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श्रम विभाग ने निर्माणाधीन मॉल के छह साझीदारों को जारी किए नोटिस
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:53 AM IST
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हल्द्वानी। आवास विकास के सामने ठंडी सड़क स्थित निर्माणाधीन मॉल में हुए हादसे में तीन मजदूरों की मौत के मामले में श्रम विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। श्रम विभाग ने मॉल के छह साझीदारों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
इसके साथ ही मृतक कर्मकारों के परिजनों को क्षतिपूर्ति दिलाने के संबंध में भी श्रम प्रवर्तन अधिकारी की ओर से श्रम न्यायालय पीठासीन अधिकारी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है।
निर्माणाधीन मॉल में हादसे के बाद इस मामले में संविदा श्रम अधिनियमों की जांच पड़ताल के लिए उपश्रमायुक्त कुमाऊं अनिल पेटवाल ने सहायक श्रमायुक्त कुमाऊं डीसी बिष्ट और श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी कांडपाल के नेतृत्व में जांच टीम गठित की थी। जांच टीम ने निर्माणाधीन मॉल का कई बार निरीक्षण किया मगर वहां कोई श्रमिक नहीं मिला और न ही मॉल स्वामियों की ओर से कोई जानकारी देने ही पहुंचा। सहायक श्रमायुक्त डीसी बिष्ट ने बताया कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में पाया गया कि मॉल के निर्माण में 20 से अधिक मजदूरों के काम करने के बावजूद ठेकेदार ने कांटेक्ट लेबर एक्ट के तहत श्रम विभाग में पंजीकरण नहीं कराया गया। इसके अलावा मॉल के स्वामियों द्वारा मॉल का निर्माण शुरू करने से एक माह पहले श्रम विभाग को कोई सूचना नहीं दी गई। ये दोनों मामले श्रम अधिनियमों के उल्लंघन के दायरे में आते हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी कांडपाल ने सोमवार को भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम की धारा 46 के अंतर्गत मॉल के सभी छह साझीदारों को नोटिस डाक से भेजे गए हैं।
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मृतकों के परिजनों को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए कर्मकार प्रतिकर कानून के अंतर्गत श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। इसके अलावा जल्द ही श्रम विभाग सीजेएम कोर्ट में भी वाद दायर करने की तैयारी कर रहा है।
डीसी बिष्ट, सहायक श्रमायुक्त
इन्हें जारी किया गया नोटिस
गुरुविंदर सिंह, जयदीप सिंह, जसलीन कौर, बाल किशन, प्रवीन कुमार और मोहम्मद तसलीम
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इसके साथ ही मृतक कर्मकारों के परिजनों को क्षतिपूर्ति दिलाने के संबंध में भी श्रम प्रवर्तन अधिकारी की ओर से श्रम न्यायालय पीठासीन अधिकारी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है।
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निर्माणाधीन मॉल में हादसे के बाद इस मामले में संविदा श्रम अधिनियमों की जांच पड़ताल के लिए उपश्रमायुक्त कुमाऊं अनिल पेटवाल ने सहायक श्रमायुक्त कुमाऊं डीसी बिष्ट और श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी कांडपाल के नेतृत्व में जांच टीम गठित की थी। जांच टीम ने निर्माणाधीन मॉल का कई बार निरीक्षण किया मगर वहां कोई श्रमिक नहीं मिला और न ही मॉल स्वामियों की ओर से कोई जानकारी देने ही पहुंचा। सहायक श्रमायुक्त डीसी बिष्ट ने बताया कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में पाया गया कि मॉल के निर्माण में 20 से अधिक मजदूरों के काम करने के बावजूद ठेकेदार ने कांटेक्ट लेबर एक्ट के तहत श्रम विभाग में पंजीकरण नहीं कराया गया। इसके अलावा मॉल के स्वामियों द्वारा मॉल का निर्माण शुरू करने से एक माह पहले श्रम विभाग को कोई सूचना नहीं दी गई। ये दोनों मामले श्रम अधिनियमों के उल्लंघन के दायरे में आते हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी कांडपाल ने सोमवार को भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम की धारा 46 के अंतर्गत मॉल के सभी छह साझीदारों को नोटिस डाक से भेजे गए हैं।
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मृतकों के परिजनों को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए कर्मकार प्रतिकर कानून के अंतर्गत श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। इसके अलावा जल्द ही श्रम विभाग सीजेएम कोर्ट में भी वाद दायर करने की तैयारी कर रहा है।
डीसी बिष्ट, सहायक श्रमायुक्त
इन्हें जारी किया गया नोटिस
गुरुविंदर सिंह, जयदीप सिंह, जसलीन कौर, बाल किशन, प्रवीन कुमार और मोहम्मद तसलीम