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Nainital News: छात्रा से दुष्कर्म में युवक को 20 साल की कैद
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प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। कक्षा दस में पढ़ने वाली सरकारी स्कूल की 16 वर्षीय छात्रा को जून 2022 में फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने बुधवार को सजा सुनाई। मुक्तेश्वर के युवक पर पॉक्सो, जबरन ले जाने और दुष्कर्म का दोष सिद्ध हुआ।
विशेष न्यायाधीश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर तोमर ने दोषी को 20 साल का सश्रम कारावास और बीस हजार रुपये के जुर्माना से दंडित किया है। मुक्तेश्वर क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी एक जून की रात एक से दाे बजे के बीच घर से कहीं चली गई। अगले दिन सुबह से पिता ने उसकी तलाश की। फिर सामने आया कि उसे एक युवक अपने साथ ले गया है। दो जून को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने किशोरी को ढूंढ लिया और मेडिकल के बाद मुकदमा में दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। 16 जुलाई 22 को पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। इस प्रकरण में वादी, प्रत्यक्षदर्शी, विवेचक, मेडिकल ऑफिसर और प्रधानाचार्य के बयान दर्ज हुए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। विशेष न्यायाधीश ने आईपीसी की धारा 363 और 366 में पांच-पांच साल के कठाेर कारावास और पांच-पांच हजार जुर्माना तथा पॉक्सो में 20 साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। इसके साथ ही प्रतिकर के रूप में पीड़िता को चार लाख रुपये का आदेश भी पारित किया।
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विशेष न्यायाधीश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर तोमर ने दोषी को 20 साल का सश्रम कारावास और बीस हजार रुपये के जुर्माना से दंडित किया है। मुक्तेश्वर क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी एक जून की रात एक से दाे बजे के बीच घर से कहीं चली गई। अगले दिन सुबह से पिता ने उसकी तलाश की। फिर सामने आया कि उसे एक युवक अपने साथ ले गया है। दो जून को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने किशोरी को ढूंढ लिया और मेडिकल के बाद मुकदमा में दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। 16 जुलाई 22 को पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। इस प्रकरण में वादी, प्रत्यक्षदर्शी, विवेचक, मेडिकल ऑफिसर और प्रधानाचार्य के बयान दर्ज हुए।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। विशेष न्यायाधीश ने आईपीसी की धारा 363 और 366 में पांच-पांच साल के कठाेर कारावास और पांच-पांच हजार जुर्माना तथा पॉक्सो में 20 साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। इसके साथ ही प्रतिकर के रूप में पीड़िता को चार लाख रुपये का आदेश भी पारित किया।
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