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एसटीएच में बनेगा मानसिक रोग अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Fri, 23 Jan 2015 01:33 AM IST
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मानसिक रोगियों को इलाज के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। कुमाऊं में 50 बेड के मानसिक अस्पताल के लिए राज्य सरकार ने मेडिकल कालेज को प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल का निर्माण नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत होगा।
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सुशीला तिवारी अस्पताल की जमीन स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट के पास खाली पड़ी हैं। वन भूमि होने के कारण अभी जमीन हस्तांतरण का मामला नहीं सुलझा है। मेडिकल कालेज प्रशासन ने पूर्ण दस्तावेजों के साथ जमीन हस्तांतरण की फाइल राज्य सरकार को भेजी थी। जमीन हस्तांतरण से संबंधित फाइल केंद्र सरकार के पास लंबित पड़ी है। इसी जमीन पर 50 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। सरकार से आए आदेश के अनुसार फैकल्टी (संकाय) की संख्या, कर्मचारियों की आवश्यकता आदि का विवरण भेजने को कहा गया है।
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मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आरसी पुरोहित ने बताया कि एनएचएम के तहत अस्पताल का निर्माण होगा। जल निगम या यूपी निर्माण निगम से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल के निर्माण में लगभग 20 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। मानसिक रोग विभाग के एचओडी प्रोफेसर डा. एससी गोदियाल और असिस्टेंट प्रोफेसर डा. एम दास को छोड़कर कुमाऊं में कोई भी सरकारी मनोचिकित्सक नहीं है। मानसिक रोग अस्पताल बनने से प्रमाण पत्र बनने समेत अन्य सुविधाएं भी मरीजों को मिलेंगी।
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