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Nainital News: बागेश्वर के दर्शानी गांव में चुनाव नहीं कराने पर मांगा जवाब
Thu, 09 Nov 2023 02:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 09 Nov 2023 02:08 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने वर्ष 2019 से अब तक प्रधानविहीन ग्राम सभा दर्शानी गरुड़ ( बागेश्वर) में अब तक प्रधान का चुनाव नहीं कराने पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि गांव में प्रधान का चुनाव अब तक क्यों नहीं कराया गया है। कोर्ट ने इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई। ग्राम दर्शानी निवासी भोला दत्त पांडे ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि दर्शानी गांव में वर्ष 2019 से ग्राम प्रधान के चुनाव नहीं कराए गए हैं। वर्ष 2019 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान का पद ओबीसी उम्मीदवार के लिए आरक्षित था लेकिन ओबीसी के किसी भी व्यक्ति के नामांकन पत्र दाखिल न करने से प्रधान का पद रिक्त है। वर्ष 2020 में ग्राम प्रधान का पद अनारक्षित किया गया लेकिन चुनाव नहीं कराए गए। इससे ग्राम दर्शानी विकास की मुख्य धारा से छूट गया। दर्शानी के ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी बागेश्वर के माध्यम से सचिव पंचायती राज और अन्य को प्रत्यावेदन देकर चुनाव कराने की मांग की लेकिन इस प्रत्यावेदन पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई, जबकि नियमानुसार ग्राम सभा के रिक्त पदों पर चुनाव छह माह के भीतर होना अनिवार्य है। याचिका में मांग की गई कि राज्य सरकार व चुनाव आयोग को ग्राम पंचायत के गठन के लिए तत्काल चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए जाएं। मांग की गई कि इस मामले में लापरवाही व कोताही बरतने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई। ग्राम दर्शानी निवासी भोला दत्त पांडे ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि दर्शानी गांव में वर्ष 2019 से ग्राम प्रधान के चुनाव नहीं कराए गए हैं। वर्ष 2019 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान का पद ओबीसी उम्मीदवार के लिए आरक्षित था लेकिन ओबीसी के किसी भी व्यक्ति के नामांकन पत्र दाखिल न करने से प्रधान का पद रिक्त है। वर्ष 2020 में ग्राम प्रधान का पद अनारक्षित किया गया लेकिन चुनाव नहीं कराए गए। इससे ग्राम दर्शानी विकास की मुख्य धारा से छूट गया। दर्शानी के ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी बागेश्वर के माध्यम से सचिव पंचायती राज और अन्य को प्रत्यावेदन देकर चुनाव कराने की मांग की लेकिन इस प्रत्यावेदन पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई, जबकि नियमानुसार ग्राम सभा के रिक्त पदों पर चुनाव छह माह के भीतर होना अनिवार्य है। याचिका में मांग की गई कि राज्य सरकार व चुनाव आयोग को ग्राम पंचायत के गठन के लिए तत्काल चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए जाएं। मांग की गई कि इस मामले में लापरवाही व कोताही बरतने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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