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सख्त कर्फ्यू के बीच घट गए मामले

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 18 May 2021 01:52 AM IST
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Cases reduced amid tight curfew
नैनीताल : सख्त कर्फ्यू के बीच 25 फीसदी कम हो गए मामले
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मनोज भट्ट
हल्द्वानी। जिले में कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसे देखते हुए सरकार कड़े फैसले लेने के साथ प्रशासन भी सख्ती कर रहा है। कड़ाई का असर यह है कि दो हफ्ते के भीतर कोरोना के 25 फीसदी मामले घटे हैं। यह आंकड़े सरकार के साथ लोगों को भी राहत देने वाले हैं।
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने एक अप्रैल से सख्ती कर दी थी। मास्क नहीं पहनने के साथ अन्य मामलों में जुर्माना बढ़ता गया। विवाह समारोह में 50 लोगों की संख्या को सरकार ने अप्रैल के शुरुआती हफ्ते में 25 और फिर 20 कर दिया। जनता की रोजमर्रा की जरूरत से जुडीं दुकानें खोलने की समयसीमा भी 2 बजे से घटाकर दस बजे की गई। वायरस से लड़ाई में सरकार का यह फॉर्मूला असरदार साबित होता दिख रहा है। सख्त कर्फ्यू के बीते हफ्ते (3 से 9 मई) और सख्त कर्फ्यू के बीच (11 से 18 मई) के कोरोना मामलों की तुलना की गई तो राहत देने वाले आंकड़े सामने आए। सामने आया कि इस हफ्ते के मामले 3 से नौ मई के मामलों से 25 फीसदी कम हो गए हैं। साथ ही मौत के आंकड़ाें में भी कमी आई है। अब लॉकडाउन 25 मई तक जारी रहेगा।
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18 कोविड अस्पताल और 17 जांच केंद्र जिले में
बता दें कि नैनीताल जिले में कोरोना से लड़ने के लिए सरकार लगातार तैयारी कर रही है। जिले में कोरोना जांच के करीब 17 केंद्र चल रहे हैं। इसके अलावा कोरोना मरीजों को भर्ती करने के लिए एसटीएच समेत 18 अस्पताल चल रहे हैं। इनमें 17 सरकारी हैं। साथ ही 59 कोविड केयर सेंटर संचालित हो रहे हैं। यह आंकड़े 27 अप्रैल को सरकारी की ओर से जारी किए गए थे।
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नैनीताल ब्लैक फंगस के प्रकोप से बचा
कोरोना के प्रकोप के बीच कुमाऊं में ब्लैक फंगस के तीन मामले आ चुके हैं। इनमें दो मरीज ऊधमसिंह नगर और एक मामला अल्मोड़ा जिले का है। हालांकि नैनीताल में इसका एक भी मामला सामने नहीं आया है। अब कोरोना के साथ-साथ लोगों में ब्लैक फंगस का डर भी बैठ गया है। हालांकि लाखों की आबादी वाले कुमाऊं केवल तीन मामले आने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित नहीं है। बता दें कि अमेरिका के सीडीसी के मुताबिक म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस एक दुर्लभ फंगल इंफेक्शन है, लेकिन ये गंभीर इंफेक्शन है जो मोल्ड्स या फंगी के एक समूह की वजह से होता है। ये मोल्ड्स पूरे पर्यावरण में जीवित रहते हैं। ये साइनस या फेफड़ों को प्रभावित करता है। आंखों में लालपन या दर्द, बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस में तकलीफ साफ-साफ दिखाई नहीं देना, उल्टी में खून आना और मानसिक स्थिति में बदलाव ब्लैक फंगस के लक्षण हो सकते हैं।
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