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डेंगू से एक और महिला की मौत
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हल्द्वानी। स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावों के बावजूद डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू के डंक से एक और महिला की सुशीला तिवारी अस्पताल में शुक्रवार शाम मौत हो गई। वहीं, डेंगू से मरने वालों की अब तक संख्या 17 हो गई है, जबकि अब तक 2216 मरीज डेंगू के मिल चुके हैं।
बिठौरिया नंबर-एक निवासी मीना कश्यप को बृहस्पतिवार को सुशीला तिवारी अस्पताल के मेडिसिन वार्ड के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। मीना को बुखार के साथ ही सिर और हाथ-पैरों में दर्द था। उसका ब्लड प्रेशर और पल्स रेट भी कम था। महिला को बृहस्पतिवार की देर रात से ही ब्लीडिंग शुरू हो गई थी। शुक्रवार को उसे खून और प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गई। शुक्रवार देर शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं, बेस अस्पताल में 30, एसटीएच में 9 और निजी लैब में 4 मरीजों में एलाइजा जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बेस में 18, एसटीएच में 9 और निजी अस्पताल में डेंगू के 5 मरीज भर्ती कराए गए हैं। हालांकि बेस अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार डेंगू के 40 मरीज भर्ती हैं।
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कोट
एसटीएच में एक महिला की मौत की जानकारी एसीएमओ ने दी है। मरीज का डेंगू कार्ड टेस्ट पॉजटिव था। अभी एलाइजा की रिपोर्ट नहीं आई है। -डॉ. भारती राणा, सीएमओ
हल्द्वानी। इंदिरा नगर और बनभूलपुरा समेत अन्य क्षेत्रों में किया जा रहा पानी का भंडारण भी डेंगू की प्रमुख वजह है। पेयजल संकट के चलते लोग बर्तनों में पानी एकत्र कर रहे हैं और लार्वा पनपने के साथ ही डेंगू फैल रहा है। यह बात स्वास्थ्य विभाग के इंदिरा नगर समेत अन्य क्षेत्रों के सर्वे के दौरान सामने आई।
देहरादून से डॉ. अखिलेश त्रिपाठी और अविनाश गुप्ता आए थे। टीम ने बनभलूपुरा, इंदिरा नगर और दमुवाढूंगा समेत अन्य क्षेत्रों को भ्रमण किया। इंदिरा नगर और बनभूलपुरा में पेयजल संकट के चलते लोग घरों में पानी का भंडारण करते हैं। पानी का भंडारण के कारण भी लार्वा पनप रहे हैं। साथ ही दून से आई टीम को बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग जून से डेंगू को लेकर तैयार था। वास्तविकता यह है कि बेस अस्पताल में डेंगू मरीजों को देखने के लिए फिजीशियन तक नहीं था। डीएम के प्रयास से रामनगर अस्पताल से फिजीशियन डॉ. बीडी जोशी को बेस अस्पताल लाया गया। अगस्त में डेंगू के कई मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। टीम बनाकर क्षेत्रों में भेजी गई और जागरूक करने के साथ ही लार्वा नष्ट किए गए। सीएमओ डॉ. भारती राणा का कहना है कि जून से ही एएनएम और आशा कार्यकर्ता लोगों को जागरूक कर रही थीं।
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बिठौरिया नंबर-एक निवासी मीना कश्यप को बृहस्पतिवार को सुशीला तिवारी अस्पताल के मेडिसिन वार्ड के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। मीना को बुखार के साथ ही सिर और हाथ-पैरों में दर्द था। उसका ब्लड प्रेशर और पल्स रेट भी कम था। महिला को बृहस्पतिवार की देर रात से ही ब्लीडिंग शुरू हो गई थी। शुक्रवार को उसे खून और प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गई। शुक्रवार देर शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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वहीं, बेस अस्पताल में 30, एसटीएच में 9 और निजी लैब में 4 मरीजों में एलाइजा जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बेस में 18, एसटीएच में 9 और निजी अस्पताल में डेंगू के 5 मरीज भर्ती कराए गए हैं। हालांकि बेस अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार डेंगू के 40 मरीज भर्ती हैं।
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एसटीएच में एक महिला की मौत की जानकारी एसीएमओ ने दी है। मरीज का डेंगू कार्ड टेस्ट पॉजटिव था। अभी एलाइजा की रिपोर्ट नहीं आई है। -डॉ. भारती राणा, सीएमओ
हल्द्वानी। इंदिरा नगर और बनभूलपुरा समेत अन्य क्षेत्रों में किया जा रहा पानी का भंडारण भी डेंगू की प्रमुख वजह है। पेयजल संकट के चलते लोग बर्तनों में पानी एकत्र कर रहे हैं और लार्वा पनपने के साथ ही डेंगू फैल रहा है। यह बात स्वास्थ्य विभाग के इंदिरा नगर समेत अन्य क्षेत्रों के सर्वे के दौरान सामने आई।
देहरादून से डॉ. अखिलेश त्रिपाठी और अविनाश गुप्ता आए थे। टीम ने बनभलूपुरा, इंदिरा नगर और दमुवाढूंगा समेत अन्य क्षेत्रों को भ्रमण किया। इंदिरा नगर और बनभूलपुरा में पेयजल संकट के चलते लोग घरों में पानी का भंडारण करते हैं। पानी का भंडारण के कारण भी लार्वा पनप रहे हैं। साथ ही दून से आई टीम को बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग जून से डेंगू को लेकर तैयार था। वास्तविकता यह है कि बेस अस्पताल में डेंगू मरीजों को देखने के लिए फिजीशियन तक नहीं था। डीएम के प्रयास से रामनगर अस्पताल से फिजीशियन डॉ. बीडी जोशी को बेस अस्पताल लाया गया। अगस्त में डेंगू के कई मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। टीम बनाकर क्षेत्रों में भेजी गई और जागरूक करने के साथ ही लार्वा नष्ट किए गए। सीएमओ डॉ. भारती राणा का कहना है कि जून से ही एएनएम और आशा कार्यकर्ता लोगों को जागरूक कर रही थीं।