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लालकुआं विधानसभा के सबसे दूरस्थ बूथ से लाइव
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Mahasangram Live
- फोटो : Amar Ujala
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हल्द्वानी। लालकुआं विधानसभा क्षेत्र का सबसे दूरस्थ बूथ बौड़ खत्ते में हैं। लालकुआं तहसील मुख्यालय से इसकी दूरी 20 किमी है। जंगल के बीच बसे इस खत्ते में आने-जाने के लिए गौला नदी को पार करना पड़ता है। बरसात में इसका संपर्क लालकुआं से कट जाता है। लोग लालकुआं आने-जाने के लिए किच्छा और गौलापार ये ही रास्ता बचता है। यहां बनी वन विभाग की चौकीभी जीर्णशीर्ण हो चुकी है। लोगों की आय का मुख्य साधन पशुपालन और खेती है। इस बूथ में 382 वोटर हैं। इनमें से 78 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया।
बौड़ खत्ता निवासी कुंदन सिंह, गंगा सिंह, महेश चंद्र, कुंदन नेगी, ललित रावत, मो. उमर ने बताया कि सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य की सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि खत्ते में लाइट नहीं पहुंची है। जंगली जानवरों का हर समय खतरा रहता है। जनप्रतिनिधियों से जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए कई बार सोलर फेंसिंग की मांग की गई, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई। लोगों ने कहा कि मोबाइल में सिग्नल तक नहीं आते हैं। बात करने के लिए गौला नदी के किनारे आना पड़ता है। कहा कि इस बार उन्होंने एक बार फिर विकास की उम्मीद में वोट दिया है।
गांव में पेयजल के अलावा कोई सुविधा नहीं
घने जंगल के बीच बसा है बौड़ खत्ता
स्वास्थ्य सेवाएं तो दूर, बच्चों के लिए स्कूल तक नहीं
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बौड़ खत्ता निवासी कुंदन सिंह, गंगा सिंह, महेश चंद्र, कुंदन नेगी, ललित रावत, मो. उमर ने बताया कि सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य की सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि खत्ते में लाइट नहीं पहुंची है। जंगली जानवरों का हर समय खतरा रहता है। जनप्रतिनिधियों से जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए कई बार सोलर फेंसिंग की मांग की गई, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई। लोगों ने कहा कि मोबाइल में सिग्नल तक नहीं आते हैं। बात करने के लिए गौला नदी के किनारे आना पड़ता है। कहा कि इस बार उन्होंने एक बार फिर विकास की उम्मीद में वोट दिया है।
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गांव में पेयजल के अलावा कोई सुविधा नहीं
घने जंगल के बीच बसा है बौड़ खत्ता
स्वास्थ्य सेवाएं तो दूर, बच्चों के लिए स्कूल तक नहीं