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एमबी कालेज सुधारने के दावे बड़े - बड़े मगर हाल नहीं सुधरे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jan 2019 01:55 AM IST
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एमबी कालेज सुधारने के दावे बड़े - बड़े मगर हाल नहीं सुधरे
हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी कॉलेज में यूजीसी के मानकों की अनदेखी के चलते इस बार नैक की मान्यता मिलने में कई अड़चनें सामने आ रही हैं। कॉलेज की नैक की मान्यता पिछले साल जून में समाप्त हो चुकी है लेकिन कॉलेज प्रशासन इसके लिए यूजीसी को आवेदन ही नहीं कर सका। अब छह माह बाद नींद खुली है। अब नैक की मान्यता लेने की तैयारी हो रही है लेकिन यूजीसी के मानक पूरे न होने के कारण महाविद्यालय प्रशासन की नींद उड़ी है। हाल यह है कि 14 हजार की छात्रसंख्या वाले कॉलेज में छात्राओं का शौचालय तक नहीं है। उच्चशिक्षामंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चर्चा में रहने वाले इस महाविद्यालय को सुधारने के दावे किए, कई बार महाविद्यालय में कार्यक्रमों में भी आए। संसाधन बढ़ाने की घोषणाएं कीं मगर हाल नहीं सुधरे। खेल मैदान में भवन बना दिया गया है। कंप्यूटर लैब नहीं है, प्रयोगशालाओं की स्थिति खराब है।
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एमबी कॉलेज सुधारने के दावे बड़े-बड़े मगर हाल नहीं सुधरे
नैक की मान्यता छह माह पहले हो चुकी है समाप्त, दोबारा प्रत्यावेदन करने में आ रही अड़चनें

22 विभागों में से 10 में कंप्यूटर तक ही नहीं
हल्द्वानी। महाविद्यालय में स्नातक एवं परास्नातक विषयों के 22 विभाग हैं। इनमें से गणित, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र समेत 10 विभागों में कंप्यूटर आदि की सुविधा ही नहीं है। इतना ही नहीं शोधार्थियों के लिए विभागों में अलग से लाइब्रेरी की सुविधा नहीं है। न ही उन्हें नेट की सुविधा मिली है।
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रूसा से दो करोड़ मिलने का प्रस्ताव भी खटाई में
हल्द्वानी। रूसा के मानकों में भी एमबीपीजी कॉलेज खरा नहीं उतर सका है। महाविद्यालय में मानक के अनुरूप फैकल्टी न होने की वजह से रूसा से मिलने वाले दो करोड़ का प्रस्ताव भी खटाई में पड़ गया है। उच्चशिक्षामंत्री ने एमबी कॉलेज में विभिन्न निर्माण कार्यों एवं संसाधन बढ़ाने के लिए रूसा से दो करोड़ स्वीकृत कराने का कई बार दावा किया मगर सच्चाई कुछ और ही निकली। अब फैकल्टी के मानक पूरे करने को कामचलाऊ व्यवस्था के तहत लगे प्राध्यापकों को खाली पदों पर दिखा कर फिर से प्रस्ताव भेजा गया है।
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नैक का ए श्रेणी प्रमाणपत्र के लिए मानक
- यूजीसी के मानक के आधार पर फैकल्टी हो।
- विद्यार्थियों के लिए रीडिंग रूम अनिवार्य रूप से हो।
- कॅरिअर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट विभाग जरूरी होना चाहिए।
- खेल मैदान मानक के अनुसार हो, टेबल टेनिस समेत सभी खेलों की सुविधा हो।
- महाविद्यालय का परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की स्थिति।
- प्राध्यापकों का गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में योगदान।
- महाविद्यालय में बेहतर लाइब्रेरी होनी चाहिए।
- विभिन्न विषयों पर कितने शोध हुए और वर्तमान स्थिति।
- कॉमन गर्ल्स रूम अनिवार्य रूप से हो।

नैक प्रत्यायन के लिए महाविद्यालय में डॉ. बीआर पंत की अध्यक्षता में कमेटी बना दी गई है। नैक प्रत्यायन को दिसंबर में आवेदन किया गया है। यूजीसी से कुछ जानकारी मांगी गई हैं। उन्हें भेजने के बाद नैक निरीक्षण की तिथि आ जाएगी, तब तक महाविद्यालय की कमियों को सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।
- डॉ. रेखा पांडे, प्रभारी प्राचार्य एमबी कॉलेज
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