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...और बारिश के साथ गिर गया भाजपा की रैली का पर्दा
निशांत खनी
Updated Sat, 20 Aug 2016 12:48 AM IST
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...और बारिश के साथ गिर गया भाजपा की रैली का पर्दा
- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा की पर्दाफाश रैली का पर्दा मूसलाधार बरसात ने गिरा दिया। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के माइक संभालते ही मूसलाधार बरसात शुरू हो गई। शीशमहल स्थित रामलीला मैदान में लगी जिन कुर्सियों को भरने में दो घंटे लगे, बारिश से पांच मिनट में खाली हो गईं।
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हर कोई बारिश से बचने के लिए जगह ढूंढने लगा। कई कार्यकर्ताओं ने कुर्सियां उल्टी कर सिर में रख लीं तो कुछ लोग भाजपा का होर्डिंग ही उखाड़कर ले आए और छतरी बनाकर उसके नीचे खड़े हो गए। जबकि, पदाधिकारी पंडाल तक चढ़ गए।
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कुमाऊं में भाजपा की पर्दाफाश रैली का शुक्रवार से आगाज हो गया। हल्द्वानी में रैली में मुख्य वक्ता पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा थे। उनके साथ पूर्व मंत्री तीरथ सिंह रावत और पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल भी थे।
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कार्यक्रम चार बजे निर्धारित था। रामलीला मैदान में करीब एक हजार कुर्सियां लगी थीं। करीब 500 अतिरिक्त कुर्सियां का ढेर भी अलग से था। 5:30 बजे तक मैदान खचाखच भर गया। अतिरिक्त कुर्सियां भी मैदान में सजकर लोगों से भर गईं। मंच के आगे कार्यकर्ता जमीन पर बैठ गए।
मैदान में खुले आसमान के नीचे ही कुर्सियां लगी थीं। करीब 5:30 बजे पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा और बाकी अतिथि पहुंचे। उनके आने तक विधायक बंशीधर भगत, मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, विजय मनराल, चंदन बिष्ट, मजहर नईम नवाब, मदन मोहन जोशी और रेनू अधिकारी मंच संभालकर कांग्रेस के घोटालों और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर रहे थे।
करीब 6:30 बजे पूर्व सीएम बहुगुणा के हाथों में माइक पहुंचा। उनके माइक संभालते ही बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते मैदान में लगी कुर्सियां खाली हो गईं और फिर बहुगुणा ने भी माइक छोड़ दिया।
... जब मेयर ने संभाला मंच
मंच संचालक ने वरिष्ठता के क्रम में सभी नेताओं को माइक पर आमंत्रित किया। संचालक मेयर को बुलाना भूल गए। मंचासीन नेताओं ने मेयर की बात कागज में लिखकर संचालक तक पहुंचाई।
संचालक ने माफी मांगते हुए मेयर को आमंत्रित किया। माइक थामते ही मेयर वित्तमंत्री और उनके बेटे पर फायर हो गए। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री विकास का मतलब ही नहीं जानती।
जबकि, उनके बेटे दिन में स्वेटर तो रात में ‘क्वार्टर’ बांटकर वोटों की खरीद फरोख्त अभियान में जुटे हैं। वक्त की प्रतिबद्धता देख आयोजकों ने मेयर से माइक छोड़ने के लिए कागज की पर्ची भेजी, लेकिन मेयर ने माइक नहीं छोड़ा और तत्कालीन खंडूरी सरकार के कार्यकाल में शुरू हुए विकास कार्यों का वित्तमंत्री से श्रेय लूटने का आरोप लगाया।
मेयर के माइक नहीं छोड़ने से उनके प्रतिद्वंद्वी खेमे में बेचैनी बढ़ गई और मंच में ही तमाम नेताओं के चेहरे गुस्से से लाल हो गए। मेयर ने मंच से खुलकर अपनी दावेदारी दर्ज करा कराई।
इनकी रही मौजूगी
पर्दाफाश रैली में तरुण बंसल, जितेंद्र मेहता, नवीन पंत, सचिन साह, महेंद्र अधिकारी, हेमंत साहू, दीपक, जोशी, नीरज पंत, दिनेश खुल्बे, प्रकाश हर्बोला, अनिल डब्बू, भुवन भंडारी समेत जिला, नगर और मंडलों के दर्जनों नेता शामिल थे।