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Nainital News: मजबूरियों को मात देकर बनीं मजबूत, बॉडी बिल्डिंग में बनाया कीर्तिमान
Sat, 15 Apr 2023 02:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 15 Apr 2023 02:09 AM IST
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हल्द्वानी। बॉडी बिल्डिंग को आमतौर पर पुरुषों का खेल माना जाता है। ऐसे में कोई महिला अगर बॉडी बिल्डिंग में भविष्य बनाने निकल जाए तो उसे समाज में कई तरह की बातें सुननी पड़ती हैं। शहर में आयोजित हो रहे 12वें फेडरेशन कप 2023 में इस बार महिलाएं भी प्रतिभाग करने पहुंची हैं। आयोजन के लिए उड़ीसा, मणिपुर और यूपी से पहुंचीं ये महिला प्रतिभागी समाज की उन दूसरी महिलाओं के लिए एक उदाहरण हैं जिनकी जिंदगी चूल्हे-चौके तक सीमित रह गई है।
दो बच्चों की मां हैं सरिता देवी
हल्द्वानी। मणिपुर निवासी थिग्बैजाम सरिता देवी दो बेटों की मां हैं। बच्चों को पढ़ाने के साथ ही बॉडी बिल्डिंग के क्षेत्र में अपना नाम कर रही हैं। सरिता 2017 में सिक्किम में हुई चैंपियनशिप में मिस इंडिया बनीं हैं। इसके अलावा मणिपुर में हुए राष्ट्रीय सीनियर जूनियर मास्टर्स चैंपियनशिप में महिला वर्ग का खिताब जीता। सरिता अपनी बहन की मदद से स्पोर्ट्स के लिए समय निकालकर तैयारी करती थीं। सरिता अपनी मेहनत से अब तक राज्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।
छुपछुप कर की तैयारी
हल्द्वानी। स्पोर्ट्स मॉडल के तौर पर प्रतिभाग कर रहीं बनारस की आंचल मिश्रा के माता-पिता का बचपन में ही निधन हो गया था। उन्हें स्कूल से ही खेलों में रूचि थी। स्कूल और फेडरेशन के सहयोग ने उन्हें हौसला दिया लेकिन बिन मां-बाप की बेटी की जिम्मेदारी लेने से बचने वालों ने उन्हें रोकना शुरू कर दिया। ऐसे में आंचल ने घरवालों से छुपकर स्कूल में प्रेक्टिस शुरू कर दी। स्कॉलरशिप के बलबूते उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। कबड्डी में स्टेट और नेशनल चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया। रेसलिंग और पॉवर लिफ्टिंग में मेडल जीत चुकीं आंचल लखनऊ की सेलिब्रिटी ट्रेनर बन चुकी हैं।
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थायराइड से बचने के लिए गई जिम बनीं राज्य की पहली बॉडी बिल्डर
हल्द्वानी। थायराइड से बचने के लिए देहरादून की 40 साल की प्रतिभा थपलियाल ने जिम जाना शुरू किया था। लगातार जिम करने के दौरान आए शारीरिक बदलाव ने उन्हें बॉडी बिल्डिंग की तरफ आकर्षित किया जिसके बाद चैपिंयनशिप में प्रतिभा ने नेशनल सीनियर वूमैन बॉडी बिल्डिंग चैपिंयन में गोल्ड मैडल जीत चुकी हैं। दो बच्चों की मां ने दो साल कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी हैं।
सेहत बनाने के लिए जिम गई शिवानी अब बन गई बॉडी बिल्डिर
हल्द्वानी। उड़ीसा से चैपिंयनशिप में स्पोर्ट्स मॉडल के लिए प्रतिभाग करने पहुंचींं शिवानी दास की शुरुआत जिम जाने से हुई। सेहत बनाने के लिए जिम जाना शुरू किया था। उनकी रूचि बॉडी बिल्डिंग में बढ़ने लगी। फेडरेशन के सहयोग से 24 शिवानी ने स्टेट लेवल चैंपियनशिप स्पोर्ट्स मॉडल के तौर पर प्रतिभाग किया। शिवानी अब तक तीन बार राज्य स्तर पर चैंपियन रह चुकी हैं। नेशनल में भी कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
देश भर से 400 बॉडी बिल्डर्स पहुंचे हल्द्वानी, आज दिखाएंगे प्रतिभा
हल्द्वानी। इंडियन बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन (आईबीबीएफ) और उत्तराखंड बॉडी बिल्डिंग एंड फिटनेस एसोसिएशन (यूबीबीएफए) की ओर से हल्द्वानी में शनिवार को वाटिका बैंक्वेट हॉल में सुबह 11 बजे से बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता होगी जो देर शाम तक चलेगी। उसके बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। शुक्रवार को देश भर से आए 400 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया।
यूबीबीएफए महासचिव मुकेश पाल ने बताया कि पंजीकृत 400 खिलाड़ियों में 50 महिलाएं भी हैं। शनिवार को केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट मुख्य अतिथि रहेंगे। प्रतियोगिता के देर रात तक चलने के आसार हैं। यूबीबीएफए अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि प्रतियोगिता में कुल पांच लाख रुपये पुरस्कार राशि के तौर पर दिए जाएंगे। इस दौरान आईबीबीएफ महासचिव चेतन पठारिया, आईबीबीएफ सचिव हीलन सेठ, पद्मश्री और पूर्व मिस्टर इंडिया प्रेमचंद डोगरा, मोहन पाल आदि थे।
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दो बच्चों की मां हैं सरिता देवी
हल्द्वानी। मणिपुर निवासी थिग्बैजाम सरिता देवी दो बेटों की मां हैं। बच्चों को पढ़ाने के साथ ही बॉडी बिल्डिंग के क्षेत्र में अपना नाम कर रही हैं। सरिता 2017 में सिक्किम में हुई चैंपियनशिप में मिस इंडिया बनीं हैं। इसके अलावा मणिपुर में हुए राष्ट्रीय सीनियर जूनियर मास्टर्स चैंपियनशिप में महिला वर्ग का खिताब जीता। सरिता अपनी बहन की मदद से स्पोर्ट्स के लिए समय निकालकर तैयारी करती थीं। सरिता अपनी मेहनत से अब तक राज्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।
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छुपछुप कर की तैयारी
हल्द्वानी। स्पोर्ट्स मॉडल के तौर पर प्रतिभाग कर रहीं बनारस की आंचल मिश्रा के माता-पिता का बचपन में ही निधन हो गया था। उन्हें स्कूल से ही खेलों में रूचि थी। स्कूल और फेडरेशन के सहयोग ने उन्हें हौसला दिया लेकिन बिन मां-बाप की बेटी की जिम्मेदारी लेने से बचने वालों ने उन्हें रोकना शुरू कर दिया। ऐसे में आंचल ने घरवालों से छुपकर स्कूल में प्रेक्टिस शुरू कर दी। स्कॉलरशिप के बलबूते उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। कबड्डी में स्टेट और नेशनल चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया। रेसलिंग और पॉवर लिफ्टिंग में मेडल जीत चुकीं आंचल लखनऊ की सेलिब्रिटी ट्रेनर बन चुकी हैं।
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थायराइड से बचने के लिए गई जिम बनीं राज्य की पहली बॉडी बिल्डर
हल्द्वानी। थायराइड से बचने के लिए देहरादून की 40 साल की प्रतिभा थपलियाल ने जिम जाना शुरू किया था। लगातार जिम करने के दौरान आए शारीरिक बदलाव ने उन्हें बॉडी बिल्डिंग की तरफ आकर्षित किया जिसके बाद चैपिंयनशिप में प्रतिभा ने नेशनल सीनियर वूमैन बॉडी बिल्डिंग चैपिंयन में गोल्ड मैडल जीत चुकी हैं। दो बच्चों की मां ने दो साल कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी हैं।
सेहत बनाने के लिए जिम गई शिवानी अब बन गई बॉडी बिल्डिर
हल्द्वानी। उड़ीसा से चैपिंयनशिप में स्पोर्ट्स मॉडल के लिए प्रतिभाग करने पहुंचींं शिवानी दास की शुरुआत जिम जाने से हुई। सेहत बनाने के लिए जिम जाना शुरू किया था। उनकी रूचि बॉडी बिल्डिंग में बढ़ने लगी। फेडरेशन के सहयोग से 24 शिवानी ने स्टेट लेवल चैंपियनशिप स्पोर्ट्स मॉडल के तौर पर प्रतिभाग किया। शिवानी अब तक तीन बार राज्य स्तर पर चैंपियन रह चुकी हैं। नेशनल में भी कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
देश भर से 400 बॉडी बिल्डर्स पहुंचे हल्द्वानी, आज दिखाएंगे प्रतिभा
हल्द्वानी। इंडियन बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन (आईबीबीएफ) और उत्तराखंड बॉडी बिल्डिंग एंड फिटनेस एसोसिएशन (यूबीबीएफए) की ओर से हल्द्वानी में शनिवार को वाटिका बैंक्वेट हॉल में सुबह 11 बजे से बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता होगी जो देर शाम तक चलेगी। उसके बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। शुक्रवार को देश भर से आए 400 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया।
यूबीबीएफए महासचिव मुकेश पाल ने बताया कि पंजीकृत 400 खिलाड़ियों में 50 महिलाएं भी हैं। शनिवार को केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट मुख्य अतिथि रहेंगे। प्रतियोगिता के देर रात तक चलने के आसार हैं। यूबीबीएफए अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि प्रतियोगिता में कुल पांच लाख रुपये पुरस्कार राशि के तौर पर दिए जाएंगे। इस दौरान आईबीबीएफ महासचिव चेतन पठारिया, आईबीबीएफ सचिव हीलन सेठ, पद्मश्री और पूर्व मिस्टर इंडिया प्रेमचंद डोगरा, मोहन पाल आदि थे।