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बिना बैंडबाजे और बरातियों के ले आए दुल्हन
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रामनगर बाजपुर से शादी कर रामनगर पहुंचे दूल्हा-दुल्हन।
- फोटो : RAMNAGAR
रामनगर (नैनीताल)। लॉकडाउन के बाद क्षेत्र की पहली शादी बाकी शादियों से अलग थी। शिवलालपुर पांडे निवासी मुकेश सैनी बिना बैंडबाजे और बरातियों के बेहद सादगी से अपनी दुल्हन ले आए। उनकी शादी हर घर में चर्चा का विषय बन गई है।
शिवलालपुर पांडे निवासी राम सिंह के बेटे मुकेश सैनी की शादी बरहैनी बाजपुर के गांव वीरपुरी की रहने वाली बृजेश सैनी के साथ तय हुई थी। शादी 11 मार्च को होनी थी लेकिन फरवरी में किसी रिश्तेदार के गुजरने की वजह से शादी को टालना पड़ा। बृजेश के भाई राजू सैनी का बहन की शादी धूमधाम से करने का सपना तब धरा रहा गया, जब कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया।
कोरोना के चलते देश में लॉकडाउन लग गया और सभी काम ठप हो गए। सभी ने सोचा कि अब तो शादी सर्दियों में ही हो पाएगी लेकिन प्रशासन ने शादी की अनुमति दी तो मुकेश और बृजेश के परिजनों ने बिना देर किए एसडीएम कार्यालय में अर्जी लगा दी। अनुमति मिलते ही 16 अप्रैल को शादी में शामिल होने के लिए दुल्हन के घर दूल्हे के अलावा उसके पिता राम सिंह, माता सुखदेवी, चाचा किशोरी लाला और कार चालक आदिल हुसैन ही गए। दिन में बहुत सादगी से शादी हुई। दुल्हन पक्ष से भी भाई और बहन लक्ष्मी ही मौजूद रहे।
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पांच दिन पहले लगाई थी अर्जी
दोनों पक्षों की तरफ से अपने-अपने क्षेत्रों में एसडीएम कार्यालय में शादी से पांच दिन पहले अर्जी लगाई गई थी। पूरी जांच प्रक्रिया में तीन दिन का समय लगा और दोनों पक्षों को तीन दिन में ही मंजूरी मिल गई। अर्जी में दोनो पक्षों ने उन सभी के नाम बताए थे जो शादी में शामिल होने वाले थे।
जिन लोगों की शादी तय है, उनको प्रशासन की ओर से अनुमति दी जा रही है। अनुमति देने से पहले उन्हें शादी के दौरान पालन करने वाले नियमों के बारे में बताया जा रहा है। अब तक पांच से छह लोगों की तरफ से अनुमति मांगी गई है। -विजयनाथ शुक्ल, एसडीएम
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शिवलालपुर पांडे निवासी राम सिंह के बेटे मुकेश सैनी की शादी बरहैनी बाजपुर के गांव वीरपुरी की रहने वाली बृजेश सैनी के साथ तय हुई थी। शादी 11 मार्च को होनी थी लेकिन फरवरी में किसी रिश्तेदार के गुजरने की वजह से शादी को टालना पड़ा। बृजेश के भाई राजू सैनी का बहन की शादी धूमधाम से करने का सपना तब धरा रहा गया, जब कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया।
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कोरोना के चलते देश में लॉकडाउन लग गया और सभी काम ठप हो गए। सभी ने सोचा कि अब तो शादी सर्दियों में ही हो पाएगी लेकिन प्रशासन ने शादी की अनुमति दी तो मुकेश और बृजेश के परिजनों ने बिना देर किए एसडीएम कार्यालय में अर्जी लगा दी। अनुमति मिलते ही 16 अप्रैल को शादी में शामिल होने के लिए दुल्हन के घर दूल्हे के अलावा उसके पिता राम सिंह, माता सुखदेवी, चाचा किशोरी लाला और कार चालक आदिल हुसैन ही गए। दिन में बहुत सादगी से शादी हुई। दुल्हन पक्ष से भी भाई और बहन लक्ष्मी ही मौजूद रहे।
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पांच दिन पहले लगाई थी अर्जी
दोनों पक्षों की तरफ से अपने-अपने क्षेत्रों में एसडीएम कार्यालय में शादी से पांच दिन पहले अर्जी लगाई गई थी। पूरी जांच प्रक्रिया में तीन दिन का समय लगा और दोनों पक्षों को तीन दिन में ही मंजूरी मिल गई। अर्जी में दोनो पक्षों ने उन सभी के नाम बताए थे जो शादी में शामिल होने वाले थे।
जिन लोगों की शादी तय है, उनको प्रशासन की ओर से अनुमति दी जा रही है। अनुमति देने से पहले उन्हें शादी के दौरान पालन करने वाले नियमों के बारे में बताया जा रहा है। अब तक पांच से छह लोगों की तरफ से अनुमति मांगी गई है। -विजयनाथ शुक्ल, एसडीएम