{"_id":"5dfd21458ebc3e88182285ef","slug":"before-killing-bhuppi-culprit-switched-off-the-cctv-cameras-haldwani-news-hld3663616116","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या से पहले आरोपियों ने कर दिया था सीसीटीवी बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या से पहले आरोपियों ने कर दिया था सीसीटीवी बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी की हत्या से पहले आरोपियों ने अपनी दुकान के सीसीटीवी को बंद कर दिया था। डीवीआर की जांच में यह तथ्य सामने आया है। पुलिस का मानना है कि घटना को अंजाम देने के लिए आरोपी पहले से तैयारी कर चुके थे। मौका मिलते ही उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
हत्याकांड की जांच कर रही टीम ने चौराहे के आसपास के सीसीटीवी की डीवीआर को कब्जे में लिया। पुलिस ने हत्यारोपी सौरभ और गौरव की दुकान की सीसीटीवी के डीवीआर को भी कब्जे में लिया और जांच की तो कोई फोटोग्राफ नहीं मिला। पता चला कि घटना से पहले ही आरोपियों ने सीसीटीवी को बंद कर दिया था। इस तथ्य को साक्ष्य के रूप में पुलिस अदालत के समक्ष पेश करेगी। पुलिस का मानना है कि भुप्पी को मारने के लिए ही दोनों दुकान के बाहर असलहे के साथ खड़े थे।
मौका मिलते ही उन्होंने भूपेंद्र पांडे की स्कूटी रोककर वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद अपनी गाड़ी भी हत्यारोपियों ने एक पेट्रोल पंप के पास खड़ी की थी। घटना के बाद गौरव गाड़ी लेकर घर गया और परिजनों को लेकर फरार हो गया। पुलिस आरोपियों द्वारा घटना से पहले पैसा जुटाने की भी जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों की अन्य तैयारियों के साक्ष्य भी जुटाने में लगी है। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को भी कुछ लोगों के बयान लिए। पुलिस अन्य डीवीआर के फुटेज को भी खंगाल रही है।
विज्ञापन
सर्वदलीय बैठक आज
हल्द्वानी। भुप्पी हत्याकांड के मामले में सामाजिक और राजनीतिक दलों की शनिवार शाम चार बजे लोनिवि गेस्ट हाउस में बैठक होगी। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश नेगी ने बताया कि 15 दिसंबर को भुप्पी पांडे की हत्या हुई। इसमें लापरवाही के लिए जिम्मेदार लाइन हाजिर कोतवाल विक्रम राठौर को निलंबित नहीं किया गया। इस मामले में सभी सामाजिक और राजनीतिक दलों की एक सामूहिक बैठक शनिवार शाम चार बजे पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में की गई है। इसमें आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा।
भतीजे के साथ चाचा का हुआ पीपलपानी
हल्द्वानी। भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी के साथ ही उनके चाचा हरीश चंद्र पांडे का भी शुक्रवार को पीपलपानी किया गया। इस दौरान शहर के राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद थे। बता दें कि भूपेंद्र की हत्या से पहले ही उनके चाचा की मौत हो गई थी। पांडे परिवार पर एक साथ दो लोगों की मौत के चलते दुखों का पहाड़ गिर गया है।
विज्ञापन
हत्याकांड की जांच कर रही टीम ने चौराहे के आसपास के सीसीटीवी की डीवीआर को कब्जे में लिया। पुलिस ने हत्यारोपी सौरभ और गौरव की दुकान की सीसीटीवी के डीवीआर को भी कब्जे में लिया और जांच की तो कोई फोटोग्राफ नहीं मिला। पता चला कि घटना से पहले ही आरोपियों ने सीसीटीवी को बंद कर दिया था। इस तथ्य को साक्ष्य के रूप में पुलिस अदालत के समक्ष पेश करेगी। पुलिस का मानना है कि भुप्पी को मारने के लिए ही दोनों दुकान के बाहर असलहे के साथ खड़े थे।
विज्ञापन
मौका मिलते ही उन्होंने भूपेंद्र पांडे की स्कूटी रोककर वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद अपनी गाड़ी भी हत्यारोपियों ने एक पेट्रोल पंप के पास खड़ी की थी। घटना के बाद गौरव गाड़ी लेकर घर गया और परिजनों को लेकर फरार हो गया। पुलिस आरोपियों द्वारा घटना से पहले पैसा जुटाने की भी जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों की अन्य तैयारियों के साक्ष्य भी जुटाने में लगी है। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को भी कुछ लोगों के बयान लिए। पुलिस अन्य डीवीआर के फुटेज को भी खंगाल रही है।
विज्ञापन
सर्वदलीय बैठक आज
हल्द्वानी। भुप्पी हत्याकांड के मामले में सामाजिक और राजनीतिक दलों की शनिवार शाम चार बजे लोनिवि गेस्ट हाउस में बैठक होगी। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश नेगी ने बताया कि 15 दिसंबर को भुप्पी पांडे की हत्या हुई। इसमें लापरवाही के लिए जिम्मेदार लाइन हाजिर कोतवाल विक्रम राठौर को निलंबित नहीं किया गया। इस मामले में सभी सामाजिक और राजनीतिक दलों की एक सामूहिक बैठक शनिवार शाम चार बजे पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में की गई है। इसमें आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा।
भतीजे के साथ चाचा का हुआ पीपलपानी
हल्द्वानी। भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी के साथ ही उनके चाचा हरीश चंद्र पांडे का भी शुक्रवार को पीपलपानी किया गया। इस दौरान शहर के राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद थे। बता दें कि भूपेंद्र की हत्या से पहले ही उनके चाचा की मौत हो गई थी। पांडे परिवार पर एक साथ दो लोगों की मौत के चलते दुखों का पहाड़ गिर गया है।