{"_id":"612fe6ef8ebc3eae394db10e","slug":"after-talks-with-the-cuvi-administration-the-students-strike-ended-haldwani-news-hld436513876","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुविवि प्रशासन से वार्ता के बाद छात्रों का धरना खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुविवि प्रशासन से वार्ता के बाद छात्रों का धरना खत्म
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन और धरने में बैठे छात्र नेताओं के बीच घंटों तक हुई अलग अलग दौर की वार्ता आखिरकार रंग लाई। विवि प्रशासन ने परीक्षाएं स्थगित कराने के मामले में दो दिन में कार्यवाही का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्र नेताओं ने धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया। साथ ही कहा कि छात्र हित में फैसला नहीं लिया तो वह उग्र आंदोलन करेंगे।
बता दें कि मंगलवार को जिले भर से पहुंचे एबीवीपी के छात्र नेताओं ने पहली सितंबर से शुरू होने वाली कुविवि की परीक्षाएं स्थगित कराने की मांग को लेकर हंगामा किया था। वहीं दूसरे गुट के छात्र रात भर धरने में बैठे रहे।
बुधवार सुबह दस बजे धरने में बैठे छात्रों ने विवि के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रोक्टर बोर्ड के सदस्यों ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया। उनका कहना था कि परीक्षाएं स्थगित होने पर विद्यार्थियों को दूसरे विश्वविद्यालयों में प्रवेश नहीं मिलेगा और वह प्रतियोगी परीक्षाओं से भी वंचित रह जाएंगे। वार्ता के बाद प्रोक्टर बोर्ड ने बैठक कर छात्रों को आश्वासन दिया कि वह दो दिन के भीतर मामले में निर्णय ले लेंगे। इसके बाद छात्रों ने धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया।
विज्ञापन
इस मौके पर फैजल सलमानी, अक्षत कौशिक, गोपाल सेजवाली, लोकेश कपिल, प्रज्जवल मेहरा, यश चौधरी, नीरज बिष्ट, मानस पाठक, देव उपाध्याय, तरुण राज, शुभम बिष्ट, लोकेश कपिल, कृष्णा सिंह, गौरव चौहान आदि मौजूद रहे।
दो बार वार्ता विफल, तीसरी बार में माने छात्र
नैनीताल। धरने पर बैठे छात्रों से दो बार प्रोक्टर बोर्ड की वार्ता विफल हुई। तीसरे दौर में लिखित आश्वासन के बाद ही छात्र माने। पहली बार प्रोक्टर बोर्ड ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों को मनाने की कोशिश की लेकिन छात्र नहीं माने तो बोर्ड ने फिर विचार विमर्श किया और फिर से वह छात्रों को मनाने पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और विवि से लिखित में आश्वासन देने की मांग की। इधर, फिर बोर्ड को बैठक करनी पड़ी और करीब एक घंटा छात्रों से वार्ता की गई, जिसके बाद छात्रों ने धरना प्रदर्शन खत्म किया।
कुमाऊं विवि के कुलसचिव दिनेश चंद्रा का कहना है कि अंतिम सेमेस्टर की छात्रों की मांग थी कि परीक्षाएं कराई जाएं। इसके बाद प्रोक्टर बोर्ड ने बैठक की और छात्रों को दो दिन में कार्यवाही का आश्वासन दिया है। छात्रहितों को देखते हुए फैसला किया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि मंगलवार को जिले भर से पहुंचे एबीवीपी के छात्र नेताओं ने पहली सितंबर से शुरू होने वाली कुविवि की परीक्षाएं स्थगित कराने की मांग को लेकर हंगामा किया था। वहीं दूसरे गुट के छात्र रात भर धरने में बैठे रहे।
विज्ञापन
बुधवार सुबह दस बजे धरने में बैठे छात्रों ने विवि के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रोक्टर बोर्ड के सदस्यों ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया। उनका कहना था कि परीक्षाएं स्थगित होने पर विद्यार्थियों को दूसरे विश्वविद्यालयों में प्रवेश नहीं मिलेगा और वह प्रतियोगी परीक्षाओं से भी वंचित रह जाएंगे। वार्ता के बाद प्रोक्टर बोर्ड ने बैठक कर छात्रों को आश्वासन दिया कि वह दो दिन के भीतर मामले में निर्णय ले लेंगे। इसके बाद छात्रों ने धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया।
विज्ञापन
इस मौके पर फैजल सलमानी, अक्षत कौशिक, गोपाल सेजवाली, लोकेश कपिल, प्रज्जवल मेहरा, यश चौधरी, नीरज बिष्ट, मानस पाठक, देव उपाध्याय, तरुण राज, शुभम बिष्ट, लोकेश कपिल, कृष्णा सिंह, गौरव चौहान आदि मौजूद रहे।
दो बार वार्ता विफल, तीसरी बार में माने छात्र
नैनीताल। धरने पर बैठे छात्रों से दो बार प्रोक्टर बोर्ड की वार्ता विफल हुई। तीसरे दौर में लिखित आश्वासन के बाद ही छात्र माने। पहली बार प्रोक्टर बोर्ड ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों को मनाने की कोशिश की लेकिन छात्र नहीं माने तो बोर्ड ने फिर विचार विमर्श किया और फिर से वह छात्रों को मनाने पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और विवि से लिखित में आश्वासन देने की मांग की। इधर, फिर बोर्ड को बैठक करनी पड़ी और करीब एक घंटा छात्रों से वार्ता की गई, जिसके बाद छात्रों ने धरना प्रदर्शन खत्म किया।
कुमाऊं विवि के कुलसचिव दिनेश चंद्रा का कहना है कि अंतिम सेमेस्टर की छात्रों की मांग थी कि परीक्षाएं कराई जाएं। इसके बाद प्रोक्टर बोर्ड ने बैठक की और छात्रों को दो दिन में कार्यवाही का आश्वासन दिया है। छात्रहितों को देखते हुए फैसला किया जाएगा।