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मिड-डे मील : पर्वतीय स्कूलों में नहीं बन रहा भोजन
Nainital
Updated Thu, 24 Jul 2014 05:30 AM IST
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हल्द्वानी। चावल नहीं मिलने से पर्वतीय इलाकों के पांच ब्लाकों के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन पकना बंद होने का हल्ला मचने पर आपूर्ति विभाग ने 240 क्विंटल चावल रिलीज कर दिया है। इस मुद्दे पर डीएम ने भी मीटिंग कर मध्याह्न भोजन योजना को चालू रखने के बारे में मंथन किया। साथ ही यह दावा भी किया गया कि राज्य सरकार और केंद्र के बीच करार हो गया है तथा केंद्र से मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना का चावल जल्द मिलने लगेगा। इधर, एफसीआई ने इस बात से इनकार किया है कि शिक्षा विभाग ने मई का भुगतान किया है। जब चावल ही नहीं दिया गया तो भुगतान कैसे किया, इसका शिक्षा विभाग सुबूत दे।
मिड-डे मील योजना के तहत स्कूलों को एफसीआई से चावल न मिलने से जिले के ओखलकांडा, बेतालघाट, धारी, रामगढ़ और कोटाबाग ब्लाक क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन पकना बंद हो गया। बच्चों को मध्याह्न भोजन न मिलने से कई दिनों से काफी हल्ला मचा हुआ है। इसको लेकर बुधवार को जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता ने शिक्षा विभाग और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर मंथन किया। डीएसओ तेजबल सिंह ने बताया कि विभाग के पास बकाया चावल पर्वतीय क्षेत्रों के स्कूलों को दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि धारी के गोदाम को 150 क्विंटल और ओखलकांडा के गोदाम को 90 क्विंटल चावल रिलीज कर दिया गया है तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है। पर्वतीय ब्लाकों के कोटेदारों को चावल का उठान करने को कहा गया है।
इधर, भुगतान के बावजूद मई का चावल न दिए जाने के मुद्दे पर एफसीआई के अधिकारियों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस बात के सुबूत मांगे हैं। एफसीआई के अधिकारी सीएस जोशी का कहना है कि नैनीताल जिले को प्राइमरी के लिए 940 क्विंटल तथा जूनियर हाईस्कूलों के लिए 1050.90 क्विंटल चावल की आपूर्ति का आरओ 30 अप्रैल को जारी हुआ था, जिसका उठान 25 मई को हुआ। जून में इसका बिल क्लेम किया गया, तब इसका शिक्षा विभाग ने भुगतान किया। मई का कोई चावल नहीं दिया गया। पूछने पर मैनेजर अकाउंट एसएस रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग ने अप्रैल के चावल के बिल का करीब 21 लाख 38 हजार रुपए का भुगतान किया। जब मई का चावल आवंटन नहीं हुआ तो बिल किस बात का दिया, शिक्षा विभाग बताए।
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मिड-डे मील योजना के तहत स्कूलों को एफसीआई से चावल न मिलने से जिले के ओखलकांडा, बेतालघाट, धारी, रामगढ़ और कोटाबाग ब्लाक क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन पकना बंद हो गया। बच्चों को मध्याह्न भोजन न मिलने से कई दिनों से काफी हल्ला मचा हुआ है। इसको लेकर बुधवार को जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता ने शिक्षा विभाग और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर मंथन किया। डीएसओ तेजबल सिंह ने बताया कि विभाग के पास बकाया चावल पर्वतीय क्षेत्रों के स्कूलों को दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि धारी के गोदाम को 150 क्विंटल और ओखलकांडा के गोदाम को 90 क्विंटल चावल रिलीज कर दिया गया है तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है। पर्वतीय ब्लाकों के कोटेदारों को चावल का उठान करने को कहा गया है।
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इधर, भुगतान के बावजूद मई का चावल न दिए जाने के मुद्दे पर एफसीआई के अधिकारियों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस बात के सुबूत मांगे हैं। एफसीआई के अधिकारी सीएस जोशी का कहना है कि नैनीताल जिले को प्राइमरी के लिए 940 क्विंटल तथा जूनियर हाईस्कूलों के लिए 1050.90 क्विंटल चावल की आपूर्ति का आरओ 30 अप्रैल को जारी हुआ था, जिसका उठान 25 मई को हुआ। जून में इसका बिल क्लेम किया गया, तब इसका शिक्षा विभाग ने भुगतान किया। मई का कोई चावल नहीं दिया गया। पूछने पर मैनेजर अकाउंट एसएस रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग ने अप्रैल के चावल के बिल का करीब 21 लाख 38 हजार रुपए का भुगतान किया। जब मई का चावल आवंटन नहीं हुआ तो बिल किस बात का दिया, शिक्षा विभाग बताए।
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