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आरसी काटने से गुस्साए किसान, जलसंस् थान में प्रदर्शन
Updated Sat, 29 Jul 2017 02:18 AM IST
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हल्द्वानी। जलसंस्थान की ओर से 50 हजार से एक लाख पानी का बिल भेजे जाने और आरसी काटे जाने से गुस्साए गौलापार के किसानों ने ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में जलसंस्थान में प्रदर्शन किया। उन्होंने जलसंस्थान के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ईई का घेराव भी किया। चेतावनी दी कि बिल सही नहीं हुए तो वह उग्र आंदोलन करेंगे।
शुक्रवार को गौलापार के ग्राम प्रधान के नेतृत्व में कई ग्रामीण जलसंस्थान के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि जलसंस्थान की ओर से पानी के बिल भेजे गए हैं। उसमें कई त्रुटियां हैं। कहा कि विभाग की ओर से जहां विभाग की पेयजल लाइन नहीं है वहां के लोगों को भी 50 हजार से एक लाख तक के बिल भेजे गए हैं।
कहा कि गौलापार की लाइनें 2008 से गांव पंचायत के अधीन चल रही है। उसके बाद भी विभाग की ओर से बिल काटे गए हैं। वहीं 100 लोगों की आरसी भी जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान कर्ज में डूबे हुए हैं, गलत आरसी जारी करने से वे सदमे में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की तो वह उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा, ग्राम प्रधान बलजीत सिंह, तारेक बिष्ट, भाष्कर बोरा, जीवन पलड़िया, राजेंद्र चुफाल, पप्पू सिंह, श्याम सिंह, अनिल, जगदीश, सुखदेव, गुरदेव आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को गौलापार के ग्राम प्रधान के नेतृत्व में कई ग्रामीण जलसंस्थान के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि जलसंस्थान की ओर से पानी के बिल भेजे गए हैं। उसमें कई त्रुटियां हैं। कहा कि विभाग की ओर से जहां विभाग की पेयजल लाइन नहीं है वहां के लोगों को भी 50 हजार से एक लाख तक के बिल भेजे गए हैं।
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कहा कि गौलापार की लाइनें 2008 से गांव पंचायत के अधीन चल रही है। उसके बाद भी विभाग की ओर से बिल काटे गए हैं। वहीं 100 लोगों की आरसी भी जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान कर्ज में डूबे हुए हैं, गलत आरसी जारी करने से वे सदमे में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की तो वह उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा, ग्राम प्रधान बलजीत सिंह, तारेक बिष्ट, भाष्कर बोरा, जीवन पलड़िया, राजेंद्र चुफाल, पप्पू सिंह, श्याम सिंह, अनिल, जगदीश, सुखदेव, गुरदेव आदि मौजूद रहे।
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