{"_id":"6271779c3b3f9443197f0062","slug":"arrested-for-cheating-crores-by-pretending-to-be-job-in-assembly-and-secretariat-haldwani-news-hld461467451","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधानसभा और सचिवालय में नौकरी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाला गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधानसभा और सचिवालय में नौकरी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाला गिरफ्तार
विज्ञापन
हल्द्वानी में मुखानी, रामनगर, बाजपुर, रुद्रपुर समेत अन्य शहरों में हुई हुई ठगी की घटना का खुलासा क?
हल्द्वानी। सैकड़ों लोगों से विधानसभा और सचिवालय समेत अन्य सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले मूल रूप से जैंती और हाल में जेल रोड हल्द्वानी निवासी रितेश पांडे को मुखानी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने करीब तीन करोड़ की ठगी की बात स्वीकार की है। वहीं पुलिस ने जालसाज और उसके रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच भी शुरू कर दी है।
25 अप्रैल 2022 को कमलुवागांजा निवासी नवीन चंद्र जोशी ने पुलिस में शिकायत कर बताया था कि आरोपी रितेश पांडे ने उनके साथी से नौकरी के नाम पर 4.50 लाख की ठगी की है। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। वहीं रामनगर के पीरूमदारा निवासी गजेंद्र सिंह के मुताबिक जालसाज ने नौकरी के नाम पर उनसे 11 लाख ऐंठे थे। नैनीताल निवासी कविता महेरा से भी सरकारी नौकरी के नाम पर 1,53,10000 रुपये की ठगी की थी। एक ही व्यक्ति के खिलाफ जालसाजी के इतने मामले दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी।
सोमवार देररात मुखानी पुलिस ने लामाचौड़ के पास से आरोपी रितेश पांडे को गिरफ्तार कर लिया और उससे बरामद फॉर्च्यूनर कार सीज कर ली है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने 80 से 90 लोगों के साथ नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी की बात को स्वीकारी है।
विज्ञापन
इस मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी हरबंस सिंह ने बताया कि आरोपी और उसकी दोनों पत्नियों समेत रिश्तेदारों की बेनामी संपत्ति की भी जांच की जा रही है। साथ ही जिले भर के थानों को आरोपी के खिलाफ पहुंचने वाली शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आठ साल पहले प्रकाश में आया था जालसाज का नाम
पुलिस के मुताबिक रितेश लंबे समय से लोगों को जालसाजी का शिकार बना रहा था। वर्ष 2014 में उसका नाम प्रकाश में आया था। इसके बाद से ही वह लगातार लोगों को निशाना बना रहा था। पूछताछ में आरोपी ने सचिवालय और विधानसभा में नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी की बात स्वीकार की है।
बैंक डिटेल से पता चली अब तक की ठगी की गई धनराशि
खुलासे के दौरान पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी के बैंक खाते खंगाले गए थे। उसी दौरान जालसाजी करके करोड़ों की धनराशि एकत्र करने की बात सामने आई थी। बताया कि रुपयों का लेनदेन जालसाज बैंक खाते और नकद दोनों तरह से करता था। साथ ही लेनदेन में उसके परिजनों और अन्य लोगों के खातों का इस्तेमाल करने की बात भी सामने आ रही है।
- पत्नी के खाते में कराता था रुपयों का ट्रांजेक्शन, इसके बाद हो जाता था गायब
- पुलिस लगा रही 150 लोगों का अंदाजा, करीब तीन करोड़ की ठगी स्वीकारी
- जालसाज समेत उसकी दोनों पत्नियों और रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच करेगी पुलिस
विज्ञापन
25 अप्रैल 2022 को कमलुवागांजा निवासी नवीन चंद्र जोशी ने पुलिस में शिकायत कर बताया था कि आरोपी रितेश पांडे ने उनके साथी से नौकरी के नाम पर 4.50 लाख की ठगी की है। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। वहीं रामनगर के पीरूमदारा निवासी गजेंद्र सिंह के मुताबिक जालसाज ने नौकरी के नाम पर उनसे 11 लाख ऐंठे थे। नैनीताल निवासी कविता महेरा से भी सरकारी नौकरी के नाम पर 1,53,10000 रुपये की ठगी की थी। एक ही व्यक्ति के खिलाफ जालसाजी के इतने मामले दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी।
विज्ञापन
सोमवार देररात मुखानी पुलिस ने लामाचौड़ के पास से आरोपी रितेश पांडे को गिरफ्तार कर लिया और उससे बरामद फॉर्च्यूनर कार सीज कर ली है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने 80 से 90 लोगों के साथ नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी की बात को स्वीकारी है।
विज्ञापन
इस मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी हरबंस सिंह ने बताया कि आरोपी और उसकी दोनों पत्नियों समेत रिश्तेदारों की बेनामी संपत्ति की भी जांच की जा रही है। साथ ही जिले भर के थानों को आरोपी के खिलाफ पहुंचने वाली शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आठ साल पहले प्रकाश में आया था जालसाज का नाम
पुलिस के मुताबिक रितेश लंबे समय से लोगों को जालसाजी का शिकार बना रहा था। वर्ष 2014 में उसका नाम प्रकाश में आया था। इसके बाद से ही वह लगातार लोगों को निशाना बना रहा था। पूछताछ में आरोपी ने सचिवालय और विधानसभा में नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी की बात स्वीकार की है।
बैंक डिटेल से पता चली अब तक की ठगी की गई धनराशि
खुलासे के दौरान पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी के बैंक खाते खंगाले गए थे। उसी दौरान जालसाजी करके करोड़ों की धनराशि एकत्र करने की बात सामने आई थी। बताया कि रुपयों का लेनदेन जालसाज बैंक खाते और नकद दोनों तरह से करता था। साथ ही लेनदेन में उसके परिजनों और अन्य लोगों के खातों का इस्तेमाल करने की बात भी सामने आ रही है।
- पत्नी के खाते में कराता था रुपयों का ट्रांजेक्शन, इसके बाद हो जाता था गायब
- पुलिस लगा रही 150 लोगों का अंदाजा, करीब तीन करोड़ की ठगी स्वीकारी
- जालसाज समेत उसकी दोनों पत्नियों और रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच करेगी पुलिस