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नगर निगम की जांच में आया नया मोड़
Updated Sun, 04 Mar 2018 01:36 AM IST
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हल्द्वानी। तहबाजारी शुल्क की रसीद में लाखों रुपये का खेल नगर निगम के लिए सिर दर्द बना हुआ है। अब पान भंडार स्वामी ने जांच अधिकारी को शपथ पत्र सौंपा है। इसमें कहा है कि उससे बढ़ा हुआ पैसा नहीं लिया गया। बताया जा रहा है कि पक्षों के बीच समझौते की बात भी चल रही है।
पान भंडार स्वामी ने तहबाजारी की रसीद पेश की थी। इसमें नामांतरण शुल्क के नाम पर 63 हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया था। जांच में इस रसीद की जांच करने में सामने आया कि निगम के खाते में मात्र 26 रुपये जमा हुए हैं। जांच के बाद प्रथम दृष्टया मेयर के पीए गणेश और एक कर्मचारी को दोषी पाया गया था और इन्हें नगर आयुक्त ने अधिष्ठान से अटैच कर दिया था। इसके बाद दो रसीदों में इससे भी बड़ा खेल सामने आया। इसमें एक रसीद में दो लाख रुपये लेने और निगम के खाते में 25 रुपया जमा करने का मामला भी था।
नगर आयुक्त ने इसको लेकर जांच कमेटी बनाई थी। सूत्रों की मानें तो जांच कमेटी ने जब पान भंडार स्वामी से पूछताछ की तो उसने पैसा देने से मना कर दिया। साथ ही एक शपथ पत्र सौंपा है। इसमें कहा गया है कि उससे किसी कर्मचारी और पीए ने पैसे नहीं लिए हैं। अब इस पूरे मामले में सवाल उठ रहे हैं कि पहले पान भंडार स्वामी ने शिकायत की और रसीद सौंपी। अब वह अपनी बात से क्यों पीछे हट गया। अब जांच कमेटी की निगाहें दूसरी शिकायतकर्ता यशोदा देवी पर टिक गई हैं। यशोदा देवी को सात मार्च को जांच के लिए बुलाया गया है।
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पान भंडार स्वामी ने तहबाजारी की रसीद पेश की थी। इसमें नामांतरण शुल्क के नाम पर 63 हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया था। जांच में इस रसीद की जांच करने में सामने आया कि निगम के खाते में मात्र 26 रुपये जमा हुए हैं। जांच के बाद प्रथम दृष्टया मेयर के पीए गणेश और एक कर्मचारी को दोषी पाया गया था और इन्हें नगर आयुक्त ने अधिष्ठान से अटैच कर दिया था। इसके बाद दो रसीदों में इससे भी बड़ा खेल सामने आया। इसमें एक रसीद में दो लाख रुपये लेने और निगम के खाते में 25 रुपया जमा करने का मामला भी था।
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नगर आयुक्त ने इसको लेकर जांच कमेटी बनाई थी। सूत्रों की मानें तो जांच कमेटी ने जब पान भंडार स्वामी से पूछताछ की तो उसने पैसा देने से मना कर दिया। साथ ही एक शपथ पत्र सौंपा है। इसमें कहा गया है कि उससे किसी कर्मचारी और पीए ने पैसे नहीं लिए हैं। अब इस पूरे मामले में सवाल उठ रहे हैं कि पहले पान भंडार स्वामी ने शिकायत की और रसीद सौंपी। अब वह अपनी बात से क्यों पीछे हट गया। अब जांच कमेटी की निगाहें दूसरी शिकायतकर्ता यशोदा देवी पर टिक गई हैं। यशोदा देवी को सात मार्च को जांच के लिए बुलाया गया है।
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