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श्रीराम लीला कमेटी चुनाव
Nainital
Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
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हल्द्वानी। श्रीरामलीला कमेटी की 31 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए शुक्रवार को हुए मतदान के बाद शनिवार को मतगणना में महाभारत हो गई। चुनाव मैदान में उतरे एक गुट के सदस्यों ने प्रशासन पर धोखाधड़ी और धांधली का आरोप लगाते हुए मतगणना स्थल पर बखेड़ा खड़ा कर दिया। दोबारा मतगणना की मांग को लेकर जमकर हंगामा हुआ। प्रशासन दोबारा मतगणना कराने के लिए सहमत हो गया लेकिन हंगामा और नारेबाजी के चलते मतगणना रोक दी गई। मतगणना अब एक अक्तूबर को होगी। सभी मतपेटियों को सील कर कड़ी सुरक्षा में रख दिया गया है।
शनिवार को विशिष्ट सदस्यों के मतों की गिनती अपराह्न चार बजे तक पूरी हो गई थी। विशिष्ट सदस्यों में से दस सदस्यों का निर्वाचन हो गया। चार बजे बाद साधारण सदस्यों की मतगणना शुरू हुई। तीन चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद चौथे चरण में विवेक कश्यप, मनोज गुप्ता और अतुल अग्रवाल ने मतगणना को लेकर आपत्ति जताई और प्रशासन से अब तक हुई गिनती का ब्यौरा मांगा। विवेक कश्यप का कहना था कि उन्हें पहले चरण में 129 मत मिले थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मात्र 21 मत प्राप्त होना दिखाया। उन्होंने दोबारा मतगणना कराने की मांग की। चुनाव अधिकारी अपर उपजिलाधिकारी हरवीर सिंह ने दोबारा मतगणना कराने का भरोसा दिलाया, लेकिन तब तक हंगामा शुरू हो गया। दोनों गुट एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ते देख चुनाव अधिकारी ने मतगणना रोक दी। दूसरे गुट के जगमोहन बगड्वाल, लीलाधर कांडपाल का कहना था कि प्रशासन निष्पक्ष मतगणना करा रहा था, लेकिन अपनी हार होते देख विपक्षी प्रत्याशियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि विपक्षी हार को नहीं पचा पा रहे हैं। बता दें कि साधारण सदस्यों में से कार्यकारिणी के लिए 18 सदस्यों का चयन होना है।
मतपत्रों की वीडियो रिकार्डिंग की मांग
रामलीला कमेटी का चुनाव लड़ रहे विवेक कश्यप, पंकज वार्ष्णेय आदि का कहना है कि उन्हें अब प्रशासन पर भरोसा नहीं रह गया है। सभी पत पत्रों की वीडियो रिकार्डिंग की जाए। वीडियो रिकार्डिंग के खर्चे की भरपाई कमेटी के खाते में जोड़ी जाए।
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संयम रखते तो दोबारा हो जाती मतगणना
सिटी मजिस्ट्रेट उदयवीर सिंह राणा ने कहा कि सुबह से ही सभी कर्मचारी मतगणना में लगे रहे। उन्होंने कहा कि वोटों की गिनती में गलती हो सकती है, प्रत्याशी संयम रखते तो दोबारा गणना हो जाती। हंगामे के चलते मतपेटियां सील करनी पड़ीं हैं।
एक अक्तूबर को होगा दूध का दूध, पानी का पानी
चुनाव अधिकारी अपर उपजिलाधिकारी हरवीर सिंह ने कहा कि एक गुट के सदस्यों ने बेवजह बखेड़ा खड़ा किया। एक अक्तूबर को सुबह आठ बजे से दोबारा मतगणना की जाएगी। उसमें दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। विवाद से पूर्व करीब सात सौ मतों की गिनती हो चुकी थी।
फोटो
विशिष्ट सदस्यों की गिनती निपटी शांतिपूर्ण
शहर की सबसे पुरानी रामलीला कमेटी के लिए इस साल 2433 लोगों ने सदस्यता ली। जिनमें 1923 साधारण सदस्य, 507 विशेष सदस्य और चार आजीवन सदस्य हैं। कमेटी की 31 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए 50 साधारण सदस्यों, 27 विशेष सदस्यों और तीन आजीवन सदस्यों ने नामांकन कराया। अपर उपजिलाधिकारी हरवीर सिंह की देखरेख में हुए मतदान में 1597 साधारण सदस्यों और 476 विशेष सदस्यों ने मतदान किया। कार्यकारिणी के लिए विशिष्ट सदस्यों में से चुने जाने वाले सदस्यों में 10 का निर्वाचन हो चुका है। जबकि साधारण सदस्यों में से 18 कार्यकारिणी सदस्य चुने जाने हैं। साधारण सदस्यों के मतो की गिनती का काम देर रात समाचार लिखे जाने तक जारी था। विशिष्ट सदस्यों में राजीव अग्रवाल सर्वाधिक 371 मत प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रहे। निर्वाचित हुए विशिष्ट सदस्यों में जगमोहन बगड्वाल (308 मत), राकेश गुप्ता (318), राजीव अग्रवाल (371), मदनमोहन जोशी (332), योगेश शर्मा (320), हेम चंद्र कांडपाल (235), शरद रावल (243), केदार पलड़िया (320), हरीश जोशी (241) और संतोष कबड्वाल (240) मत प्राप्त कर विशिष्ट सदस्यों के टाप दस सदस्यों में शामिल होकर अपनी जीत दर्ज कराने में सफल रहे। आजीवन सदस्य मंजू वार्ष्णेय, पंकज वार्ष्णेय, धरमपाल कश्यप का निर्विरोध निर्वाचन तय है।
बड़े-बड़े दिग्गज खा गए मात
हल्द्वानी। श्रीराम लीला कमेटी के लिए हुए चुनावों में बतौर प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे बड़े-बड़े दिग्गज मात खा गए। इनमें राजनीतिक पार्टियों में अच्छा खासा रसूख रखने वाले पूर्व दर्जा मंत्री और प्रदेश पदाधिकारी शामिल हैं। रामलीला कमेटी में अच्छी दखल रखने वालों को भी मुंह की खानी पड़ी।
रामलीला कमेटी के लिए भाजपा और कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी नामांकन किया। नामांकन कराने वालों में भाजपा से जुड़े एक पूर्व दायित्वधारी और एक प्रदेश पदाधिकारी भी शामिल हैं। इन दोनों ने विशेष कार्यकारिणी सदस्य का चुनाव लड़ा और दोनों को मुंह की खानी पड़ी। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने अपने-अपने गुट के पैनल बना रखे थे। विशिष्ट सदस्यों में जीत दर्ज करने वाले सदस्यों का कहना है कि उनका पूरा पैनल ही जीता है। उन्हें अब साधारण सदस्यों में से मात्र छह सदस्यों की दरकार है।
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शनिवार को विशिष्ट सदस्यों के मतों की गिनती अपराह्न चार बजे तक पूरी हो गई थी। विशिष्ट सदस्यों में से दस सदस्यों का निर्वाचन हो गया। चार बजे बाद साधारण सदस्यों की मतगणना शुरू हुई। तीन चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद चौथे चरण में विवेक कश्यप, मनोज गुप्ता और अतुल अग्रवाल ने मतगणना को लेकर आपत्ति जताई और प्रशासन से अब तक हुई गिनती का ब्यौरा मांगा। विवेक कश्यप का कहना था कि उन्हें पहले चरण में 129 मत मिले थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मात्र 21 मत प्राप्त होना दिखाया। उन्होंने दोबारा मतगणना कराने की मांग की। चुनाव अधिकारी अपर उपजिलाधिकारी हरवीर सिंह ने दोबारा मतगणना कराने का भरोसा दिलाया, लेकिन तब तक हंगामा शुरू हो गया। दोनों गुट एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ते देख चुनाव अधिकारी ने मतगणना रोक दी। दूसरे गुट के जगमोहन बगड्वाल, लीलाधर कांडपाल का कहना था कि प्रशासन निष्पक्ष मतगणना करा रहा था, लेकिन अपनी हार होते देख विपक्षी प्रत्याशियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि विपक्षी हार को नहीं पचा पा रहे हैं। बता दें कि साधारण सदस्यों में से कार्यकारिणी के लिए 18 सदस्यों का चयन होना है।
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मतपत्रों की वीडियो रिकार्डिंग की मांग
रामलीला कमेटी का चुनाव लड़ रहे विवेक कश्यप, पंकज वार्ष्णेय आदि का कहना है कि उन्हें अब प्रशासन पर भरोसा नहीं रह गया है। सभी पत पत्रों की वीडियो रिकार्डिंग की जाए। वीडियो रिकार्डिंग के खर्चे की भरपाई कमेटी के खाते में जोड़ी जाए।
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संयम रखते तो दोबारा हो जाती मतगणना
सिटी मजिस्ट्रेट उदयवीर सिंह राणा ने कहा कि सुबह से ही सभी कर्मचारी मतगणना में लगे रहे। उन्होंने कहा कि वोटों की गिनती में गलती हो सकती है, प्रत्याशी संयम रखते तो दोबारा गणना हो जाती। हंगामे के चलते मतपेटियां सील करनी पड़ीं हैं।
एक अक्तूबर को होगा दूध का दूध, पानी का पानी
चुनाव अधिकारी अपर उपजिलाधिकारी हरवीर सिंह ने कहा कि एक गुट के सदस्यों ने बेवजह बखेड़ा खड़ा किया। एक अक्तूबर को सुबह आठ बजे से दोबारा मतगणना की जाएगी। उसमें दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। विवाद से पूर्व करीब सात सौ मतों की गिनती हो चुकी थी।
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विशिष्ट सदस्यों की गिनती निपटी शांतिपूर्ण
शहर की सबसे पुरानी रामलीला कमेटी के लिए इस साल 2433 लोगों ने सदस्यता ली। जिनमें 1923 साधारण सदस्य, 507 विशेष सदस्य और चार आजीवन सदस्य हैं। कमेटी की 31 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए 50 साधारण सदस्यों, 27 विशेष सदस्यों और तीन आजीवन सदस्यों ने नामांकन कराया। अपर उपजिलाधिकारी हरवीर सिंह की देखरेख में हुए मतदान में 1597 साधारण सदस्यों और 476 विशेष सदस्यों ने मतदान किया। कार्यकारिणी के लिए विशिष्ट सदस्यों में से चुने जाने वाले सदस्यों में 10 का निर्वाचन हो चुका है। जबकि साधारण सदस्यों में से 18 कार्यकारिणी सदस्य चुने जाने हैं। साधारण सदस्यों के मतो की गिनती का काम देर रात समाचार लिखे जाने तक जारी था। विशिष्ट सदस्यों में राजीव अग्रवाल सर्वाधिक 371 मत प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रहे। निर्वाचित हुए विशिष्ट सदस्यों में जगमोहन बगड्वाल (308 मत), राकेश गुप्ता (318), राजीव अग्रवाल (371), मदनमोहन जोशी (332), योगेश शर्मा (320), हेम चंद्र कांडपाल (235), शरद रावल (243), केदार पलड़िया (320), हरीश जोशी (241) और संतोष कबड्वाल (240) मत प्राप्त कर विशिष्ट सदस्यों के टाप दस सदस्यों में शामिल होकर अपनी जीत दर्ज कराने में सफल रहे। आजीवन सदस्य मंजू वार्ष्णेय, पंकज वार्ष्णेय, धरमपाल कश्यप का निर्विरोध निर्वाचन तय है।
बड़े-बड़े दिग्गज खा गए मात
हल्द्वानी। श्रीराम लीला कमेटी के लिए हुए चुनावों में बतौर प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे बड़े-बड़े दिग्गज मात खा गए। इनमें राजनीतिक पार्टियों में अच्छा खासा रसूख रखने वाले पूर्व दर्जा मंत्री और प्रदेश पदाधिकारी शामिल हैं। रामलीला कमेटी में अच्छी दखल रखने वालों को भी मुंह की खानी पड़ी।
रामलीला कमेटी के लिए भाजपा और कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी नामांकन किया। नामांकन कराने वालों में भाजपा से जुड़े एक पूर्व दायित्वधारी और एक प्रदेश पदाधिकारी भी शामिल हैं। इन दोनों ने विशेष कार्यकारिणी सदस्य का चुनाव लड़ा और दोनों को मुंह की खानी पड़ी। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने अपने-अपने गुट के पैनल बना रखे थे। विशिष्ट सदस्यों में जीत दर्ज करने वाले सदस्यों का कहना है कि उनका पूरा पैनल ही जीता है। उन्हें अब साधारण सदस्यों में से मात्र छह सदस्यों की दरकार है।