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बेखौफ अपराधी, हताश पुलिस
Nainital
Updated Fri, 02 Aug 2013 05:35 AM IST
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हल्द्वानी। उत्तराखंड की सबसे बड़ी कोतवाली में पिछले दो माह से ताबड़तोड़ घटनाएं हो रही हैं। चोर, लुटेरे बेखौफ हैं तो पुलिस हताश। छह बड़ी चोरियां, कई गुमशुदगी, एक चेन लूट, एक हत्या सहित दर्जनों मामले पेंडिंग हैं। कोतवाली पुलिस बस जांच के नाम पर दिन बिता रही है। टीमें बाहरी जनपदों में भेजी गई, मगर बैरंग लौटी। बस अब मोबाइल सर्विलांस का सहारा है। हैरानी की बात है कि हर मामला अगर एसओजी को ही सौंपा जाना है तो कोतवाली में पुलिस अधिकारियों की फौज कर क्या रही है।
सात बड़ी चोरियों में सिर्फ संदिग्धों से पूछताछ
जून, जुलाई में हुई छह बड़ी चोरियों में करीब साठ लाख का माल चोर ले गए। कोतवाली पुलिस ने जांच की। संदिग्धों से पूछताछ की। फिंगरप्रिंट भी लिए। अब एसओजी को मोबाइल सर्विलांस के सहारे चोर पकड़ने में लगाया गया है, लेकिन किसी में भी चोरों का सुराग तक नहीं लगा। दो घटनाओं को तो पुलिस फर्जी बता रही है।
ये हैं चोरियां, जिनका सुराग नहीं लगा
25 मई को पंचायत घर में चोरी।
10 जून को गौरापड़ाव में चोरी।
11 जून को अंबिका विहार में चोरी।
26 जून को पाल कांप्लैक्स बरेली रोड में चोरी।
13 जुलाई को शनि बाजार के पास चोरी।
31 जुलाई को कुसुमखेड़ा में दो जगह चोरी।
नौसेरा के हत्यारों का पता नहीं
करीब तीन सप्ताह बाद भी बरेली रोड पर हुई नौ वर्षीय छात्रा नौसेरा के हत्यारों का पता नहीं लग पाया है, जिस बाग में उसकी हत्या हुई उसके नौकर पप्पू पर हत्या का शक है, मगर अब तक पुलिस फरार पप्पू को नहीं खोज पाई। इस मामले में भी एसओजी को लगाकर मोबाइल सर्विलांस का ही सहारा है। इसमें भी टीमें कई बाहरी जनपदों में गई, मगर हाथ कुछ नहीं लगा।
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गुमशुदा लोगों का भी पता नहीं
हल्दूपोखरा से लापता हुए 14 वर्षीय राजकमल मेहरा का पुलिस अब तक पता नहीं लगा पाई। आसपास पूछताछ की, मगर फिर जांच के नाम पर टाइम पास। आवास विकास से लापता बीए की छात्रा का अब तक नहीं लगा पता। युवक पर अपहरण का शक, मगर नहीं खोज पाई पुलिस। इसी तरह वनभूलपुरा और वन विभाग कैंपस तिकोनिया से लापता दो अन्य बुजुर्गों का भी कोई सुराग नहीं। जांच के नाम पर सिर्फ परिजनों से पूछताछ।
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सात बड़ी चोरियों में सिर्फ संदिग्धों से पूछताछ
जून, जुलाई में हुई छह बड़ी चोरियों में करीब साठ लाख का माल चोर ले गए। कोतवाली पुलिस ने जांच की। संदिग्धों से पूछताछ की। फिंगरप्रिंट भी लिए। अब एसओजी को मोबाइल सर्विलांस के सहारे चोर पकड़ने में लगाया गया है, लेकिन किसी में भी चोरों का सुराग तक नहीं लगा। दो घटनाओं को तो पुलिस फर्जी बता रही है।
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ये हैं चोरियां, जिनका सुराग नहीं लगा
25 मई को पंचायत घर में चोरी।
10 जून को गौरापड़ाव में चोरी।
11 जून को अंबिका विहार में चोरी।
26 जून को पाल कांप्लैक्स बरेली रोड में चोरी।
13 जुलाई को शनि बाजार के पास चोरी।
31 जुलाई को कुसुमखेड़ा में दो जगह चोरी।
नौसेरा के हत्यारों का पता नहीं
करीब तीन सप्ताह बाद भी बरेली रोड पर हुई नौ वर्षीय छात्रा नौसेरा के हत्यारों का पता नहीं लग पाया है, जिस बाग में उसकी हत्या हुई उसके नौकर पप्पू पर हत्या का शक है, मगर अब तक पुलिस फरार पप्पू को नहीं खोज पाई। इस मामले में भी एसओजी को लगाकर मोबाइल सर्विलांस का ही सहारा है। इसमें भी टीमें कई बाहरी जनपदों में गई, मगर हाथ कुछ नहीं लगा।
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गुमशुदा लोगों का भी पता नहीं
हल्दूपोखरा से लापता हुए 14 वर्षीय राजकमल मेहरा का पुलिस अब तक पता नहीं लगा पाई। आसपास पूछताछ की, मगर फिर जांच के नाम पर टाइम पास। आवास विकास से लापता बीए की छात्रा का अब तक नहीं लगा पता। युवक पर अपहरण का शक, मगर नहीं खोज पाई पुलिस। इसी तरह वनभूलपुरा और वन विभाग कैंपस तिकोनिया से लापता दो अन्य बुजुर्गों का भी कोई सुराग नहीं। जांच के नाम पर सिर्फ परिजनों से पूछताछ।