Uttarakhand: CBI ने न्यायालय में कहा- IFS संजीव चतुर्वेदी कर रहे नाहक परेशान, जानिए वजह
सीबीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष अपने हलफनामे में उत्तराखंड कैडर के आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी पर नाहक परेशान करने का आरोप लगाया है। जानिए वजह...
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देश की प्रमुख जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष अपने हलफनामे में उत्तराखंड कैडर के आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी पर नाहक परेशान करने का आरोप लगाया है। पूर्व में 30 जनवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का अनुपालन न करने पर संजीव चतुर्वेदी द्वारा दायर याचिका पर 28 मार्च को जारी अवमानना नोटिस के जवाब में सीबीआई द्वारा यह हलफनामा दायर किया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट की एकल न्यायाधीश ने सीबीआई को सभी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। एम्स, दिल्ली के मुख्य सतर्कता अधिकारी रहते संजीव चतुर्वेदी द्वारा विभिन्न भ्रष्टाचार के मामलों से संबंधित जांच की जानकारी सीबीआई को भेजी गई थी। सीबीआई ने अप्रैल अंतिम सप्ताह में दायर अपने हलफनामे में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) में आरोप लगाया है कि अवमानना याचिका के माध्यम से याचिकाकर्ता द्वारा प्रतिवादी एजेंसी को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में गत सितंबर में दिल्ली उच्च न्यायालय ने दो वरिष्ठ सीबीआई अधिकारियों अवमानना नोटिस जारी किया था। अपने हलफनामे में सीबीआई ने दावा किया है कि अवमानना याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और वे कानूनी उपायों का लाभ उठा रहे हैं, जिन्हें अवमानना कार्यवाही शुरू करके विफल नहीं किया जा सकता है।
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चतुर्वेदी ने बताया कि यह विचित्र संयोग है कि 2022 में इसी तरह के एक मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत और विदेश से लाए गए काले धन के संबंध में संजीव चतुर्वेदी द्वारा मांगी गई जानकारी के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपने हलफनामे में भी यही आरोप लगाया था।