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नैनीताल: पालतू कुत्ते का पीछा करते हुए, घर में घुसा तेंदुआ
अमर उजाला ब्यूरो भीमताल (नैनीताल)
Updated Sun, 07 Aug 2016 12:12 PM IST
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तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विकास खंड के जंगलियागांव क्षेत्र में शनिवार सुबह एक तेंदुआ पालतू कुत्ते का पीछा करते हुए एक व्यक्ति की दुकान के नीचे स्थित कमरे में जा घुसा। तेंदुए को कमरे में घुसते देख पास में मौजूद गृहस्वामी ने आनन-फानन में कमरे का दरवाजा बंद कर उसे कमरे में कैद कर दिया। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम तेंदुए को पिंजरे में कैद करने में सफल रही। बाद में तेंदुए को नैनीताल स्थित चिड़ियाघर ले जाया गया।
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शनिवार सुबह करीब पांच बजे जंगलियागांव निवासी लाल सिंह कुल्याल का पालतू कुत्ता उनकी दुकान के नीचे स्थित कमरे के बाहर मौजूद था। तभी वहां घात लगाए बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में बाल-बाल बचा कुत्ता भागकर पास में मौजूद कमरे में जा घुसा। तेंदुआ भी शिकार का पीछा करते हुए कमरे में घुस गया। बताया जाता है कि इस दौरान पास में मौजूद गृहस्वामी ने तेंदुए के कमरे में घुसते ही कमरे के दरवाजे को बाहर से बंद कर तेंदुए को कमरे में कैद कर दिया।
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खबर के फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। ग्राम प्रधान राधा कुल्याल की सूचना पर सुबह करीब नौ बजे भवाली और नैनीताल स्थित चिड़ियाघर से वन अधिकारी और कर्मचारी तेंदुए को पकड़ने के लिए जंगलियागांव पहुंच गए। टीम तेंदुए को बेहोश कर पकड़ना चाहती थी, लेकिन कमरे में कोई जगह ऐसी नहीं थी, जहां से तेंदुए को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया जा सके।
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बाद में तेंदुए को बेहोश करने के लिए कमरे के दरवाजे का एक हिस्सा तोड़ा गया और वहां से उसे बेहोशी का इंजेक्शन देने के प्रयास किए गए, लेकिन तेंदुआ कभी चारपाई के नीचे तो कभी किसी अन्य कोने में दुबक जाता। आखिर में वन अधिकारियों ने कमरे के दरवाजे के पास पिंजरा लगाने का फैसला लिया। दोपहर करीब 2:30 बजे दरवाजे में पिंजरा फिट कर दरवाजा खोला गया। दोपहर करीब तीन बजे तेंदुए को कैद कर लिया गया। तब कहीं जाकर वन अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
वन अधिकारियों की टीम में नैनीताल स्थित चिड़ियाघर के वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी, वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. योगेश भारद्वाज, वन क्षेत्राधिकारी मनोज साह, भवाली के वन क्षेत्राधिकारी प्रकाश जोशी, वन क्षेत्राधिकारी (सुरक्षा) गोपाल दत्त भट्ट समेत नरेंद्र, संदीप, योगेश, अमर बहादुर आदि शामिल थे। वन क्षेत्राधिकारी मनोज साह ने बताया कि तेंदुए की उम्र करीब सात साल है और वह नर है। उन्होंने बताया कि तेंदुए को चिड़ियाघर ले जाया गया है।
तेंदुआ देखने उमड़ी भीड़
जंगलियागांव में तेंदुए के कमरे में कैद होने की खबर मिलते ही जंगलियागांव और आसपास के क्षेत्रों से नहीं बल्कि 10 किलोमीटर दूर भीमताल और नौकुचियाताल से भी लोग उसे देखने के लिए आ पहुंचे। दोपहर तक मौके पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। हर कोई तेंदुआ देखने के लिए आतुर दिखा। बाद में जैसे ही तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ तो उसे नजदीक से देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। कई लोगों ने तेंदुए को अपने मोबाइल में कैद किया।
...लेकिन कुत्ते को गंवानी पड़ी जान
जिस कुत्ते का पीछा करते हुए तेंदुआ कमरे के भीतर घुसा था, उस कुत्ते को आखिर तेंदुए ने मार डाला। तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बाद वन अधिकारियों को कमरे के भीतर कुत्ते का क्षतविक्षत शव बरामद हुआ।