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Nainital News: कोटद्वार नगर निगम व अन्य से मांगा जवाब
Wed, 19 Jul 2023 02:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 19 Jul 2023 02:16 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ऐतिहासिक कण्वाश्रम और रतनाल नदी के किनारे राज्य सरकार की ओर से ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की अनुमति दिए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने कोटद्वार नगर निगम सहित सभी पक्षकारों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्दूखाता (भाबर) कोटद्वार निवासी प्रदीप सिंह रावत ने जनहित याचिका में कहा कि कण्वाश्रम आध्यात्मिक नगरी और सम्राट भरत की जन्मस्थली है। केंद्र सरकार की ओर से इस क्षेत्र को आइकॉनिक स्थल के रूप में घोषित किया गया है। केंद्र सरकार इसके विकास और सौंदर्यीकरण के लिए भी प्रयासरत है। राज्य सरकार की ओर से मालिनी नदी की उपधारा कही जाने वाली रतनाल नदी के तट पर कोटद्वार क्षेत्र के 40 टन कूड़ा निस्तारण के लिए बडे़ ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने भी इसकी स्वीकृति दी है। याचिका में कहा गया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत कण्वाश्रम के आसपास ऐसा निर्माण नहीं किया जा सकता है। राज्य सरकार की ओर से भी इस मामले में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का उल्लंघन किया जा रहा है। जिस क्षेत्र में ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण किया जा रहा है उससे कुछ दूरी पर ऐतिहासिक मालिनी नदी, आवासीय क्षेत्र और स्कूल-कॉलेज हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार के अलावा जिलाधिकारी पौड़ी और कोटद्वार नगर निगम को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्दूखाता (भाबर) कोटद्वार निवासी प्रदीप सिंह रावत ने जनहित याचिका में कहा कि कण्वाश्रम आध्यात्मिक नगरी और सम्राट भरत की जन्मस्थली है। केंद्र सरकार की ओर से इस क्षेत्र को आइकॉनिक स्थल के रूप में घोषित किया गया है। केंद्र सरकार इसके विकास और सौंदर्यीकरण के लिए भी प्रयासरत है। राज्य सरकार की ओर से मालिनी नदी की उपधारा कही जाने वाली रतनाल नदी के तट पर कोटद्वार क्षेत्र के 40 टन कूड़ा निस्तारण के लिए बडे़ ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने भी इसकी स्वीकृति दी है। याचिका में कहा गया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत कण्वाश्रम के आसपास ऐसा निर्माण नहीं किया जा सकता है। राज्य सरकार की ओर से भी इस मामले में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का उल्लंघन किया जा रहा है। जिस क्षेत्र में ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण किया जा रहा है उससे कुछ दूरी पर ऐतिहासिक मालिनी नदी, आवासीय क्षेत्र और स्कूल-कॉलेज हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार के अलावा जिलाधिकारी पौड़ी और कोटद्वार नगर निगम को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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