Uttarakhand: जयपुर से कैंची धाम घूमने आए सैलानी की नदी में डूबने से मौत, SDRF ने शव निकाला
जयपुर से कैंची धाम दर्शन के बाद केदारनाथ जा रहे चार सैलानियों में से 21 वर्षीय प्रिंस बगोरिया शनिवार दोपहर खैरना-गरमपानी के रामगाड़ पुल के पास नदी में नहाते समय डूब गया। पुलिस और SDRF ने शव बरामद कर लिया है, परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
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राजस्थान के जयपुर से कैंची धाम घूमने आए युवक की शनिवार को गरमपानी रामगाड़ नदी में डूबने से मौत हो गई। वह अपने तीन दोस्तों के साथ कैंची धाम दर्शन के बाद केदारनाथ जा रहा था। रास्ते में नदी में नहाने के दौरान यह हादसा हो गया।
घटना के बाद भवाली कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा, खैरना चौकी प्रभारी सतीश उपाध्याय पुलिसकर्मियों और एसडीआरएफ के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद प्रिंस बागौरिया को खोज कर बाहर निकाला। गरमपानी सीएचसी में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। ृघटना के बाद से मृतक के तीनों दोस्तों का रो-रोकर बुरा हाल है।
चार युवक जयपुर से घूमने के लिए कैंची धाम आए थे। रामगाड़ नदी में नहाते समय एक युवक की मौत हो गई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के साथियों से पूछताछ की जा रही है। - जगदीश चंद्रा, एसपी सिटी
प्रिंस के जन्मदिन की खुशी मातम में बदल गई
जयपुर से 30 जुलाई को प्रिंस बागौरिया के जन्मदिन पर चारों दोस्त घूमने के लिए कैंची धाम के लिए निकले थे। शुक्रवार को चारों नैनीताल में ठहरे। शनिवार सुबह उन्होंने कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए। यहां से चारों केदारनाथ यात्रा के लिए निकल पड़े लेकिन उन्हें नहीं पता था कि कैंची धाम से सात किमी दूर रामगाड़ पुल के पास नदी में नहाना प्रिंस बागौरिया की जिंदगी का अंतिम दिन बन जाएगा।
कर्मचारी के मना करने के बावजूद उतरे नदी में
चारों जिस वक्त नदी की तरफ जाने लगे तो तभी परियोजना के एक कर्मचारी ने उन्हें नदी में जाने और नहाने से मना किया था लेकिन चारों नदी में नहाने के लिए चले गए। अंश शर्मा भी नदी में डूबने लगा तो उसे एक स्थानीय युवक ने बचा लिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर चारों युवकों ने बात मान ली होती तो शायद प्रिंस बागौरिया भी जीवित होता।
नीट की तैयारी कर रहा था प्रिंस
राजस्थान जयपुर निवासी प्रिंस बागौरिया के साथियों ने बताया कि प्रिंस नीट की तैयारी कर रहा था। उसकी मां चूड़ियों का कारोबार करती हैं। तीन अन्य युवक 12वीं पास कर चुके हैं।
चेतावनी बोर्ड लगाने के बाद भी नहीं जाग रहे हैं लोग
बरसात के समय नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने नदियों और गधेरों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं लेकिन इसके बाद भी लोग नहाने के लिए जा रहे हैं। इसके चलते पूर्व में बेतालघाट क्षेत्र की कोसी और शिप्रा नदी में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।