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एम्स के सेटेलाइट सेंटर के लिए जमीन का सीमांकन
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किच्छा (ऊधमसिंह नगर)। किच्छा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (एम्स) का सेटेलाइट सेंटर बनाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। बुधवार को ऋषिकेश एम्स के अधिकारियों ने खुरपिया और बंडिया पहुंचकर लगभग एक सौ एकड़ जमीन का सीमांकन किया। बताया जा रहा है कि अगले तीन से चार महीने में इसका काम शुरू हो सकता है।
बुधवार को एम्स ऋषिकेश के इंजीनियर बीएस रावत की अगुवाई में टीम खुरपिया और बंडिया पहुंची। यहां चयनित जमीन का निरीक्षण करने के बाद सीमांकन करवाया गया। नायब तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी के मुताबिक एम्स के लिए 27.55 एकड़ जमीन हल्द्वानी बाईपास रोड पर बनने जा रहे मॉडल डिग्री कॉलेज और रोडवेज बस अड्डे के बीच है जबकि 72.55 एकड़ से अधिक जमीन खुरपिया की ओर जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित है। बीएस रावत के अनुसार एम्स के सेटेलाइट सेंटर के निर्माण के मामले में केंद्र सरकार गंभीर है। उम्मीद जताई कि तीन से चार महीने में निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता चंद्र पाल, एम्स ऋषिकेश के रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, पीआरओ हरीश थपलियाल, जेई मुकेश कुमार मंडल, चकबंदी कानूनगो विकास सिंह, राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार चौहान आदि मौजूद थे।
पीएम मोदी कर चुके हैं शिलान्यास
किच्छा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर 2021 को हल्द्वानी में आयोजित सभा में इस सेंटर का वर्चुअल शिलान्यास कर चुके हैं। किच्छा में एम्स ऋषिकेश का सेटेलाइट बनाने की योजना पहले प्रागफार्म की सरकारी जमीन पर थी। बाद में खुरपिया फार्म की सरकारी जमीन का चयन किया गया। यहां सौ एकड़ जमीन प्रस्तावित की गई है।
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दिल्ली और ऋषिकेश की दौड़ से मिलेगी निजात
किच्छा। किच्छा में एम्स के सेटेलाइट सेंटर के बन जाने से कुमाऊं और यूपी से लगे कई इलाकों के लोगों को फायदा होगा। अब तक लोग बड़ी बीमारियों के इलाज के दिल्ली और ऋषिकेश एम्स या प्राइवेट अस्पतलों में जाते हैं। कुमाऊं में ऐसे सेंटर की जरूरत कई दशकों से महसूस की जा रही थी।
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बुधवार को एम्स ऋषिकेश के इंजीनियर बीएस रावत की अगुवाई में टीम खुरपिया और बंडिया पहुंची। यहां चयनित जमीन का निरीक्षण करने के बाद सीमांकन करवाया गया। नायब तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी के मुताबिक एम्स के लिए 27.55 एकड़ जमीन हल्द्वानी बाईपास रोड पर बनने जा रहे मॉडल डिग्री कॉलेज और रोडवेज बस अड्डे के बीच है जबकि 72.55 एकड़ से अधिक जमीन खुरपिया की ओर जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित है। बीएस रावत के अनुसार एम्स के सेटेलाइट सेंटर के निर्माण के मामले में केंद्र सरकार गंभीर है। उम्मीद जताई कि तीन से चार महीने में निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता चंद्र पाल, एम्स ऋषिकेश के रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, पीआरओ हरीश थपलियाल, जेई मुकेश कुमार मंडल, चकबंदी कानूनगो विकास सिंह, राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार चौहान आदि मौजूद थे।
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पीएम मोदी कर चुके हैं शिलान्यास
किच्छा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर 2021 को हल्द्वानी में आयोजित सभा में इस सेंटर का वर्चुअल शिलान्यास कर चुके हैं। किच्छा में एम्स ऋषिकेश का सेटेलाइट बनाने की योजना पहले प्रागफार्म की सरकारी जमीन पर थी। बाद में खुरपिया फार्म की सरकारी जमीन का चयन किया गया। यहां सौ एकड़ जमीन प्रस्तावित की गई है।
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दिल्ली और ऋषिकेश की दौड़ से मिलेगी निजात
किच्छा। किच्छा में एम्स के सेटेलाइट सेंटर के बन जाने से कुमाऊं और यूपी से लगे कई इलाकों के लोगों को फायदा होगा। अब तक लोग बड़ी बीमारियों के इलाज के दिल्ली और ऋषिकेश एम्स या प्राइवेट अस्पतलों में जाते हैं। कुमाऊं में ऐसे सेंटर की जरूरत कई दशकों से महसूस की जा रही थी।