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Nainital News: कैंसर संस्थान में बदइंतजामी का कैंसर

Thu, 15 May 2025 02:35 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Thu, 15 May 2025 02:35 AM IST
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Cancer of mismanagement in cancer institute
हल्द्वानी। स्वामी राम कैंसर संस्थान को स्टेट कैंसर संस्थान बनाने की कवायद चल रही है। मगर सच्चाई यह है कि कई वर्षों बाद भी कुमाऊं के इस महत्वपूर्ण संस्थान में बदइंतजामी का कैंसर बढ़ता जा रहा है। अब तक ऑक्सीजन प्लांट भी नहीं लगा। यहां न ईको मशीन मंगवाई गई और न ईको करने वाले डॉक्टर रखे गए हैं।
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देहरादून में जौलीग्रांट अस्पताल इसी के साथ-साथ बना था, जो आज उपलब्धियों से भरा संस्थान माना जाता है। हालत यह है कि इस संस्थान से रोजाना चार-पांच मरीजों को ईको टेस्ट के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) भेजा जाता है। स्टेट कैंसर संस्थान बनाने की तैयारियों के तहत पहले चरण का काम ब्रिडकुल देख रही है। कैंसर संस्थान में पहले से जो मशीनें हैं या मंगवाई जा रही हैं, न केवल उन्हें रखा जाएगा बल्कि 200 बेड का वार्ड भी बनेगा। इसके अलावा सर्विस ब्लॉक भी तैयार होगा। यहां कुमाऊं के हर जिले से प्रतिदिन 50 से 60 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। हृदय रोग से पीड़ित कई मरीजों को ईको टेस्ट के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया जाता है। संस्थान में अब तक ईको मशीन से मरीजों का उपचार नहीं किया गया। संस्थान के पास अपना ऑक्सीजन प्लांट भी नहीं है। यहां बाजार से ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदकर मरीजों को सांस दी जा रही है।
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40 बेड के लिए पांच नर्स थीं, फिर भी 64 नई भर्ती कर लीं
हल्द्वानी। कैंसर संस्थान में हाल ही में नई नियुक्त हुईं 64 स्थायी नर्सों में से 59 ने कार्यभार संभाल लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि संस्थान में मरीजों के लिए 40 बेड हैं, इन पर भी 18 से 20 मरीज ही भर्ती रहते हैं। मानकों के अनुसार छह बेड पर एक नर्स की ड्यूटी रहती है। यहां पहले से लगभग पांच नर्स कार्यरत हैं तो संस्थान ने 64 नर्स की क्यों नियुक्ति करवाई। अधिकारियों का कहना है कि स्टेट कैंसर संस्थान बनने के बाद जरूरत पड़ेगी। मगर ऐसा होने में अभी लगभग डेढ़-दो साल लगेंगे, तब तक सरकार पर भारी भरकम वित्तीय भार पड़ेगा। संस्थान में नर्सों की वर्तमान में ज्यादा जरूरत है ही नहीं।
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नया ऑक्सीजन प्लांट बनाया जा रहा है। ईको मशीन आ चुकी है और डॉक्टर की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव शासन को गया है। स्थायी 64 नर्सों में आधी करीब 34 नर्स सुशीला तिवारी अस्पताल को देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र भेजा है।
-डॉ. केसी पांडे, निदेशक, स्वामी राम कैंसर संस्थान
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