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डीएम साहब! प्यासे बच्चे कैसे गढ़ेंगे अपना भविष्य
ब्यूरो/अमर उजाला, ज्योलीकोट (नैनीताल)।
Updated Thu, 23 Mar 2017 01:23 AM IST
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नैनीताल का बदहाल स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। बुधवार को दुनिया भर में विश्व जल दिवस मनाया गया। वहीं, अपने जिले की एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई, जहां बूंद-बूंद पानी के लिए बच्चों को तरसना पड़ रहा है। यह तस्वीर है जिला मुख्यालय से महज 18 किमी दूर ग्राम गांजा में स्थित कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय छीणा गांजा और राजकीय प्राथमिक विद्यालय गांजा की। दोनों स्कूलों में कुल मिलाकर 31 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन गर्मी शुरू होते ही इनके सामने पानी का संकट शुरू हो गया है। इन स्कूलों में पेयजल कनेक्शन तक नहीं है।
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ज्योलीकोट से सटे तोक छीणा गांजा और तोक गांजा तक आते-आते सरकार की योजनाओं का दम निकल गया है। यहां स्थित कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 22 छात्र-छात्राएं जबकि प्राथमिक विद्यालय में 9 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। दोनों ही विद्यालयों में पेयजल की सरकारी व्यवस्था नहीं है। मिड-डे-मील बनाने के लिए भोजनमाताओं को काफी दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। ऐसे में सवाल लाजिमी है कि प्यासे बच्चे अपना भविष्य आखिर कैसे गढ़ेंगे।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सावित्री आर्या और प्राथमिक विद्यालय की गीता तिवारी बताती हैं कि वह, साथी शिक्षिकाएं और भोजनमाताएं द्वारा मिलकर बच्चों के पीने के लिए आसपास के घरों और पीएचसी से पानी की व्यवस्था करती हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, आस-पड़ोस से भी पानी मिलना कम हो जाता है।
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प्राथमिक विद्यालय वर्ष 1949 में और जूनियर हाईस्कूल 1995 में स्थापित हुआ था, लेकिन तब से आज तक इन दोनों स्कूलों में पानी का कनेक्शन नहीं पहुंच सका। जूनियर हाईस्कूल में चार वर्ष पूर्व पानी के लिए टैंक बनाया गया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी जल संस्थान ने न तो पेयजल कनेक्शन दिया और न ही विभाग के अधिकारियों ने इसमें रुचि ही दिखाई।
विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष ललित सिंह बताते हैं कि दोनों विद्यालयों में पानी के कनेक्शन के लिए दर्जनों पत्र विभाग को भेजे जा चुके हैं। जल संस्थान लाइनों में पानी की कमी बताता है। वहीं, नए स्रोत से लाइन बिछाने के लिए बजट नहीं मिल रहा है।
यह बात अलग है कि जल संस्थान बीते वर्षों में गांव में कई नए संयोजन दे चुका है। वहीं विद्यालय के पास ही स्वास्थ्य केंद्र की पेयजल लाइन में भरपूर पानी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी पानी देने के लिए राजी नहीं है। कन्या विद्यालय के पास रहने वाले जशोधर भट्ट 1995 में विद्यालय निर्माण के समय से ही स्कूल की पानी की जरूरत को पूरा कर रहे हैं और पानी के लिए कभी मना नहीं करते, लेकिन गर्मी में पानी कम होने से दिक्कतें बढ़ जाती है।
ज्योलीकोट (नैनीताल)। पानी की कमी संकुल के तमाम विद्यालयों में बनी हुई है। कई विद्यालयों में पिछले चार माह से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। संकुल प्रभारी नवीन पांडे ने बताया कि संकुल के प्राथमिक विद्यालय गेठिया पड़ाव, ज्योली, नाइसिला, बेल, वीरभट्टी, मल्ला चोपड़ा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय आलूखेत और गेठिया में भी पेयजल संकट है। आलूखेत और गेठिया के विद्यालयों में तो पिछले चार महीनों से पानी नहीं आ रहा है।
ज्योलीकोट (नैनीताल)। राजकीय इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षाओं में विभिन्न विद्यालयों के 217 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं, लेकिन यहां भी बीते तीन दिन से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। प्रधानाचार्य कुंदन सिंह ने बताया कि इस संबंध में जल संस्थान को अवगत कराया गया, लेकिन कार्यवाही नहीं हुई।