{"_id":"5a245a9c4f1c1b156b8ba158","slug":"71512331932-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निकायों में हर हाल में जीत का फार्मूला तलाशने में जुटी भाजपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निकायों में हर हाल में जीत का फार्मूला तलाशने में जुटी भाजपा
Updated Mon, 04 Dec 2017 01:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। निकाय चुनाव को लेकर अब भाजपा दोहरे दबाव में है। हल्द्वानी में 17 दिसंबर को प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाजपा इस दबाव का सामना करने की तैयारी भी कर रही है। कार्यसमिति से ठीक पहले ही प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में हल्द्वानी में हो रही है और इस बैठक में निकाय चुनाव को लेकर रणनीति तय होगी।
प्रदेश में इस समय आठ निगम हैं। पिछले निकाय चुनाव के दौरान भाजपा ने छह में से पांच निगमों पर कब्जा किया था। उत्तर प्रदेश में जीत के बाद अब भाजपा को प्रदेश में आठ निगमों की परीक्षा से भी गुजरना है। इस स्थिति को देखते हुए ही भाजपा अब निगम चुनाव में भी जीत हासिल करने का दबाव महसूस करने लगी है। उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव के बाद से ही यह दबाव अब भाजपा के नेताओं पर खुलकर दिखने लगा है। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक गैरसैंण के विधानसभा सत्र के तुरंत बाद ही हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति प्रस्तावित है। 17 दिसंबर को हो रही कार्यसमिति में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, भाजपा के सांसद, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट सहित अन्य नेता शामिल होंगे। भाजजा की यह कार्यसमिति संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा के लिए हर तिमाही होने वाली बैठकों मेें से एक हैं। विधानसभा सत्र के तुरंत बाद और निकाय चुनाव को देखते हुए इस कार्ययमिति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यही वजह है कि प्रदेश कार्यसमिति से ठीक पहले 16 दिसंबर को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक भी हल्द्वानी में हो रही है। इस बैठक में पार्टी स्तर पर निकाय चुनाव की रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है। मुसीबत यह है कि भाजपा परिसीमन के हथियार के जरिये ही निकायों में जीत के समीकरण तय करने की कोशिश में है। इसके लिए दिन रात एक किया जा रहा है। भाजपा की इस कोशिश को भांपते हुए कांग्रेस ने निकायों केपरिसीमन का खुलकर विरोध करना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में भाजपा को अब यह भी देखना पड़ रहा है कि परिसीमन के मामले को किस हद तक खींचा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश में इस समय आठ निगम हैं। पिछले निकाय चुनाव के दौरान भाजपा ने छह में से पांच निगमों पर कब्जा किया था। उत्तर प्रदेश में जीत के बाद अब भाजपा को प्रदेश में आठ निगमों की परीक्षा से भी गुजरना है। इस स्थिति को देखते हुए ही भाजपा अब निगम चुनाव में भी जीत हासिल करने का दबाव महसूस करने लगी है। उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव के बाद से ही यह दबाव अब भाजपा के नेताओं पर खुलकर दिखने लगा है। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक गैरसैंण के विधानसभा सत्र के तुरंत बाद ही हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति प्रस्तावित है। 17 दिसंबर को हो रही कार्यसमिति में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, भाजपा के सांसद, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट सहित अन्य नेता शामिल होंगे। भाजजा की यह कार्यसमिति संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा के लिए हर तिमाही होने वाली बैठकों मेें से एक हैं। विधानसभा सत्र के तुरंत बाद और निकाय चुनाव को देखते हुए इस कार्ययमिति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विज्ञापन
यही वजह है कि प्रदेश कार्यसमिति से ठीक पहले 16 दिसंबर को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक भी हल्द्वानी में हो रही है। इस बैठक में पार्टी स्तर पर निकाय चुनाव की रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है। मुसीबत यह है कि भाजपा परिसीमन के हथियार के जरिये ही निकायों में जीत के समीकरण तय करने की कोशिश में है। इसके लिए दिन रात एक किया जा रहा है। भाजपा की इस कोशिश को भांपते हुए कांग्रेस ने निकायों केपरिसीमन का खुलकर विरोध करना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में भाजपा को अब यह भी देखना पड़ रहा है कि परिसीमन के मामले को किस हद तक खींचा जा सकता है।
विज्ञापन