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केमू की बसों के पहिए जाम, यात्री परेशान
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:12 AM IST
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केमू की बसों का संचालक रोका
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। केमू बस संचालकों ने शुक्रवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी, इससे 450 बसों के पहिए थम गए और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। केमू बस संचालकों ने हल्द्वानी केमू स्टेशन पर प्रदर्शन करने के साथ संघर्ष का एलान किया है। वहीं, रोडवेज केमू की हड़ताल के मद्देनजर केवल तीन अतिरिक्त बसों का संचालन कर पाया।
सुबह पांच बजे से ही केमू स्टेशन में पर्वतीय रूट में जाने वाले यात्रियों की भीड़ उमड़ गई। बसें नहीं मिलने के कारण कई यात्रियों को टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। वहीं, पिथौरागढ़, रानीखेत, गंगोलीहाट, बबियाड़ सहित कई रूटों में जाने वाली रोडवेज की बसों में यात्री जैसे-तैसे सवार होकर गए हैं। उधर, केमू से जुडे़ यूनियन के पदाधिकारी केमू स्टेशन में एकत्र हुए। यहां हुई सभा में यूनियन के अध्यक्ष सुरेश डसीला ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
रोडवेज ने तीन बसें अतिरिक्त लगा कर झाड़ा पल्ला
रोडवेज ने अल्मोड़ा रूट में तीन बसें अतिरिक्त भेजकर अपना पल्ला झाड़ लिया। गनीमत ये रही कि रोडवेज ने पहाड़ी रूट में जाने वाली किसी भी बस को कैंसिल नहीं किया। स्टेशन इंचार्ज रवि कापड़ी ने बताया कि निगम के पास जितना बस का बेड़ा था, उसे रूट पर लगाया गया है।
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टैक्सी वालों ने मनमाना किराया वसूला
केमू की हड़ताल टैक्सी वालों की चांदी कर गई। केमू की बसें नहीं चलने से यात्री परेशान रहे। रोडवेज की कई रूटों में बस नहीं होने का फायदा टैक्सी वालों ने उठाया। टैक्सी वालों ने हड़ताल के दौरान सभी रूटों में 50 से 100 रुपये तक अधिक यात्रियों से वसूले।
प्राइवेट नंबर की गाड़ियां भी चली टैक्सी में
केमू की हड़ताल से प्राइवेट नंबर की कारें भी टैक्सी के रूप में चली। कई प्राइवेट नंबर की कार चालकों ने केमू स्टेशन से सवारियां भरी। उधर परिवहन विभाग की टीम कही जांच करते हुए दिखाई नहीं दी।
यात्रियों से बात
10 बजे से पिथौरागढ़ जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं। बस नहीं मिली। बाद में पता चला कि केमू की हड़ताल है। रोडवेज पहुंचा तो वहां बस जा चुकी थी। अब होटल लेकर ठहरना होगा।
-किशन राम, पिथौरागढ़
खैरना जाना है। बस का तीन घंटे से इंतजार कर रहा हूं। बस वालों की हड़ताल है। अब टैक्सी में ही जाऊंगा।
-देव सिंह खैरना
रोडवेज की बसें भरकर चल रही हैं। भवाली तक की सवारी वे नहीं बैठा रहे हैं। अब टैक्सी से ही भवाली जाना पड़ेगा।
-आशीष भवाली
12 बजे केमू स्टेशन पहुंचा तो पता चला कि केमू की बसों की हड़ताल है। रोडवेज गया तो वहां से भी खैरना के लिए कोई बस नहीं है। अब हल्द्वानी में ही रिस्तेदारों के वहां रुकूंगा।
-मदन मोहन खैरना
इसलिए गुस्से में हैं केमू वाले
- तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एक सवारी में गिना जा रहा है और ओवर सीट मानकर चालान किया जा रहा है जबकि तीन वर्ष के बच्चे का टिकट नहीं लिया जाता है।
- ओवर सीट में चालान होने पर वाहन स्वामी और चालक पर आपराधिक केस दर्ज किया जाता है।
- ओवर सीट में परमिट निरस्तीकरण
- चालान होने पर चालक का लाइसेंस निरस्त करने व गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने
- पुलिस द्वारा हर चौकी में रूट चार्ट व अन्य पत्रावलियां मांगने
- स्पीड गवर्नर व जीपीएस सिस्टम की अनिवार्यता लागू करने
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यय की उचित दर न होना
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सुबह पांच बजे से ही केमू स्टेशन में पर्वतीय रूट में जाने वाले यात्रियों की भीड़ उमड़ गई। बसें नहीं मिलने के कारण कई यात्रियों को टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। वहीं, पिथौरागढ़, रानीखेत, गंगोलीहाट, बबियाड़ सहित कई रूटों में जाने वाली रोडवेज की बसों में यात्री जैसे-तैसे सवार होकर गए हैं। उधर, केमू से जुडे़ यूनियन के पदाधिकारी केमू स्टेशन में एकत्र हुए। यहां हुई सभा में यूनियन के अध्यक्ष सुरेश डसीला ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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रोडवेज ने तीन बसें अतिरिक्त लगा कर झाड़ा पल्ला
रोडवेज ने अल्मोड़ा रूट में तीन बसें अतिरिक्त भेजकर अपना पल्ला झाड़ लिया। गनीमत ये रही कि रोडवेज ने पहाड़ी रूट में जाने वाली किसी भी बस को कैंसिल नहीं किया। स्टेशन इंचार्ज रवि कापड़ी ने बताया कि निगम के पास जितना बस का बेड़ा था, उसे रूट पर लगाया गया है।
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टैक्सी वालों ने मनमाना किराया वसूला
केमू की हड़ताल टैक्सी वालों की चांदी कर गई। केमू की बसें नहीं चलने से यात्री परेशान रहे। रोडवेज की कई रूटों में बस नहीं होने का फायदा टैक्सी वालों ने उठाया। टैक्सी वालों ने हड़ताल के दौरान सभी रूटों में 50 से 100 रुपये तक अधिक यात्रियों से वसूले।
प्राइवेट नंबर की गाड़ियां भी चली टैक्सी में
केमू की हड़ताल से प्राइवेट नंबर की कारें भी टैक्सी के रूप में चली। कई प्राइवेट नंबर की कार चालकों ने केमू स्टेशन से सवारियां भरी। उधर परिवहन विभाग की टीम कही जांच करते हुए दिखाई नहीं दी।
यात्रियों से बात
10 बजे से पिथौरागढ़ जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं। बस नहीं मिली। बाद में पता चला कि केमू की हड़ताल है। रोडवेज पहुंचा तो वहां बस जा चुकी थी। अब होटल लेकर ठहरना होगा।
-किशन राम, पिथौरागढ़
खैरना जाना है। बस का तीन घंटे से इंतजार कर रहा हूं। बस वालों की हड़ताल है। अब टैक्सी में ही जाऊंगा।
-देव सिंह खैरना
रोडवेज की बसें भरकर चल रही हैं। भवाली तक की सवारी वे नहीं बैठा रहे हैं। अब टैक्सी से ही भवाली जाना पड़ेगा।
-आशीष भवाली
12 बजे केमू स्टेशन पहुंचा तो पता चला कि केमू की बसों की हड़ताल है। रोडवेज गया तो वहां से भी खैरना के लिए कोई बस नहीं है। अब हल्द्वानी में ही रिस्तेदारों के वहां रुकूंगा।
-मदन मोहन खैरना
इसलिए गुस्से में हैं केमू वाले
- तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एक सवारी में गिना जा रहा है और ओवर सीट मानकर चालान किया जा रहा है जबकि तीन वर्ष के बच्चे का टिकट नहीं लिया जाता है।
- ओवर सीट में चालान होने पर वाहन स्वामी और चालक पर आपराधिक केस दर्ज किया जाता है।
- ओवर सीट में परमिट निरस्तीकरण
- चालान होने पर चालक का लाइसेंस निरस्त करने व गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने
- पुलिस द्वारा हर चौकी में रूट चार्ट व अन्य पत्रावलियां मांगने
- स्पीड गवर्नर व जीपीएस सिस्टम की अनिवार्यता लागू करने
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यय की उचित दर न होना