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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   ... And confidence of voters in the countryside sank ABVP

...और देहात के वोटरों के भरोसे डूब गई एबीवीपी

Sun, 04 Oct 2015 01:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/हल्द्वानी।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/हल्द्वानी। Updated Sun, 04 Oct 2015 01:50 AM IST
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एबीवीपी और एनएसयूआई का छात्रसंघ चुनाव शहर बनाम देहात पर केंद्रित रहा। एबीवीपी देहात के वोटरों के भरोसे बैठी रह गई और एनएसयूआई ने शहर के वोटरों में सेंधमारी कर सीट पर कब्जा कर लिया।

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हल्द्वानी एमबीपीजी कालेज में अधिकांश वोटर देहात से हैं। लालकुआं, हल्दूचौड़, बिंदुखत्ता, पंतनगर, सितारगंज, चोरगलिया, कालाढूंगी के सर्वाधिक वोटर हैं।

एबीवीपी ने देहात के इन्हीं इलाकों के वोटरों पर भरोसा जताया। मतदान के दिन अधिकांश दूरस्थ इलाकों से वोटरों को कालेज तक लाने की व्यवस्था भी की गई थी।

मगर एनएसयूआई एबीवीपी प्रत्याशी के गृह क्षेत्र बिंदुखत्ता और लालकुआं क्षेत्र से वोटर खींचने में कामयाब रही। जबकि एबीवीपी के नेता सुबह से अपने वोटरों को ढोने में लगे थे।
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देहात के इलाकों से छात्र-छात्राओं के वोट एनएसयूआई को मिलने से एबीवीपी नहीं रोक सकी। देहात से वोटरों को वाहनों से लाने में दोनों ही छात्रसंगठन लगे हुए थे।
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वोटिंग के समाप्त होने तक एबीवीपी को पूरा भरोसा था कि जीत उनके प्रत्याशी की होगी। लेकिन मतगणना के दूसरे राउंड  के बाद उनकी उम्मीद धूमिल होनी शुरू हो गई तथा 77 मतों की लीड के बाद एनएसयूआई प्रत्याशी ने एबीवीपी प्रत्याशी को आगे नहीं बढ़ने दिया।  

इधर, इस बार वोट प्रतिशत बढ़ने का एकतरफा फायदा एनएसयूआई को मिला। वर्ष 2014 में कुल 9170 मतदाताओं में से 3604 छात्र-छात्राओं ने मतदान किया। जो कि 39.17 प्रतिशत रहा।

 जबकि वर्ष 2013 में 10,173 में से 5,053 छात्र-छात्राओं ने मतदान कर छात्रसंघ चुनाव में आहुति दी थी। इस बार वर्ष 2015-16 के छात्रसंघ चुनाव में कुल 11,847 मतदाताओं में 4885 मतदान किया जो कि 41.23 प्रतिशत रहा। इस बार मतदान करने में छात्र छात्राओं से आगे रहे।


कुल 2556 छात्रों ने वोट डाले तथा छात्राओं की 2329 ही रही। हर वर्ष छात्राएं वोटिंग में आगे रहती थीं। छात्राओं की कम वोटिंग भी एबीवीपी की हार का कारण रही। एनएसयूआई ने शहर के वोटरों पर पूरी तरह सेंधमारी की थी। जिसके सुखद परिणाम भी एनएसयूआई को मिला।

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