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घर बनाया, तो चिड़ियों का कृत्रिम घोंसला भी बनाया
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Sat, 21 Mar 2015 02:21 AM IST
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कई लोग हैं, जिनको चिड़ियों के चहचहाने की चिंता है। उन्होंने अपना घर बनाया, तो उसमें चिड़ियों के लिए कृत्रिम घोंसले भी बनाए। इन घोंसलों में चिड़ियों की आवाज से घर गूंजता रहता है। कई लोगों को अमर उजाला से भी प्रेरणा मिली।
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गणेश विहार के छोटी मुखानी के नवीन चंद भट्ट कहते हैं कि तीन साल पहले अमर उजाला में गौरेया की रिपोर्ट पढ़ी। इसके बाद लकड़ी के कृत्रिम घोंसले बनाकर घर में लगाए। पानी के लिए बर्तन रखे। अब गौरेया यहां पर रहती है, उनकी आवाज मन को शांति देती है।
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लामाचौड़ निवासी गोविंद किरौला भी चिड़ियों के लिए फिक्रमंद है। उन्होंने अपने घर में कई तरह के चिड़ियों के कृत्रिम घोंसले बनाकर लगाए हैं। इनमें चिड़ियों की चहचहाट से पूरा घर गूंजता रहता है।
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देवलचौड़ खाम निवासी योगेंद्र पाल कहते हैं कि अमर उजाला में भी चिड़ियों के बारे में पढ़ा। उसके बाद से संरक्षण के लिए कोशिश कर रहा हूं। किशनपुर गांव निवासी नीरदिव बनकोटी भी चिड़ियों से जुड़ी जानकारी, फोटोग्राफ एकत्र कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। क्वीरा वर्मा भी घर में कृत्रिम घोंसले बनाकर लगाए हैं, जहां पर कई गौरेया रहती हैं। भीमताल के उत्तम सिंह सूर्या कहते हैं कि उनके घर में कई घोंसले हैं, जिनसे चिड़ियों के संरक्षण में मदद मिल रही है।