{"_id":"65c1533611aea29eea04efed","slug":"accused-of-fraud-of-rs-4150-lakh-arrested-ramnagar-news-c-239-1-shld1036-102284-2024-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: 41.50 लाख की ठगी का आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: 41.50 लाख की ठगी का आरोपी गिरफ्तार
Tue, 06 Feb 2024 02:59 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 06 Feb 2024 02:59 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक
रामनगर (नैनीताल)। रामनगर के युवक से 41 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि 2022 में रामनगर के जाहिद अली ने तहरीर दी थी। उसका कहना था कि वह फेसबुक और विभिन्न व्हाटसएप ग्रुपों में दुबई में राज मिस्त्री व लेबरों की मजदूरों की जरूरत संबंधित फेक विज्ञापन प्रकाशित देखा था। झांसे में आकर उसने 40-50 लोगों से 41 लाख 50 हजार रुपये जमा कर अलग-अलग तारीखों में एकांउट में डाल दिए थे। बाद में यह विज्ञापन फर्जी निकला और ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने आरोपी अनिल चौधरी पुत्र रामजी चौधरी निवासी जिला आरा भोजपुर बिहार को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बताया कि वह पांच-छह साल पहले दुबई में वेल्डिंग का काम करता था। वीजा खत्म होने के बाद वह भारत आ गया था। दुबई में ही उसकी दोस्ती बांग्लादेश निवासी सुमित कुमार से हुई थी। भारत आने के बाद वह बेरोजगार था और उस पर कर्ज भी हो गया था। 2022 में उसकी सुमित कुमार से फोन पर बात हुई। उसने आईडी बनाई और फर्जी विज्ञापन प्रकाशित कर दिया।
विज्ञापन
कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि 2022 में रामनगर के जाहिद अली ने तहरीर दी थी। उसका कहना था कि वह फेसबुक और विभिन्न व्हाटसएप ग्रुपों में दुबई में राज मिस्त्री व लेबरों की मजदूरों की जरूरत संबंधित फेक विज्ञापन प्रकाशित देखा था। झांसे में आकर उसने 40-50 लोगों से 41 लाख 50 हजार रुपये जमा कर अलग-अलग तारीखों में एकांउट में डाल दिए थे। बाद में यह विज्ञापन फर्जी निकला और ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने आरोपी अनिल चौधरी पुत्र रामजी चौधरी निवासी जिला आरा भोजपुर बिहार को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बताया कि वह पांच-छह साल पहले दुबई में वेल्डिंग का काम करता था। वीजा खत्म होने के बाद वह भारत आ गया था। दुबई में ही उसकी दोस्ती बांग्लादेश निवासी सुमित कुमार से हुई थी। भारत आने के बाद वह बेरोजगार था और उस पर कर्ज भी हो गया था। 2022 में उसकी सुमित कुमार से फोन पर बात हुई। उसने आईडी बनाई और फर्जी विज्ञापन प्रकाशित कर दिया।
विज्ञापन