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कॉर्बेट में बनेगा तितली पार्क, एक हेक्टेयर में बनने वाले पार्क में तितलियों को आकर्षित करने वाले पौधे लगेंगे
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रामनगर (नैनीताल)। तितलियों के संरक्षण के लिए कॉर्बेट पार्क प्रशासन पार्क बनाने की तैयारी में है। इस पार्क में तितलियों के माहौल के हिसाब से पेड़ पौधे लगाए जाएंगे। ढेला जोन में एक हेक्टेयर में बनने वाले इस पार्क को जल्द पूरा किया जाएगा।
यूं तो कॉर्बेट पार्क बाघों, हाथियों और परिंदों के लिए मशहूर हैं, मगर यहां तितलियों की 150 से अधिक प्रजाति दिखाई देती हैं। इनके संरक्षण के लिए पार्क प्रशासन ढेला जोन में पार्क विकसित करेगा। पर्यटक विभिन्न प्रजातियों की तितलियां देख सकेंगे।
34 प्रकार के फूल और पौधे लगाए जाएंगे
ढेला में एक हेक्टेयर में बन रहे तितली पार्क में 34 प्रकार के पौधे रोपे जाएंगे। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि इन पौधों में आमबो, कामिनी, बारमसी, लालअंकोड, पिंक केरन, सतावरी, स्पाइडर प्लांट, गलगोटा, दिन का राजा, जैसमिन, गेरबेरा, कॉसमॉस, चम्पो, लैंटाना, जेत्रोफा, अवाद, करंज, गुलाब, बंगाली बवाल, गेंदा, लेपोमी, बटक वाई आदि लगाए जाएंगे। सीटीआर निदेशक ने बताया कि तितलियों के संरक्षण के लिए पार्क को विकसित किया जा रहा है, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।
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विश्व में तितलियों की 1500 प्रजातियां
ढेला के रेंजर संदीप गिरी ने बताया कि विश्व में 1500 से अधिक प्रजाति की तितलियां हैं। इन्हें देखने का सबसे अच्छा समय सूर्योदय या सूर्यास्त का होता है। एक तितली एक बार में 100 या उससे अधिक अंडे देती है। कॉर्बेट पार्क में पहाड़ियां और जंगल हैं, जो तितलियों के लिए अनुकूल है। तितलियों का अधिक से अधिक संख्या और प्रजातियों के किसी एक जगह पर होना उस जगह की जैव विविधता का एक समृद्ध सूचक होता है।
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यूं तो कॉर्बेट पार्क बाघों, हाथियों और परिंदों के लिए मशहूर हैं, मगर यहां तितलियों की 150 से अधिक प्रजाति दिखाई देती हैं। इनके संरक्षण के लिए पार्क प्रशासन ढेला जोन में पार्क विकसित करेगा। पर्यटक विभिन्न प्रजातियों की तितलियां देख सकेंगे।
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34 प्रकार के फूल और पौधे लगाए जाएंगे
ढेला में एक हेक्टेयर में बन रहे तितली पार्क में 34 प्रकार के पौधे रोपे जाएंगे। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि इन पौधों में आमबो, कामिनी, बारमसी, लालअंकोड, पिंक केरन, सतावरी, स्पाइडर प्लांट, गलगोटा, दिन का राजा, जैसमिन, गेरबेरा, कॉसमॉस, चम्पो, लैंटाना, जेत्रोफा, अवाद, करंज, गुलाब, बंगाली बवाल, गेंदा, लेपोमी, बटक वाई आदि लगाए जाएंगे। सीटीआर निदेशक ने बताया कि तितलियों के संरक्षण के लिए पार्क को विकसित किया जा रहा है, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।
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विश्व में तितलियों की 1500 प्रजातियां
ढेला के रेंजर संदीप गिरी ने बताया कि विश्व में 1500 से अधिक प्रजाति की तितलियां हैं। इन्हें देखने का सबसे अच्छा समय सूर्योदय या सूर्यास्त का होता है। एक तितली एक बार में 100 या उससे अधिक अंडे देती है। कॉर्बेट पार्क में पहाड़ियां और जंगल हैं, जो तितलियों के लिए अनुकूल है। तितलियों का अधिक से अधिक संख्या और प्रजातियों के किसी एक जगह पर होना उस जगह की जैव विविधता का एक समृद्ध सूचक होता है।