{"_id":"116-44817","slug":"Nainital-44817-116","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोई तो सुधार दो इन सड़कों की तस्वीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोई तो सुधार दो इन सड़कों की तस्वीर
Nainital
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। शहर की शक्ल को सड़कें सुंदर बनाती हैं, लेकिन हल्द्वानी में ऐसा नहीं है। यहां सड़कें तो हैं, मगर दिखती नहीं। क्योंकि गड्ढों ने सड़कों को ही गायब कर रखा है। बस स्टेट हाइवे से दाएं या बांए मुड़े नहीं कि फिर तो गाड़ियों में हिचकोले खाते रहो। सबसे ज्यादा दुर्गत इस वक्त कैंसर अस्पताल से हीरानगर जाने वाली सड़क की है। इस सड़क की किस्मत लोनिवि और सिंचाई विभाग के बीच फंसी है। इसीलिए तस्वीर खराब है।
असल में हीरानगर को जाने वाली सड़क सिंचाई विभाग के अधीन है। बजट नहीं होने की वजह से सिंचाई विभाग इसको सुधार नहीं पाया। जब लोनिवि के सामने रिपेयरिंग की बात आई तो विभाग ने यह कहकर मना कर दिया कि यह सड़क उसके अधीन नहीं है, इसीलिए गड्ढों को नहीं भरा जा सकता। कैंसर अस्पताल से लेकर करीब पांच सौ मीटर आगे तक छोटे-बडे़ दर्जनों गड्ढे हैं।
इसी तरह कैंसर अस्पताल से आईटीआई की तरफ और क्रियाशाला से जजफार्म की तरफ मुड़ने वाली रोड के हाल भी बदतर हैं। लोक निर्माण विभाग अपनी सड़कों को ही नहीं सुधार पा रहा है। लगभग हर कालोनी की डामरीकृत सड़कों की सूरत ऐसी ही है, लेकिन इन पर दुबारा डामरीकरण तो दूर गड्ढों को भरने वाला तक कोई नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
असल में हीरानगर को जाने वाली सड़क सिंचाई विभाग के अधीन है। बजट नहीं होने की वजह से सिंचाई विभाग इसको सुधार नहीं पाया। जब लोनिवि के सामने रिपेयरिंग की बात आई तो विभाग ने यह कहकर मना कर दिया कि यह सड़क उसके अधीन नहीं है, इसीलिए गड्ढों को नहीं भरा जा सकता। कैंसर अस्पताल से लेकर करीब पांच सौ मीटर आगे तक छोटे-बडे़ दर्जनों गड्ढे हैं।
विज्ञापन
इसी तरह कैंसर अस्पताल से आईटीआई की तरफ और क्रियाशाला से जजफार्म की तरफ मुड़ने वाली रोड के हाल भी बदतर हैं। लोक निर्माण विभाग अपनी सड़कों को ही नहीं सुधार पा रहा है। लगभग हर कालोनी की डामरीकृत सड़कों की सूरत ऐसी ही है, लेकिन इन पर दुबारा डामरीकरण तो दूर गड्ढों को भरने वाला तक कोई नहीं।
विज्ञापन