फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Be careful in fog, following traffic rules without reflector

Nainital News: कोहरे में संभलें, बिना रिफ्लेक्टर हो रहा यातायात नियमों का पालन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jan 2023 07:30 AM IST
विज्ञापन
Be careful in fog, following traffic rules without reflector
हल्द्वानी रामपुर रोड पर पुलिस द्वारा लगा गए वैरिकैड जिसमें रिफ्लेक्टर नही होने के कारण दूर से को?
हल्द्वानी। कोहरे में दुर्घटनाओं से बचने के लिए पुलिस नियमों का पाठ पढ़ा रही है। अभियान चलाकर निजी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं लेकिन खुद नियमों को ताक पर रखकर हादसों को दावत दे रही है। शहर में जगह-जगह दिन का ट्रैफिक संभालने के लिए बैरिकेड खडेे़ किए गए हैं, उनमें न तो रिफ्लेक्टर हैं और न ही मानकों का ध्यान रखा गया। रात में कोहरे के बीच वाहन चालकों को ये बैरिकेड दिखाई नहीं दे रहे हैं जिससे बाइकसवार लगातार चोटिल हो रहे हैं जबकि बड़े हादसे को अंदेशा बना हुआ है।
विज्ञापन

शहर की संकरी सड़कों पर यातायात को नियंत्रण करना पुलिस के लिए हमेशा चुनौती रहा है। इस वजह से पुलिस ने कई जगह डिवाइडर की तरह बैरिकेड लगा दिए हैं जिससे बेवजह के मोड़ों को बंद किया जा सके, लेकिन घने कोहरे में ये बैरिकेड कहीं जानलेवा साबित न हो जाएं। अचानक सड़क के बीच रखे गए इन बैरिकेड को कोहरे में देखना मुश्किल हो रहा है। शाम होते ही रामपुर रोड पर कोहरा छा जाता है। देवलचौड़ चौराहे पर रखे गए बैरिकेड तेज रफ्तार आने वाले वाहन चालकों को नहीं दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं बैरिकेड की कमी की वजह से पुलिस ने दो बैरिकेड के बीच रस्सी बांध रखी है जो नियमों के खिलाफ है।
विज्ञापन

पूर्व संकेत के लिए रिफ्लेक्टर का होना जरूरी
हल्द्वानी। बैरिकेड से पहले अगर पुलिस रिफ्लेक्टर (रात के समय लाइट पड़ते ही चमक उठने वाली पट्टी) भी लगवा दे तो वाहन चालक को पता चल जाएगा कि आगे बैरिकेड है और उसे संभलकर चलना है। तेज कोहरे में भी वाहन की लाइट पड़ते ही रिफ्लेक्टर चमक उठते हैं जिस वजह से संकेत को समझना आसान होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां लगे हैं बैरिकेड
हल्द्वानी। शहर में देवलचौड़ चौराहे पर, कोतवाली के सामने, एसडीएम कोर्ट के पास, एमबीपीजी डिग्री कॉलेज के सामने, मंगल पड़ाव आदि जगहों पर सड़कों पर पुलिस ने बैरिकेड से डिवाइडर बना रखे हैं। इनके अलावा अन्य स्थानों पर भी डिवाइडरों का इस्तेमाल होता रहता है।
-------
लोनिवि के डिवाइडरों के आगे भी नहीं है रिफ्लेक्टर
हल्द्वानी। लोनिवि के डिवाइडरों के आगे भी रिफ्लेक्टर नहीं हैं। कोहरे के समय अगर अचानक से कोई डिवाइडर सामने आ जाए तो डिवाइडर को समझना मुश्किल हो सकता है। यदि रिफ्लेक्टर हो तो इन डिवाइडरों को देखना भी आसान होगा।

-----
जहां पर लाइटों की व्यवस्था है। वहां पर रिफ्लेक्टर की जरूरत नहीं है, लेकिन ऐसी जगहों को चिह्नित किया जाएगा कि जहां पर बैरिकेड तो हैं लेकिन रिफ्लेक्टर नहीं है। बहुत जल्द यहां भी व्यवस्था कर दी जाएगी।
-जगदीश चंद्र, एसपी यातायात, हल्द्वानी।
-=-=-=-
ये हैं बैरिकेड लगाने के नियम
>> दो बैरिकेड के बीच तार या रस्सी लगाना गलत है। बैरिकेड के बीच रस्सी भी बंधी है।
>> बैरिकेड के आगे-पीछे रिफ्लेक्टर होने चाहिए।
>> बैरिकेड पर उत्तराखंड पुलिस को बोर्ड दूर से ही चमकना चाहिए।
>> जहां बैरिकेड लगाए जाएं वहां स्ट्रीट लाइट जली होनी चाहिए।
>> रात में बैरिकेड पर तैनात पुलिसकर्मी चमकदार जैकेट, टॉर्च और ड्रैगन लाइट के साथ होने चाहिए, ताकि वाहन चालकों को दूर से बैरिकेडिंग का पता चल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed