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बड़ा सवाल: आखिर क्यों...दुर्घटना के बाद ही क्यों जागता है परिवहन विभाग? 12 घंटे में 205 वाहनों के चालान काटे

Fri, 07 Jun 2024 06:53 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 07 Jun 2024 06:53 AM IST
सार

पतलोट में हुई दुर्घटना के दूसरे दिन परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर 12 घंटे में ही 205 वाहनों के चालान काट दिए। तीन वाहनों की फिटनेस निरस्त कर दी और तीन वाहनों के परमिट निरस्त करने की संस्तुति भी की।

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Challans issued to 205 vehicles in 12 hours after the accident in nainital
दुर्घटना के बाद ही क्यों जागता है परिवहन विभाग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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पर्वतीय और मैदानी रूट पर जब जब सड़क हादसे होते हैं तो उसके तुरंत बाद परिवहन विभाग की नींद खुलती है और वह ताबड़तोड़ चैकिंग अभियान चलाकर वाहनों के चालान करने में जुट जाता है। विभाग की यह कार्रवाई दिखावे से ज्यादा कुछ नहीं जो कि हादसों के एक दो दिन तक चलती है और उसके बाद फिर से महीनों तक चैकिंग जैसी कोई कार्रवाई नहीं होती है। पतलोट में हुई दुर्घटना के दूसरे दिन परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर 12 घंटे में ही 205 वाहनों के चालान काट दिए। तीन वाहनों की फिटनेस निरस्त कर दी और तीन वाहनों के परमिट निरस्त करने की संस्तुति भी की।

पतलोट हादसे के बाद अधिकारी हरकत में आए और बृहस्पतिवार को चालान करने के लिए पर्वतीय रूट पर पांच अलग अलग टीमें उतार दी गई। जैसे ही अधिकारी चैकिंग करने लगे तो टैक्सी चालकों का तंत्र सक्रिय हुआ और सड़कों में एक छोर से दूसरे छोर तक चैकिंग की बात एक दूसरे तक पहुंचा दी गई और देखते ही देखते पर्वतीय रूट में अधिकांश ओवरलोड चलने वाले वाहन सड़कों से गायब हो गए। इसके बाद भी परिवहन विभाग की टीम ने 205 वाहनों के चालान किए। जिसमें 13 यात्री वाहनों का ओवरलोड में चालान किया गया। इसके अतिरिक्त छह बिना फिटनेस, पांच बिना परमिट, 13 बिना कर, छह बिना डीएल के चालान किए गए। पर्वतीय क्षेत्रों में ओवरलोडिंग के लिए प्रयोग किए जाने में अनधिकृत कैरियर के 26 वाहनों के चालान किए गए। तीन वाहनों की फिटनेस मार्ग में निरस्त भी की गई है। इसके अतिरिक्त तीन वाहनों के परमिट के खिलाफ कार्यवाही की संस्तुति की गयी है।

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हल्द्वानी में भी चला अभियान
बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग ने हल्द्वानी में भी अभियान चलाया। इस दौरान ओवर स्पीड दौड़ रहे 17 वाहनों के भी चालान किए गए। उधर 58 बिना हेल्मेट के वाहन चलाने और पीछे बैठे यात्री के पास हेल्मेट नहीं होने पर चालान किए गए।

ये वाहन पर्वतीय रूट पर हैं पास 

  • छोटी बसें 28 से 32 सीट पर
  • टैक्सी - पर्वतीय रूट में सात से 10 सीटर टैक्सी चलती है।
  • मैक्सी- पर्वतीय रूट पर चलने वाली मैक्सी आठ से 13 सीट में पास हैं।

सीट से अधिक सवारी भरने में इतने का होता है चालान

  • परिवहन विभाग का जुर्माना 200 रुपये प्रति सीट
  • आरटीए का जुर्माना 1000 रुपये प्रति सीट
  • रोड सेफ्टी के नियमों का पालन नहीं करने पर 2500 रुपये का जुर्माना लगता है।
  • बार-बार ओवरलोडिंग करने पर परमिट और चालक का लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है।

 

ओवरलोड की यहां करें शिकायत 

  • एआरटीओ प्रवर्तन - रश्मि भट्ट 9027115122
  • टीटीओ प्रवर्तन - प्रमोद चौधरी 9997243814

गाड़ी की छत पर सामान रखने के लिए कैरियर लगाया तो होगा 2500 का चालान
परिवहन विभाग सवारी वाहनों की छत में सामान रखने के लिए कैरियर लगाने पर भी कार्रवाई करेगा। आरटीओ प्रवर्तन नंद किशोर ने बताया कि सभी यूनियनों को पत्र भेजकर गुड्स कैरियर हटाने के लिए कहा है। कहा कि सोमवार से इस पर कार्रवाई की जाएगी। गुड्स कैरियर जब्त किए जाएंगे। साथ ही 2500 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

आरटीओ की जांच में आया सामने, नहीं थे पैरापिट
आरटीओ प्रवर्तन नंद किशोर ने बृहस्पतिवार को पतलोट में वाहन गिरने वाले स्थान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर वाहन खाई में गिरा वहां पर पैरापिट नहीं थे। उनकी जगह कोलतार के खाली ड्रमों में मिट्टी भरकर रखा गया था। जो गाड़ी टकराने के बाद नीचे चला गया। कहा कि पैरापिट होते तो वाहन खाई में नहीं जाता।

सड़क दुर्घटना में घायलों को एक घंटे में मिल जाना चाहिए इलाज
सड़क दुर्घटना में घायलों को एक घंटे के अंदर इलाज मिल जाना चाहिए। इसे गोल्डन घंटा कहा जाता है लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण ऐसे हादसों के दौरान घायलों को तुरंत इलाज नहीं मिल पाता है। इलाज में देरी ही कई बार घायलों के मौत का कारण बनती है।

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