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Haldwani: पिता नहीं बन पाए सिपाही पर बेटा बना लेफ्टिनेंट, अर्जुन ने भारतीय सैन्य अकादमी से पास होकर पाया कमिशन
Mon, 16 Dec 2024 02:26 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
Published by: हीरा मेहरा
Updated Mon, 16 Dec 2024 02:26 PM IST
सार
अल्मोड़ा निवासी अर्जुन सिंह बिष्ट भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने है।
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अर्जुन सिंह बिष्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कहते हैं न कि व्यक्ति पर नाम का भी असर होता है। यह लाइनें शहर के अर्जुन सिंह बिष्ट पर सटीक बैठती हैं। इनके पिता सेना में सिपाही बनना चाहते थे, लेकिन मेडिकल अनफिट के चलते उनका यह सपना अधूरा रह गया। बस वह अपनी कहानी बेटे अर्जुन को सुनाते रहे। इससे प्रभावित होकर अर्जुन ने कक्षा 11 में ही लक्ष्य साधा और पहली बार में ही लेफ्टिनेंट का लक्ष्य भेद दिया।
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मूलरूप से उड़खोला, बसरखेत चौखुटिया अल्मोड़ा निवासी अर्जुन वर्तमान में बिठौरिया में रहते हैं। इनके पिता दलीप सिंह बिष्ट इंजीनियर और मां हेमा बिष्ट गृहिणी हैं। अर्जुन ने वर्ष 2020 में एनडीए की परीक्षा पास की। इनमें उनकी ऑल इंडिया रैंक 22 रही। अर्जुन ने बताया कि आए दिन पापा सेना के लिए अपनी तैयारियों के बारे में बात करते थे।
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एक बार सिपाही के लिए उनका सलेक्शन भी हुआ था लेकिन वह मेडिकल फिट नहीं हो पाए। पापा की बातों से मुझे सेना में जाने की प्रेरणा मिली। कक्षा 11 में मुझे एनडीए परीक्षा के बारे में पता चला। पहले प्रयास में ही मुझे एनडीए परीक्षा में सफलता मिली। शनिवार को देहरादून में पासिंग आउट परेड पास करके अर्जुन अब सेना में लेफ्टिनेंट बन गए।
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