर तक भक्तों का रेला उमड़ता था। मगर इस बार यहां बिलकुल सादगी थी। कुछ स्थानीय लोगों को छोड़कर इस बार न तो यहां कतार थी, न ही मेले जैसा कोई माहौल। कैंची बिलकुल बदला हुआ।
दुनिया में फैले हैं भक्त
बाबा के भक्त पूरी दुनिया में फैले हैं। देश ही नहीं विदेश से भी 15 जून को यहां उनके भक्त पहुंचते थे। फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग सहित तमाम अन्य हस्तियां भी उनकी भक्त हैं।
सोशल मीडिया पर शेयरिंग
भक्तों ने सोशल मीडिया पर पिछले सालों के वीडियो, फोटो शेयर कर बाबा को नमन किया। उन्होंने लिखा है कि वे 15 जून को कैंची पहुंचना चाहते थे, मगर कोरोना के चलते ऐसा नहीं हो सका।
ऑनलाइन भेजी प्रार्थना
नैनीताल। मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप साह (भय्यू साह) ने बताया कि मंदिर के कपाट बंद है लेकिन भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई। इन दिनों सैकड़ों कॉल आ रही हैं। लोग ऑनलाइन प्रार्थना कर रहे हैं।
घर-घर पहुंचाया मालपुए का प्रसाद
हल्द्वानी। नवाबी रोड में बाबा के भक्तों ने मालपुए और सब्जी तैयार कर बाबा को भोग लगाया। बाद में आसपास के लोगों के घरों में प्रसाद पहुंचाया गया। सेवा करने वालों में डॉ. मयंक भट्ट, सागर साह, हेम जोशी, विनोद दानी, गोविंद बगड्वाल, राजीव जायसवाल, जगमोहन चिलवाल, दिनेश लोसाली, कमल जोशी आदि मौजूद थे।
शिप्रा कल्याण समिति ने रोपे पौधे
भवाली (नैनीताल)। सोमवार को कैंची धाम के पास शिप्रा नदी में शिप्रा कल्याण समिति अध्यक्ष जगदीश नेगी के नेतृत्व में सफाई अभियान चलाया गया। नदी के पास उतीस, बांज, चिनार, देवदार के 50 पौधे लगाए। सफाई कर 30 कट्टे कूड़ा एकत्र कर निस्तारण को भेजा गया। इस दौरान खष्टी बिष्ट, एलडी पालीवाल, त्रिवेंद्र साह, कंचन साह, प्रकाश आर्या, दीपा दानू, पारस दानू रहे।
खैरना-गरमपानी बाजार में श्रृद्धालुओं को बांटा प्रसाद
गरमपानी (नैनीताल)। फ्रॉग प्वाइंट होटल से जुड़े रोहित साह ने 500 पैकेट मालपुए का प्रसाद बनाकर खैरना, गरमपानी में लोगों को बांटा। इस दौरान योगेश त्रिपाठी, रमेश तिवारी, गगन त्रिपाठी मौजूद रहे।
श्रृद्धालुओं को बाबा की स्थापना दिवस पर पिलाया ठंडा पानी
भवाली (नैनीताल)। रानीखेत रोड स्थित दीप्ति फीलिंग स्टेशन के स्वामियों ने बाबा नीम करौली महाराज के स्थापना दिवस पर श्रृद्धालुओं को पानी पिलाने की परंपरा नहीं छोड़ी। उन्होंने इस बार भी जो भक्त भवाली से गुजर रहे थे उनके पीने के लिये पानी की बोतल की व्यवस्था कराई। इस मोहन जोशी, हेम जोशी,सुरेश जोशी,गोरव जोशी मौजूद रहे। वहीं कैंची मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारी के अलावा भोग लगाने में एमपी सिंह, राजेंद्र कांडपाल,भुवन बिष्ट, सुरेश फुलारा, ज्ञानी बिष्ट, नवनीत बिनवाल, अनिल शाह, गिरीश चंद्र तिवारी, पंकज निगल्टिया आदि ने सहयोग दिया।