{"_id":"5c2fc7b5bdec2256dc68c1dd","slug":"91546635189-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना शर्त काम पर लौटे 108 कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना शर्त काम पर लौटे 108 कर्मी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। मांगों को लेकर हड़ताल पर गए 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी के कर्मचारी प्रबंधन से वार्ता के बाद बिना शर्त काम पर लौट आए हैं। हड़ताल के तीसरे दिन भी मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस न मिलने के कारण लोगों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचना पड़ा। जबकि खुशियों की सवारी भी प्रसूताओं को नहीं मिल सकी।
मांगों को लेकर जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट फील्ड कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। इंस्टीट्यूट की ओर से उन्हें नोटिस जारी किया गया था। साथ ही सेवाएं समाप्त करने की चेतावनी दी गई थी। बृहस्पतिवार को पीआरडी जवानों और अन्य अस्पतालों से सहयोग लेकर 108 एंबुलेंस संचालित की गईं थीं। शुक्रवार को कुमाऊं में 124 कॉल 108 एंबुलेंस को गईं और महज 24 ही पर 108 एंबुलेंस पहुंच सकी। जबकि खुशियों की सवारी के लिए 14 कॉल हुई और एक भी कॉल पर नहीं पहुंची। इंस्टीट्यूट की ओर से दावा किया गया कि शुक्रवार को अल्मोड़ा में आठ, बागेश्वर में दो, पिथौरागढ़ में आठ, नैनीताल में आठ, चंपावत में चार और ऊधमसिंह नगर में आठ एंबुलेंस का संचालन हुआ।
इंस्टीट्यूट के राज्य प्रमुख मनीष टिंक्कू ने दावा कि बिना शर्त फील्ड कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। हालांकि उनकी मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा। दूसरी ओर फील्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव बिपिन जमलोकी ने बताया कि मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर गए थे। बताया कि प्रबंधन से वार्ता हुई थी। प्रबंधन की ओर से सामूहिक अवकाश पर रहे कर्मियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है। साथ ही दावा किया कि कोड ऑफ कंडक्ट पर हस्ताक्षर न करने की मांग भी प्रबंधन ने मान ली है।
विज्ञापन
बिना शर्त काम पर लौटे 108 कर्मी, हड़ताल खत्म
108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी न मिलने से मरीज रहे हलकान
जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट से हुई वार्ता, मांगों पर विचार का दिया आश्वासन
हड़ताल पर रहे कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का मिला आश्वासन
इन्हें नहीं मिली खुशियों की सवारी
:: सैफाली निवासी चकलुवा कालाढूंगी दो जनवरी को सुशीला तिवारी अस्पताल में दिन के 12 बजे भर्ती हुई थी। प्रसव के बाद चार जनवरी को शाम तीन बजे खुशियों की सवारी न मिलने पर निजी वाहन से गई।
:: मीनाक्षी जोशी निवासी मंगोली नैनीताल 31 दिसंबर को महिला अस्पताल में दिन में 4 बजे भर्ती हुई थी। प्रसव के बाद चार जनवरी को सुबह 10 बजे खुशियों की सवारी न मिलने पर निजी वाहन से गई।
:: नीमा निवासी ओखलकांडा दो जनवरी को महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। प्रसव के बाद चार जनवरी को सुबह 11 बजे अपने निजी वाहन से घर गई।
:: कुलसुम निवासी नई बस्ती नैनीताल एक जनवरी को महिला अस्पताल में शाम 3:40 पर भर्ती हुई। प्रसव के बाद चार जनवरी को सुबह 11:़30 बजे खुशियों की सवारी नहीं मिलने पर निजी वाहन से गई।
:: विमला निवसी फतेहपुर तीन जनवरी को महिला अस्पताल में दिन में 2:25 पर भर्ती हुई। प्रसव के बाद चार जनवरी को दिन में 12 बजे अपने निजी साधन से घर वापस जाना पड़ा।
:: सरोज शर्मा निवासी सिंघल फार्म तीन जनवरी को महिला अस्पताल में सुबह 7 बजे भर्ती हुई थी। प्रसव के बाद चार जनवरी को दिन में 12:18 बजे खुशियों की सवारी नहीं मिलने पर निजी वाहन से वापस गई।
विज्ञापन
मांगों को लेकर जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट फील्ड कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। इंस्टीट्यूट की ओर से उन्हें नोटिस जारी किया गया था। साथ ही सेवाएं समाप्त करने की चेतावनी दी गई थी। बृहस्पतिवार को पीआरडी जवानों और अन्य अस्पतालों से सहयोग लेकर 108 एंबुलेंस संचालित की गईं थीं। शुक्रवार को कुमाऊं में 124 कॉल 108 एंबुलेंस को गईं और महज 24 ही पर 108 एंबुलेंस पहुंच सकी। जबकि खुशियों की सवारी के लिए 14 कॉल हुई और एक भी कॉल पर नहीं पहुंची। इंस्टीट्यूट की ओर से दावा किया गया कि शुक्रवार को अल्मोड़ा में आठ, बागेश्वर में दो, पिथौरागढ़ में आठ, नैनीताल में आठ, चंपावत में चार और ऊधमसिंह नगर में आठ एंबुलेंस का संचालन हुआ।
विज्ञापन
इंस्टीट्यूट के राज्य प्रमुख मनीष टिंक्कू ने दावा कि बिना शर्त फील्ड कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। हालांकि उनकी मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा। दूसरी ओर फील्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव बिपिन जमलोकी ने बताया कि मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर गए थे। बताया कि प्रबंधन से वार्ता हुई थी। प्रबंधन की ओर से सामूहिक अवकाश पर रहे कर्मियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है। साथ ही दावा किया कि कोड ऑफ कंडक्ट पर हस्ताक्षर न करने की मांग भी प्रबंधन ने मान ली है।
विज्ञापन
बिना शर्त काम पर लौटे 108 कर्मी, हड़ताल खत्म
108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी न मिलने से मरीज रहे हलकान
जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट से हुई वार्ता, मांगों पर विचार का दिया आश्वासन
हड़ताल पर रहे कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का मिला आश्वासन
इन्हें नहीं मिली खुशियों की सवारी
:: सैफाली निवासी चकलुवा कालाढूंगी दो जनवरी को सुशीला तिवारी अस्पताल में दिन के 12 बजे भर्ती हुई थी। प्रसव के बाद चार जनवरी को शाम तीन बजे खुशियों की सवारी न मिलने पर निजी वाहन से गई।
:: मीनाक्षी जोशी निवासी मंगोली नैनीताल 31 दिसंबर को महिला अस्पताल में दिन में 4 बजे भर्ती हुई थी। प्रसव के बाद चार जनवरी को सुबह 10 बजे खुशियों की सवारी न मिलने पर निजी वाहन से गई।
:: नीमा निवासी ओखलकांडा दो जनवरी को महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। प्रसव के बाद चार जनवरी को सुबह 11 बजे अपने निजी वाहन से घर गई।
:: कुलसुम निवासी नई बस्ती नैनीताल एक जनवरी को महिला अस्पताल में शाम 3:40 पर भर्ती हुई। प्रसव के बाद चार जनवरी को सुबह 11:़30 बजे खुशियों की सवारी नहीं मिलने पर निजी वाहन से गई।
:: विमला निवसी फतेहपुर तीन जनवरी को महिला अस्पताल में दिन में 2:25 पर भर्ती हुई। प्रसव के बाद चार जनवरी को दिन में 12 बजे अपने निजी साधन से घर वापस जाना पड़ा।
:: सरोज शर्मा निवासी सिंघल फार्म तीन जनवरी को महिला अस्पताल में सुबह 7 बजे भर्ती हुई थी। प्रसव के बाद चार जनवरी को दिन में 12:18 बजे खुशियों की सवारी नहीं मिलने पर निजी वाहन से वापस गई।