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Nainital News: पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश शुरू पर फैकल्टी और हॉस्टल की सुविधा तक नहीं
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हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में इन दिनों एमबीबीएस के साथ ही पैरामेडिकल कोर्स के लिए भी प्रवेश चल रहे हैं। 99 सीट पर अब तक 72 छात्रों ने प्रवेश ले लिया है लेकिन अपना भवन, हॉस्टल और फैकल्टी नहीं होने छात्रों को तमाम दिक्क्तें झेलनी पड़ेंगी।
वर्ष 2020-21 में सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल कोर्स का संचालन शुरू हुआ था। पैरामेडिकल की पढ़ाई के लिए प्रधानाचार्य के साथ उप प्रधानाचार्य, तीन प्रोफेसर, पांच एसोसिएट प्रोफेसर, ट्यूटर समेत 20 से 22 लोगों का स्टाफ चाहिए। छात्रावास तो दूर इस कोर्स के संचालन के लिए अपना भवन तक नहीं है। वहीं, बताया रहा है कि मोटाहल्दू में व्यवस्था बनाई जा रही है लेकिन वहां पढ़ाई कब तक शुरू होगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी के अनुसार फैकल्टी की कमी है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
सीटों का ब्योरा
पैरामेडिकल डिग्री कोर्स में लैब टैक्नोलॉजी में 33, रेडियोलॉजी विभाग और ओटी टेक्नोलॉजी विभाग में भी 33-33 सीटें हैं। पहले चरण में प्रवेश की अंतिम तिथि पांच अक्तूबर है। इसके बाद दूसरे चरण में प्रवेश होंगे।
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कोट
यह अच्छी बात है कि मेडिकल कॉलेज के भीतर ही पैरामेडिकल के छात्रों को काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। यहां का स्टाफ अगर एमबीबीएस छात्रों को पढ़ाने के साथ ही पैरामेडिकल के छात्रों को भी पढ़ा रहा है तो यह और भी अच्छा है। सीमित संसाधनों का भरपूर उपयोग किया जाना चाहिए। मोटाहल्दू में नए भवन की प्रक्रिया चल रही है, उसके बाद स्टाफ भी सृजित होगा। - डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा विभाग।
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वर्ष 2020-21 में सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल कोर्स का संचालन शुरू हुआ था। पैरामेडिकल की पढ़ाई के लिए प्रधानाचार्य के साथ उप प्रधानाचार्य, तीन प्रोफेसर, पांच एसोसिएट प्रोफेसर, ट्यूटर समेत 20 से 22 लोगों का स्टाफ चाहिए। छात्रावास तो दूर इस कोर्स के संचालन के लिए अपना भवन तक नहीं है। वहीं, बताया रहा है कि मोटाहल्दू में व्यवस्था बनाई जा रही है लेकिन वहां पढ़ाई कब तक शुरू होगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी के अनुसार फैकल्टी की कमी है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
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सीटों का ब्योरा
पैरामेडिकल डिग्री कोर्स में लैब टैक्नोलॉजी में 33, रेडियोलॉजी विभाग और ओटी टेक्नोलॉजी विभाग में भी 33-33 सीटें हैं। पहले चरण में प्रवेश की अंतिम तिथि पांच अक्तूबर है। इसके बाद दूसरे चरण में प्रवेश होंगे।
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कोट
यह अच्छी बात है कि मेडिकल कॉलेज के भीतर ही पैरामेडिकल के छात्रों को काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। यहां का स्टाफ अगर एमबीबीएस छात्रों को पढ़ाने के साथ ही पैरामेडिकल के छात्रों को भी पढ़ा रहा है तो यह और भी अच्छा है। सीमित संसाधनों का भरपूर उपयोग किया जाना चाहिए। मोटाहल्दू में नए भवन की प्रक्रिया चल रही है, उसके बाद स्टाफ भी सृजित होगा। - डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा विभाग।