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बड़े बांध राज्य के हित में नहीं : राजेंद्र सिंह
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हल्द्वानी रामपुर रोड स्थित उत्तराखंड वानिकी अनुसंधान संस्थान में बनाए गए बायोडायवर्सिटी पार्क
- फोटो : HALDWANI
हल्द्वानी। जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि बड़े बांध उत्तराखंड के हित में नहीं है। छोटे बांधों के जरिए आवश्यकताओं को पूरा किया जाना चाहिए। बड़े बांध बिगाड़ और विनाश करते हैं। छोटे-छोटे बांध बनाने से काफी लोगों को रोजगार दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ का पानी और मिट्टी को रोककर ही पलायन को रोका जा सकता है। छोटे नदियों के प्रबंधन, पुनर्जीवन में लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण के बढ़ते मामलों को लेकर भी चिंता जाहिर की। इससे पूर्व उन्होंने वन अनुसंधान में बायो डायवर्सिटी पार्क, कैक्टस व हर्बल गार्डन, रामायण वाटिका, बटर फ्लाई पार्क, पाम गार्डेन, इंटरपेटेंशन सेंटर आदि जगहों को देखा और विभाग के वन अनुसंधान शाखा द्वारा जैव विविधता संरक्षण के साथ लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यों की सराहना की। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी, वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट आदि मौजूद थे।
सोसायटी के जरिए कर सकते मदद
हल्द्वानी। मुख्य वन संरक्षक संजीव ने बताया कि कोरोना का प्रभाव खत्म होने के बाद यह स्थान लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सेंटर फॉर रिसर्च डेवलपमेंट कंजरवेशन ऑफ हिमालय फारेस्ट्री रिर्सोज नाम से सोसायटी बनाई गई है। इस सोसाइटी में कोई भी संस्था, व्यक्ति संरक्षण को लेकर चल रहे कार्यों में आर्थिक मदद कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जैव विविधता संरक्षण के लिए राज्य में अलग- अलग स्थानों कार्य किए जा रहे हैं।
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कीटभक्षी पौधों को लगाया गया
हल्द्वानी। वन अनुसंधान ने लोगों को कीटभक्षी पौधों के बारे में जानकारी देने का भी प्रयास किया है। इसी के तहत नर्सरी में चार प्रजातियों के कीटभक्षी पौधों को लगाया गया है। वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट ने बताया कि इसमें संख्या और बढ़ाई जाएगी।
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उन्होंने कहा कि पहाड़ का पानी और मिट्टी को रोककर ही पलायन को रोका जा सकता है। छोटे नदियों के प्रबंधन, पुनर्जीवन में लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण के बढ़ते मामलों को लेकर भी चिंता जाहिर की। इससे पूर्व उन्होंने वन अनुसंधान में बायो डायवर्सिटी पार्क, कैक्टस व हर्बल गार्डन, रामायण वाटिका, बटर फ्लाई पार्क, पाम गार्डेन, इंटरपेटेंशन सेंटर आदि जगहों को देखा और विभाग के वन अनुसंधान शाखा द्वारा जैव विविधता संरक्षण के साथ लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यों की सराहना की। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी, वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट आदि मौजूद थे।
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सोसायटी के जरिए कर सकते मदद
हल्द्वानी। मुख्य वन संरक्षक संजीव ने बताया कि कोरोना का प्रभाव खत्म होने के बाद यह स्थान लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सेंटर फॉर रिसर्च डेवलपमेंट कंजरवेशन ऑफ हिमालय फारेस्ट्री रिर्सोज नाम से सोसायटी बनाई गई है। इस सोसाइटी में कोई भी संस्था, व्यक्ति संरक्षण को लेकर चल रहे कार्यों में आर्थिक मदद कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जैव विविधता संरक्षण के लिए राज्य में अलग- अलग स्थानों कार्य किए जा रहे हैं।
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कीटभक्षी पौधों को लगाया गया
हल्द्वानी। वन अनुसंधान ने लोगों को कीटभक्षी पौधों के बारे में जानकारी देने का भी प्रयास किया है। इसी के तहत नर्सरी में चार प्रजातियों के कीटभक्षी पौधों को लगाया गया है। वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट ने बताया कि इसमें संख्या और बढ़ाई जाएगी।