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जीवन से साक्षात्कार ही साहित्य है
Updated Mon, 16 Apr 2018 01:45 AM IST
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हल्द्वानी लिट्रेरी फेस्ट
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। सोशल मीडिया के दौर में साहित्य अब भी लोगों के दिलोंदिमाग में रचा-बसा है। साहित्य से जीवन का साक्षात्कार होता है। लेकिन उपन्यास और मीडिया से साहित्य गायब हो रहा है। यह बातें आम्रपाली ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट एवं कार्डियल संस्थान में रविवार को आयोजित हल्द्वानी लिटरेचर फेस्ट में लेखकों, उपन्यासकारों और मीडिया से जुड़े लोगों ने कही।
फेस्ट पांच अलग-अलग सत्रों में हुआ। उद्घाटन करते हुए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषाओं को लिपिबद्ध करने के लिए भाषा संस्थान का गठन किया गया है। प्रदेश सरकार हिंदी अकादमी, उर्दू अकादमी, पंजाबी अकादमी और लोक भाषा अकादमी का भी गठन करने जा रही है। कवियों और लेखकों को उनके प्रकाशनों पर आकर्षक रायल्टी दी जाएगी। पंत ने यह भी बताया कि वह भी दो काव्य संग्रह, एक कहानी संग्रह और एक यात्रा वृत्तांत लिख चुके हैं।
इस मौके पर पत्रकार दिनेश मानसेरा की पुस्तक मंगली एक पटकथा का विमोचन किया गया। टीवी एंकर ऋचा अनिरुद्ध, अभिसार शर्मा, पेंग्विन प्रकाशन की एडिटर गुरवीन चड्ढा ने भी विचार रखे। फेस्ट में मॉडल मनीश मेहता, मनमोहन जोशी, तनुजा जोशी, प्रमोद साह, अवनीश राजपाल, आलोक सिंह, वरुण अग्रवाल, दिनेश पांडे, संजीव भगत, शिखर आहूजा आदि मौजूद रहे।
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आर्ट गैलरी और पुस्तक प्रदर्शनी भी लगी
आर्टिस्ट सीमा बख्शी की ओर से आर्ट गैलरी भी लगाई गई। साहित्यकारों के लिए बुकवर्ल्ड पब्लिकेशन की ओर से देश के जाने माने लेखकों और कवियों की पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
किताबों पर चर्चा
आईएएस रणवीर सिंंह चौहान, पीपीएस अमित श्रीवास्तव, वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी ललित मोहन रयाल, हसीनाबाद की उपन्यासकार गीता श्री, लेखक प्रीतपाल कौर, लेखक सोनाली मिश्रा, लेखक विजय त्रिवेदी, विनीत कुमार, हृदयेश जोशी, अतुल सिन्हा की पुस्तकों की पर चर्चा भी हुई।
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फेस्ट पांच अलग-अलग सत्रों में हुआ। उद्घाटन करते हुए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषाओं को लिपिबद्ध करने के लिए भाषा संस्थान का गठन किया गया है। प्रदेश सरकार हिंदी अकादमी, उर्दू अकादमी, पंजाबी अकादमी और लोक भाषा अकादमी का भी गठन करने जा रही है। कवियों और लेखकों को उनके प्रकाशनों पर आकर्षक रायल्टी दी जाएगी। पंत ने यह भी बताया कि वह भी दो काव्य संग्रह, एक कहानी संग्रह और एक यात्रा वृत्तांत लिख चुके हैं।
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इस मौके पर पत्रकार दिनेश मानसेरा की पुस्तक मंगली एक पटकथा का विमोचन किया गया। टीवी एंकर ऋचा अनिरुद्ध, अभिसार शर्मा, पेंग्विन प्रकाशन की एडिटर गुरवीन चड्ढा ने भी विचार रखे। फेस्ट में मॉडल मनीश मेहता, मनमोहन जोशी, तनुजा जोशी, प्रमोद साह, अवनीश राजपाल, आलोक सिंह, वरुण अग्रवाल, दिनेश पांडे, संजीव भगत, शिखर आहूजा आदि मौजूद रहे।
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आर्ट गैलरी और पुस्तक प्रदर्शनी भी लगी
आर्टिस्ट सीमा बख्शी की ओर से आर्ट गैलरी भी लगाई गई। साहित्यकारों के लिए बुकवर्ल्ड पब्लिकेशन की ओर से देश के जाने माने लेखकों और कवियों की पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
किताबों पर चर्चा
आईएएस रणवीर सिंंह चौहान, पीपीएस अमित श्रीवास्तव, वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी ललित मोहन रयाल, हसीनाबाद की उपन्यासकार गीता श्री, लेखक प्रीतपाल कौर, लेखक सोनाली मिश्रा, लेखक विजय त्रिवेदी, विनीत कुमार, हृदयेश जोशी, अतुल सिन्हा की पुस्तकों की पर चर्चा भी हुई।