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पत्नी को दिल्ली से लाया और गला घोंटकर जला दिया
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हल्द्वानी, बैलपड़ाव क्षेत्र में जला कर मारी गई महिला अनिता की फाइन ।
हल्द्वानी। अवैध संबंधों के शक में दिल्ली के एक युवक ने अपने दोस्त की मदद से पत्नी को गला घोंटकर मार डाला और शव का जलाकर बेलपोखरा इलाके में फेंक दिया। इसका खुलासा 14 दिन बाद हुआ जब पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पत्नी टीवी कलाकार थी।
बहुउद्देशीय भवन में रविवार को एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने पत्रकारों को बताया कि 31 जनवरी को बैलपोखरा क्षेत्र में एक खेत में महिला का जला हुआ शव मिला था। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और रामनगर सीओ के निर्देशन में पुलिस की एक टीम इस मामले जांच कर रही थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज में कार के मूवमेंट और नंबर प्लेट का पता लगाया तो मामला खुल गया। पता चला कि कार चकलुआ निवासी रमनजीत सिंह की है। रमनजीत ने पुलिस को बताया कि 30 जनवरी को कार उसके जीजा धर्मपुर चूनाखान निवासी कुलदीप सिंह मांगकर ले गए थे। पुलिस ने मंगलवार की शाम गडेरी नदी पुल के पास कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
कुलदीप ने बताया कि दिल्ली के बदरपुर बार्डर का रहने वाला रविंद्र पाल सिंह आहूजा उसका दोस्त है, जो मूल रूप से पंजाब के फिरोजपुर जिले के एकता कालोनी गली नंबर दो अबोहर का रहने वाला है। रविंद्र से उसकी दोस्ती दिल्ली में उमेश ने कराई थी। कुलदीप के अनुसार रविंद्र पाल आहूजा अपनी पत्नी अनीता पर शक करता था। रविंद्र ने अपनी पत्नी की हत्या की है। पुलिस ने रविंद्र पाल को हरिद्वार जिले के चौकी खड़खड़ी मोतीचूर रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
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रविंद्र ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का संबंध कश्मीर के एक युवक से था। पत्नी के मोबाइल की चेटिंग देखने के बाद उसे यह जानकारी हुई। पहले भी उसने पत्नी ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी लेकिन सफल नहीं हो सकी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबिल आयल की जरीकेन, दो मोबाइल फोन, घटना के समय पहले गए आरोपियों के कपड़े बरामद कर लिए हैं।
योजना के तहत रविंद्र पाल पत्नी को बस से लेकर 30 जनवरी को रामनगर आया। रोडवेज के पास रविंद्र ने पत्नी की चाय में नींद की गोलियां डाल दी। रात साढ़े 12 बजे तीनों कार में बैठकर रामनगर से कालाढूंगी की तरफ आए। रात डेढ़ बजे जब अनीता बेहोश हो गई तो चूनाखान के पास रविंद्र ने डिग्गी से रस्सी निकालकर अनीता का गला घोंटा और मार डाला। अनीता की लाश को बैलपोखरा जाने वाले मार्ग ले जाया गया, जहां खेत में फेंक दिया और ऊपर से मोबिल आयल डालकर रविंद्र ने आग लगा दी। घटना के दूसरे दिन रविंद्र दिल्ली चला गया।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वाहन की तलाश करने के लिए 110 सीसीटीवी के फुटेज खंगाले। क्षेत्र के 30 संदिग्धों से कई दिनों तक पूछताछ की गई। थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने बताया कि फुटेज में एक कार के तड़के घटना स्थल की ओर जाने और 20 मिनट बाद लौटती दिखाई थी। पुलिस ने चूनाखान और कमोला धमोला मार्ग पर लगे कैमरों को चेक किया यहां किसी वाहन की मूवमेंट नजर नहीं आई। यहीं से शक गहरा गया। एक कैमरे की जांच में कार का नंबर ट्रेस हो गया। इसके बाद नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के 12 शो रूम एक्सपर्ट से तस्दीक कराने का प्रयास किया गया। काशीपुर, रामनगर और बाजपुर के 15 कार मैकेनिकों को फोटो दिखाकर वाहन की शिनाख्त की गई। अंत में पुलिस चकलुवा निवासी कार मालिक रमनजीत सिंह तक पहुंच गई।
पत्नी अनीता की हत्या करने के बाद रविंद्र पाल आहूजा अपने ही घर पर अपनी सालियों को मैसेज के जरिये झांसा देता रहा। पत्नी को जिंदा बताने के लिए वह पत्नी के मोबाइल फोन का प्रयोग करता था। वह मैसेज भेजता रहा कि अनीता आठ महीने की ट्रेनिंग करने मुंबई गई है।
थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत के अनुसार अनीता की पांच बहनें हैं। एक की शादी हो चुकी है और एक की मौत हो चुकी है। दो सालियां रविंद्र के साथ रहती हैं। सालियों ने समझा कि वे अनीता से मेसेज के सहारे बात कर रही है लेकिन मेसेज रविंद्र भेज रहा था। अनीता ने एक बच्चे को गोद लिया था। जब पकड़े जाने की सूचना कुलदीप ने फोन पर दी तो रविंद्र परेशान हो गया। उसने सालियों से कहा कि वह हरिद्वार स्नान करने के लिए जा रहा है। इधर, पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए पूरा जाल बिछा दिया था। हरिद्वार आने पर पुलिस ने रविंद्र पाल को धर दबोचा। रविंद्र ने बताया कि वह बैंक रिकवरी सहित कई काम करता है। हत्या करने के बाद रविंद्र ने अपनी साथी कुलदीप को फोन पर कहा था टेंशन न लें, पुलिस कुछ नहीं कर पाएगी।
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बहुउद्देशीय भवन में रविवार को एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने पत्रकारों को बताया कि 31 जनवरी को बैलपोखरा क्षेत्र में एक खेत में महिला का जला हुआ शव मिला था। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और रामनगर सीओ के निर्देशन में पुलिस की एक टीम इस मामले जांच कर रही थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज में कार के मूवमेंट और नंबर प्लेट का पता लगाया तो मामला खुल गया। पता चला कि कार चकलुआ निवासी रमनजीत सिंह की है। रमनजीत ने पुलिस को बताया कि 30 जनवरी को कार उसके जीजा धर्मपुर चूनाखान निवासी कुलदीप सिंह मांगकर ले गए थे। पुलिस ने मंगलवार की शाम गडेरी नदी पुल के पास कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
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कुलदीप ने बताया कि दिल्ली के बदरपुर बार्डर का रहने वाला रविंद्र पाल सिंह आहूजा उसका दोस्त है, जो मूल रूप से पंजाब के फिरोजपुर जिले के एकता कालोनी गली नंबर दो अबोहर का रहने वाला है। रविंद्र से उसकी दोस्ती दिल्ली में उमेश ने कराई थी। कुलदीप के अनुसार रविंद्र पाल आहूजा अपनी पत्नी अनीता पर शक करता था। रविंद्र ने अपनी पत्नी की हत्या की है। पुलिस ने रविंद्र पाल को हरिद्वार जिले के चौकी खड़खड़ी मोतीचूर रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
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रविंद्र ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का संबंध कश्मीर के एक युवक से था। पत्नी के मोबाइल की चेटिंग देखने के बाद उसे यह जानकारी हुई। पहले भी उसने पत्नी ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी लेकिन सफल नहीं हो सकी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबिल आयल की जरीकेन, दो मोबाइल फोन, घटना के समय पहले गए आरोपियों के कपड़े बरामद कर लिए हैं।
योजना के तहत रविंद्र पाल पत्नी को बस से लेकर 30 जनवरी को रामनगर आया। रोडवेज के पास रविंद्र ने पत्नी की चाय में नींद की गोलियां डाल दी। रात साढ़े 12 बजे तीनों कार में बैठकर रामनगर से कालाढूंगी की तरफ आए। रात डेढ़ बजे जब अनीता बेहोश हो गई तो चूनाखान के पास रविंद्र ने डिग्गी से रस्सी निकालकर अनीता का गला घोंटा और मार डाला। अनीता की लाश को बैलपोखरा जाने वाले मार्ग ले जाया गया, जहां खेत में फेंक दिया और ऊपर से मोबिल आयल डालकर रविंद्र ने आग लगा दी। घटना के दूसरे दिन रविंद्र दिल्ली चला गया।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वाहन की तलाश करने के लिए 110 सीसीटीवी के फुटेज खंगाले। क्षेत्र के 30 संदिग्धों से कई दिनों तक पूछताछ की गई। थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने बताया कि फुटेज में एक कार के तड़के घटना स्थल की ओर जाने और 20 मिनट बाद लौटती दिखाई थी। पुलिस ने चूनाखान और कमोला धमोला मार्ग पर लगे कैमरों को चेक किया यहां किसी वाहन की मूवमेंट नजर नहीं आई। यहीं से शक गहरा गया। एक कैमरे की जांच में कार का नंबर ट्रेस हो गया। इसके बाद नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के 12 शो रूम एक्सपर्ट से तस्दीक कराने का प्रयास किया गया। काशीपुर, रामनगर और बाजपुर के 15 कार मैकेनिकों को फोटो दिखाकर वाहन की शिनाख्त की गई। अंत में पुलिस चकलुवा निवासी कार मालिक रमनजीत सिंह तक पहुंच गई।
पत्नी अनीता की हत्या करने के बाद रविंद्र पाल आहूजा अपने ही घर पर अपनी सालियों को मैसेज के जरिये झांसा देता रहा। पत्नी को जिंदा बताने के लिए वह पत्नी के मोबाइल फोन का प्रयोग करता था। वह मैसेज भेजता रहा कि अनीता आठ महीने की ट्रेनिंग करने मुंबई गई है।
थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत के अनुसार अनीता की पांच बहनें हैं। एक की शादी हो चुकी है और एक की मौत हो चुकी है। दो सालियां रविंद्र के साथ रहती हैं। सालियों ने समझा कि वे अनीता से मेसेज के सहारे बात कर रही है लेकिन मेसेज रविंद्र भेज रहा था। अनीता ने एक बच्चे को गोद लिया था। जब पकड़े जाने की सूचना कुलदीप ने फोन पर दी तो रविंद्र परेशान हो गया। उसने सालियों से कहा कि वह हरिद्वार स्नान करने के लिए जा रहा है। इधर, पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए पूरा जाल बिछा दिया था। हरिद्वार आने पर पुलिस ने रविंद्र पाल को धर दबोचा। रविंद्र ने बताया कि वह बैंक रिकवरी सहित कई काम करता है। हत्या करने के बाद रविंद्र ने अपनी साथी कुलदीप को फोन पर कहा था टेंशन न लें, पुलिस कुछ नहीं कर पाएगी।